नई दिल्ली: ब्रिक्स (BRICS) बैठकों में आतंकवाद के खिलाफ नई रणनीति।

ब्रिक्स (BRICS) बैठकों में आतंकवाद के खिलाफ नई रणनीति।
भारत में ब्रिक्स बैठक वित्तपोषण से निपटने के लिए।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद, साइबर-आतंक, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण से निपटने के लिए अपनी संयुक्त रणनीति को अपडेट करने पर सहमति दी।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद और साइबर अपराध के खिलाफ संयुक्त रणनीति मजबूत की

नई दिल्ली/ब्रासीलिया: ब्रिक्स (BRICS) देशों ने आतंकवाद, साइबर-आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण से निपटने के लिए अपनी संयुक्त रणनीति को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। हाल ही में आयोजित ब्रिक्स बैठक में सदस्य देशों ने वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर मुकाबला करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में नेताओं ने कहा कि बदलती वैश्विकपरिस्थितियों में आतंकवादी संगठन आधुनिक तकनीकों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं। इसे देखते हुए साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा।

ब्रिक्स देशों ने यह भी निर्णय लिया कि आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणालियों में समन्वय बढ़ाया जाएगा। साथ ही संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने और सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज करने पर सहमति बनी।

बैठक में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करने की बात भी कही गई। नेताओं ने दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी प्रकार के आतंकवाद को समर्थन नहीं दिया जाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिक्स देशों की यह पहल वैश्विक सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकती है, क्योंकि समूह में दुनिया की बड़ी आबादी और प्रमुख उभरती अर्थ व्यवस्थाएँ शामिल हैं।

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