वाशिंगटन एजेंसी: नासा के वैज्ञानिकों ने 27 ऐसे ग्रह की खोज की है जो दो यारों के बीचोंबीच चक्कर लगाती है।

वाशिंगटन एजेंसी: नासा के वैज्ञानिकों ने 27 ऐसे ग्रह की खोज की है जो दो यारों के बीचोंबीच चक्कर लगाती है।

वैज्ञानिकों ने 27 ऐसे ग्रह की खोज की है जो दो यारों के बीचों-बीच चक्कर लगाती है।

नासा (NASA) के वैज्ञानिकों ने ऐसे कई ग्रह खोजे हैं जिन्हें सर्कम्बाइनरी प्लैनेट कहा जाता है। इसका मतलब है कि ये ग्रह दो तारों (बिनरी स्टार) के चारों ओर घूमते हैं,यानी जैसे हमारा पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, वैसे ये ग्रह दो सूर्यों के चारों ओर एक साथ चक्कर लगाते हैं।

क्या सच है:-वैज्ञानिकों ने अब तक दर्जनों ऐसे ग्रह खोजे हैं (लगभग 20–30 के आसपास, समय के साथ संख्या बढ़ती रहती है) ये ग्रह “दो यारों” नहीं बल्कि दो तारों (स्टार) के बीच के गुरुत्वाकर्षण में रहते हैं,इन्हें ढूंढने में केप्लर स्पेस टेलिस्कोप जैसी मिशनों की बड़ी भूमिका रही है।

यह खास क्यों है:-ऐसे सिस्टम में गुरुत्वाकर्षण बहुत जटिल होता है,फिर भी ग्रह स्थिर कक्षा में बने रह सकते हैं,यह दिखाता है कि ब्रह्मांड में ग्रह बनने के तरीके हमारी कल्पना से कहीं ज़्यादा विविध हैं।

 


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