राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय:RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा जनसंख्या नियंत्रण और UCC को लागू करने के लिए जनसहयोग जरूरी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय “डॉ. हेडगेवार भवन” नागपुर, महाराष्ट्र में स्थित है।
दिल्ली में इसका प्रमुख कार्यालय “केशव कुंज”, झंडेवालान में है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय:RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा जनसंख्या नियंत्रण और UCC को लागू करने के लिए जनसहयोग जरूरी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि जनसंख्या नियंत्रण नीतियों और समान नागरिक संहिता (UCC) को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए जनसहयोग और लोगों में जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने मैसूरु में “Social Harmony as a Catalyst for National Development” विषय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि केवल कानून बना देने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि समाज की भागीदारी आवश्यक होती है। भागवत ने यह भी कहा कि लोगों को पहले शिक्षित और जागरूक करना चाहिए ताकि नीतियों को व्यापक समर्थन मिल सके।
भागवत ने जाति आधारित राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक समाज खुद जातिगत पहचान से ऊपर नहीं उठेगा, तब तक राजनीति में जाति का उपयोग होता रहेगा। उन्होंने विभिन्न समुदायों और धर्मों के बीच सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
Uniform Civil Code (UCC) को लेकर उन्होंने पहले भी देशभर में इसे लागू करने का समर्थन किया था और कहा था कि इससे समाज में एकरूपता और समानता बढ़ेगी
Uniform Civil Code (UCC) / समान नागरिक संहिता भारत में ऐसा कानून बनाने का विचार है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए चाहे उनका धर्म कोई भी हो विवाह, तलाक, गोद लेना, उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारे जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान नियम लागू हों।
अभी भारत में अलग-अलग धर्मों के लिए अलग “पर्सनल लॉ” लागू हैं, जैसे:
हिंदू कानून
मुस्लिम पर्सनल लॉ
ईसाई विवाह कानून
पारसी कानून आदि
UCC लागू होने पर इनकी जगह एक समान नागरिक कानून लागू किया जा सकता है।
संविधान में क्या प्रावधान है?
भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों में अनुच्छेद 44 कहता है कि राज्य पूरे देश में नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करेगा।
Article 44 of the Constitution of India:-
UCC के समर्थक क्या कहते हैं?
समर्थकों का मानना है कि इससे:
सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे
महिलाओं को अधिक न्याय और समानता मिलेगी
कानूनों में एकरूपता आएगी
धर्म के आधार पर अलग-अलग नियम खत्म होंगे
विरोध करने वालों की चिंताएँ
विरोध करने वाले कहते हैं कि:
इससे धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है
अलग-अलग समुदायों की परंपराएँ और रीति-रिवाज कमजोर पड़ सकते हैं
भारत की सांस्कृतिक विविधता पर असर पड़ सकता है
अभी की स्थिति
भारत में पूरे देश में UCC लागू नहीं है। हालांकि, उत्तराखंड (Uttarakhand) ने 2024 में अपना UCC कानून लागू किया है। इसके अलावा Goa में लंबे समय से एक समान सिविल कानून जैसी व्यवस्था लागू है, जिसे अक्सर UCC का उदाहरण माना जाता है।
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