न्युयॉर्क: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति पद का दुरूपयोग कर रहे हैं।

न्युयॉर्क: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा डोनाल्ड ट्रम्प राष्ट्रपति पद का दुरूपयोग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट:अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने पद का दुरूपयोग कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल दस्तावेज के मुताबिक 11 से पहली किस्त जारी किया जायेगा। अमेरिकी सरकार द्वारा लागू किए गए टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार देने के बाद अब करीब 166 अरब डॉलर की वापसी प्रकिया शुरू हो चुकी है।हाल के फैसलों में कोर्ट ने ट्रम्प की कुछ नीतियों (जैसे टैरिफ) को रोका है।

राष्ट्रपति ने अपनी सीमा पार की है। सुप्रीम कोर्ट नीतियों और कानूनों की वैधता तय करता है।
प्राइवेसी और टेक केस (चल रहा मामला) कोर्ट अभी “जियोफेंस वारंट” (लोकेशन डेटा) पर भी विचार कर रहा है,कि क्या यह नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन है। टैरिफ  पर बड़ा फैसला 01/05/2026 सबसे अहम केस था। ,लर्निंग रिसोर्सेज़, इंक. बनाम ट्रंप। फैसले में युनाइटेड स्टेट्स ऑफ सुप्रीम कोर्ट ने कहा राष्ट्रपति (यानी डोनाल्ड ट्रम्प) अपने आप टैरिफ नहीं लगा सकते। 1977 का कानून (I E E P A) उन्हें यह शक्ति नहीं देता है। मतलब कोर्ट ने यह नहीं कहा कि “ट्रम्प ने पद का दुरुपयोग किया” बल्कि यह कहा कि उन्होंने अपने अधिकार से बाहर जाकर काम किया।
चुनावी नक्शा (पुनर्वितरण) केस01-05-2026.
हाल में कोर्ट ने टेक्सास का एक नया चुनावी नक्शा बहाल किया, जो रिपब्लिकन पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।

इसका असर: कांग्रेस की सीटों का संतुलन बदल सकता है चुनावी राजनीति पर बड़ा प्रभाव।

चुनावी नक्शा (पुनर्वितरण)केस 01-05–2026।

हाल में कोर्ट ने टेक्सास का एक नया चुनावी नक्शा बहाल किया, जो रिपब्लिकन पार्टी के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
इसका असर: कांग्रेस की सीटों का संतुलन बदल सकता है,चुनावी राजनीति पर बड़ा प्रभाव।मतदान के अधिकार / लुइसियाना / केस एक और अहम केस (जैसे लुइसियाना बनाम कैलाइंस न्यायालय)  में कोर्ट ने कहा कि हर राज्य को “अधिक अल्पसंख्यक जिले बनाना ही होगा”ऐसा जरूरी नहीं
इससे वोटिंग राइट्स एक्ट  की व्याख्या सीमित हुई
इसका मतलब कोर्ट ने संविधान की व्याख्या की,
लेकिन सीधे किसी राष्ट्रपति को दोषी नहीं ठहराया। प्राइवेसी और टेक केस (चल रहा मामला) कोर्ट अभी “ जियोफेंस वारंट” (लोकेशन डेटा) पर भी विचार कर रहा है, कि क्या यह नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन है।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें