वाशिंगटन, एजेंसी। नई दिल्ली, 20 मई।
अमेरिका ने रूसी तेल पर 30 दिन की राहत दी।
भारत समेत कई देशों को मिलेगी बड़ी राहत, वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता की उम्मीद।
भारत को सस्ता रूसी तेल मिलता रहेगा।
वॉशिंगटन/नई दिल्ली, 20 मई।
अमेरिका ने रूसी समुद्री तेल (Russian Seaborne Oil) से जुड़े प्रतिबंधों में 30 दिनों की अतिरिक्त छूट देने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के इस कदम से भारत सहित उन देशों को राहत मिलने की उम्मीद है जो रियायती दरों पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं।
अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, यह छूट उन तेल कार्गो पर लागू होगी जो पहले से समुद्र में लदे हुए हैं या जिनकी आपूर्ति प्रक्रिया जारी है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति बनी रहेगी और कीमतों पर अचानक दबाव नहीं पड़ेगा। भारत, जो पिछले दो वर्षों में रूस से तेल आयात करने वाले प्रमुख देशों में शामिल रहा है, को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह अपने आर्थिक हितों के आधार पर तेल खरीद जारी रखेगा। भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को भी इस राहत से कुछ समय के लिए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ता है तो अमेरिका भविष्य में भी इसी तरह की अस्थायी राहत दे सकता है। हालांकि, अमेरिका के भीतर कुछ राजनीतिक समूहों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे रूस को आर्थिक लाभ मिलेगा।
असर एक नजर में:-
भारत को सस्ता रूसी तेल मिलता रहेगा।
पेट्रोल-डीजल कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
वैश्विक तेल बाजार में अस्थायी स्थिरता।
रूस के तेल निर्यात को राहत।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें