नई दिल्ली। ओवैसी का विवादित भाषण, विरोधियों ने किया भड़काऊ करार।

नई दिल्ली। ओवैसी का विवादित भाषण, विरोधियों ने किया भड़काऊ करार।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि सार्वजनिक स्थलों पर नमाज पढ़ने  से आम नागरिकों को तकलीफ़ होती है।

नई दिल्ली, 2 जून 2026:

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में एक सार्वजनिक भाषण दिया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में भारी चर्चा हो रही है। 

भाषण में ओवैसी ने सड़क पर नमाज़ पढ़ने को लेकर उठ रहे विवाद पर बात करते हुए कहा कि यदि इसे गलत माना जाता है, तो सार्वजनिक जगहों पर होने वाले अन्य धार्मिक आयोजनों पर भी समान नियम लागू होने चाहिए। 

उन्होंने इसे “दोहरा मापदंड” बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला दिया।

ओवैसी के इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने इसे भड़काऊ भाषण करार दिया है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक और धार्मिक संवेदनाओं को भड़का सकते हैं। 

वहीं, ओवैसी के समर्थकों का कहना है कि उनका मकसद धार्मिक समानता और संविधान के अधिकारों की रक्षा को उजागर करना था।

हालांकि, प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं की है। 

लेकिन इससे पहले भी ओवैसी के भाषणों को लेकर नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

सियासी माहौल में इस भाषण ने नई बहस को जन्म दिया है और आने वाले दिनों में इसकी गूंज राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर सुनाई दे सकती है।

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