ब्रासीलिया। सु-आपे। ब्राजील। गन्ने के रस से बनेगी बिजली, विश्व। दुनिया का पहला इथेनॉल इंजन तैयार।
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| गन्ने के रस से इथेनॉल तैयार ब्रासीलिया/सुआपे, ब्राज़ील। |
विशेषज्ञों के अनुसार गन्ने के रस को पहले किण्वन (फर्मेंटेशन) और आसवन (डिस्टिलेशन) प्रक्रिया से इथेनॉल में बदला जाता है। इसके बाद इस इथेनॉल का उपयोग विशेष रूप से विकसित इंजन में ईंधन के रूप में किया जाता है। इंजन से प्राप्त यांत्रिक ऊर्जा जनरेटर को चलाती है, जिससे बिजली का उत्पादन होता है।
ब्रासीलिया/सुआपे (ब्राज़ील):
ब्राज़ील में गन्ने से बने इथेनॉल का उपयोग करके बिजली उत्पादन के लिए दुनिया का पहला बड़े पैमाने का इथेनॉल-चालित इंजन तैयार किया गया है। यह परियोजना ब्राज़ील की कंपनी Suape Energia और फ़िनलैंड की Wärtsilä के सहयोग से विकसित की गई है।
इस इंजन में लगभग 90% इथेनॉल और 10% बायोडीज़ल का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य गन्ने से प्राप्त नवीकरणीय ईंधन के जरिए बिजली पैदा करना और कार्बन उत्सर्जन कम करना है।
परियोजना फिलहाल परीक्षण चरण में है और इसकी प्रारंभिक उत्पादन क्षमता लगभग 4 मेगावाट बताई गई है। यदि परीक्षण सफल रहते हैं, तो इथेनॉल का उपयोग केवल वाहनों में ही नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन में भी किया जा सकेगा।
संक्षेप में:
गन्ने से बने इथेनॉल को ईंधन बनाकर बिजली पैदा करने वाला दुनिया का पहला बड़े पैमाने का इंजन ब्राज़ील में तैयार हुआ है, जो स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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