अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रोका, दोनों देशों की कूटनीतिक कोशिशों को झटका।
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| आतंकवादी सूची में शामिल कराने के लिए सदस्य देशों को ठोस और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना होगा। |
न्यूयॉर्क, 11 जून। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन को उस समय बड़ा कूटनीतिक झटका लगा जब अमेरिका ने दोनों देशों के उस प्रस्ताव को रोक दिया, जिसमें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को संयुक्त राष्ट्र की 1267 आतंकवाद प्रतिबंध सूची में शामिल करने की मांग की गई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य BLA को अल-कायदा या आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों से जोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत किसी संगठन को सूचीबद्ध करने के लिए ऐसे संबंधों का प्रमाण आवश्यक माना जाता है।
इस फैसले को पाकिस्तान और चीन की संयुक्त कूटनीतिक पहल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दोनों देश लंबे समय से BLA को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठन घोषित कराने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका के रुख के बाद यह प्रयास फिलहाल सफल नहीं हो सका।
विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि किसी संगठन को वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल कराने के लिए सदस्य देशों को ठोस और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना होगा।

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