नई दिल्ली: राज्यसभा: संजय सिंह ने संसद में रेलवे कुली के लिए कहा कि अभी तक रेलवे में समायोजित क्यों नहीं किया गया है।

नई दिल्ली: राज्यसभा: संजय सिंह ने संसद में रेलवे कुली के लिए कहा कि अभी तक रेलवे में समायोजित क्यों नहीं किया गया है।

राज्य सभा में संजय सिंह ने रेलमंत्री को रेलवे कुलियों के बारे क्या कहा।

हाल का अपडेट (ताज़ा जानकारी)


संजय सिंह ने कहा कि रेलवे के निजीकरण की वजह से कुलियों की नौकरी और आय पर बुरा असर पड़ा है।

संजय सिंह (संसद) ने राज्यसभा में रेलवे कुलियों (पोर्टर्स) के मुद्दे पर कई अहम बातें उठाईं। उनका मुख्य फोकस इन कामगारों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारने पर था।

उन्होंने जिन मुद्दों पर आवाज उठाई, उनमें शामिल हैं:-

नियमित आय और वेतन: -

कुलियों की कमाई अनिश्चित होती है, इसलिए उन्होंने उनके लिए न्यूनतम आय या फिक्स्ड वेतन की व्यवस्था की मांग की। भारतीय रेलवे के तहत काम करने के बावजूद 

कुलियों को पेंशन:-

बीमा और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलतीं इस पर उन्होंने सवाल उठाया।

पहचान और सम्मान: 

कुलियों को अक्सर असंगठित श्रमिक की तरह देखा जाता है, जबकि वे रेलवे सिस्टम का अहम हिस्सा हैं।इसलिए उनके सम्मान और अधिकारों को मान्यता देने की बात कही।

डिजिटल और ऐप सिस्टम का असर: 

नई तकनीकों और ऐप आधारित सेवाओं के कारण कुलियों की रोज़गार पर असर पड़ रहा है इस पर भी उन्होंने चिंता जताई।

कोविड के बाद की स्थिति:

महामारी के दौरान कुलियों की आय लगभग खत्म हो गई थी,इसलिए उनके पुनर्वास और सहायता की मांग की।

संजय सिंह ने सरकार से यह भी अपील की कि कुलियों के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए, ताकि उनका जीवन अधिक सुरक्षित और स्थिर हो सके।



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