बिहार: सोनपुर डिवीजन के अंतर्गत बरौनी जंक्शन जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाता है।
बरौनी जंक्शन रेलवे पार्सल सेवा के निजीकरण (ठेके पर देने) के बाद ठेकेदार की मनमानी की शिकायतें कई जगहों पर देखने को मिलती हैं। बरौनी जंक्शन जैसे बड़े रेलवे स्टेशन पर यह मुद्दा और भी संवेदनशील हो जाता है।
समस्या क्या है:-निजीकरण के बाद आम तौर पर ये दिक्कतें सामने आती हैं,अतिरिक्त शुल्क वसूली: तय दरों से ज्यादा पैसे मांगे जाते हैं,पार्सल लेने-देने में देरी,मनमाने नियम लागू करना,शिकायत करने पर सुनवाई में कमी
ऐसा क्यों होता है:-
Indian Railways जब पार्सल सेवाओं को ठेके पर देता है, तो निगरानी कमजोर होने पर ठेकेदार अपनी शर्तें थोपने लगते हैं। स्थानीय स्तर पर जवाबदेही कम होने से यह समस्या बढ़ जाती है।
यात्रियों/ग्राहकों के लिए क्या करें:-अगर आप ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो ये कदम मदद कर सकते हैं।
लिखित रसीद जरूर लें – हर भुगतान का प्रमाण रखें
आधिकारिक दरों की जानकारी रखें।शिकायत दर्ज करें,रेलवे हेल्पलाइन 139, रेल मदद ऐप,स्टेशन मास्टर या पार्सल ऑफिस में लिखित शिकायत,सोशल मीडिया पर शिकायत (जैसे ट्विटर/X) – रेलवे अक्सर जल्दी प्रतिक्रिया देता है,समाधान क्या हो सकता है? रेलवे को सख्त निगरानी और नियमित ऑडिट करना चाहिए,ठेकेदारों पर पेनल्टी सिस्टम लागू होना चाहिए।स्टेशन पर दर सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए।
यहाँ एक मजबूत और प्रभावी शिकायत पत्र का ड्राफ्ट है, जिसे आप सीधे इंडियन Railways को भेज सकते हैं या रेल मदद एप पर अपलोड कर सकते हैं।
सेवा में,
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM )
पूर्व मध्य रेलवे
विषय: बरौनी जंक्शन पार्सल कार्यालय में ठेकेदार की मनमानी एवं अवैध वसूली के संबंध में शिकायत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं दिनांक ___ को बरौनी जंक्शन के पार्सल कार्यालय में अपना सामान बुक/रिसीव करने गया था। वहाँ पर कार्यरत ठेकेदार/कर्मचारियों द्वारा अत्यंत मनमाना व्यवहार किया गया।
मेरी मुख्य शिकायतें निम्नलिखित हैं:-निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की मांग की गई। शुल्क का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया। रसीद देने में आनाकानी की गई / रसीद नहीं दी गई। अनावश्यक देरी कर परेशान किया गया।
विरोध करने पर कर्मचारियों का व्यवहार असंतोषजनक एवं असहयोगात्मक रहा। यह स्थिति न केवल आम जनता के साथ अन्याय है, बल्कि रेलवे की छवि को भी धूमिल करती है।
अतः आपसे निवेदन है कि:इस मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। संबंधित ठेकेदार/कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। पार्सल कार्यालय में निर्धारित शुल्क सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित कराई जाए।
भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निगरानी की जाए।
संलग्न: (यदि कोई प्रमाण हो जैसे रसीद/फोटो/वीडियो)
भवदीय,
नाम: _______
मोबाइल नंबर: _______
पता: _______
दिनांक: _______
कैसे भेजें:-
रेल मदद ऐप में “पार्सल” कैटेगरी चुनकर,139 पर कॉल करके या स्टेशन पर लिखित रूप में जमा करें।
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