भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे IAS संजीव हंस पर कड़ी कार्रवाई की मांग, जनता में आक्रोश।
बेगूसराय/पटना। बिहार कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Sanjeev Hans पर लगे भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को लेकर जनता के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोष सिद्ध होने पर कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियों द्वारा की गई जांच में संजीव हंस और उनके सहयोगियों पर भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग तथा कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की थी।
सूत्रों के अनुसार, संजीव हंस से जुड़े मामलों में कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता और अन्य गंभीर आरोपों की जांच चल रही है। हाल के वर्षों में उनके खिलाफ कई मामलों में एजेंसियों की कार्रवाई चर्चा का विषय रही है।
बेगूसराय सहित बिहार के विभिन्न जिलों में लोगों का कहना है कि यदि किसी भी अधिकारी पर लगे आरोप अदालत में सिद्ध होते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, कानून के अनुसार किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक निर्दोष माना जाता है।
जनता का एक वर्ग प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की मांग कर रहा है तथा चाहता है कि भ्रष्टाचार के मामलों का शीघ्र निपटारा हो ताकि दोषियों को सजा और निर्दोषों को न्याय मिल सके।
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