तेहरान:- गाज़ा, लेबनान और ईरान सब कैसे जुड़े हुए हैं।

तेहरान: गाजा, लेबनान और ईरान सब कैसे जुड़े हुए हैं।

युद्ध जब भी शुरू हुई इसका असर आम जनता को भुगतना पड़ा।

शुरुआत:- 1948 Arab–Israeli War इज़रायल के बनने के बाद कई अरब देशों से युद्ध हुआ तभी से क्षेत्र में दुश्मनी की नींव पड़ गई। Hamas vs Israel (गाज़ा) गाज़ा में Hamas का कंट्रोल इज़रायल और Hamas के बीच बार-बार युद्ध इसमें ईरान, Hamas को भी समर्थन देता है।


2. हिजबुल्लाह का उभरना (1980s)लेबनान में यह संगठन बना ईरान ने इसे सपोर्ट किया
इसका मुख्य मकसद:- इज़रायल के खिलाफ लड़ना गाज़ा, लेबनान और ईरान सीधे भौगोलिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं, लेकिन ये तीनों जगहें राजनीतिक,सैन्य और वैचारिक स्तर पर आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं,खासकर मध्य पूर्व के संघर्षों के संदर्भ में।इसे आसान तरीके से समझते हैं।
1.गाजा:- (गाज़ा पट्टी) गाजा फिलिस्तीन का एक छोटा क्षेत्र है।
यहां मुख्य रूप से हमास का नियंत्रण है।हमास इजराइल के खिलाफ लड़ता है और खुद को फिलिस्तीन की"प्रतिरोध शक्ति” मानता है।
2. लेबनान (लेबनान):-लेबनान में एक शक्तिशाली संगठन है।
हिजबुल्ला:- हिजबुल्लाह भी इज़राइल के खिलाफ है और कई बार इज़राइल से युद्ध कर चुका है।यह संगठन लेबनान की राजनीति और सेना दोनों में प्रभाव रखता है।
3. ईरान (ईरान)
ईरान इन दोनों (हमास और हिज़्बुल्लाह) का मुख्य समर्थक माना जाता है। ईरान उन्हें पैसे (funding) हथियार प्रशिक्षण
देता है। ईरान खुद इज़राइल का विरोध करता है और उसे अपना बड़ा दुश्मन मानता है।
4. ये तीनों कैसे जुड़े हैं:- 
इनका कनेक्शन मुख्यतः “इज़राइल के खिलाफ गठबंधन” से है। ईरान समर्थन देता है हिजबुल्ला (लेबनान में)उत्तरी सीमा से दबाव बनाता है हमास (गाज़ा में)दक्षिण से हमला करता है यानी इज़राइल को दो तरफ से घेरने जैसी स्थिति बनती है।

5. इसे “Axis of Resistance” कहा जाता है
ईरान, हिज़्बुल्लाह, हमास और कुछ अन्य समूह मिलकर एक अनौपचारिक गठबंधन बनाते हैं।
इसका उद्देश्य::- इज़राइल का विरोध अमेरिका के प्रभाव को कम करना।

6.निष्कर्ष:(सरल भाषा में)गाज़ा हमास (इज़राइल से लड़ता है)
लेबनान हिजबुल्लाह (इज़राइल से लड़ता है)ईरान दोनों को  सपोर्ट करता है इसलिए ये तीनों एक ही“पक्ष”में माने जाते हैं



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