रूस और पाकिस्तान समझौते पर चर्चा तेज, क्या रूस भारत का दुश्मन बन रहा है?

रूस और पाकिस्तान समझौते पर चर्चा तेज, क्या रूस भारत का दुश्मन बन रहा है?
दोनों देशों ने गैस पाइपलाइन, तेल व्यापार और रेलवे सहयोग जैसे कई समझौतों पर काम किया है। 
नई दिल्ली। रूस और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, व्यापार और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। 


दोनों देशों ने गैस पाइपलाइन, तेल व्यापार और रेलवे सहयोग जैसे कई समझौतों पर काम किया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपनी वैश्विक रणनीति के तहत पाकिस्तान के साथ भी रिश्ते मजबूत कर रहा है।

हालांकि, रूस के पाकिस्तान से बढ़ते संबंधों को भारत के खिलाफ कदम मानना जल्दबाजी होगी। 

हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। 

दोनों देशों ने 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग जारी है।

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने और उन्नत सैन्य तकनीक पर साथ काम करने की इच्छा भी जताई है। 

हाल की रिपोर्टों में रूस द्वारा भारत को उन्नत लड़ाकू विमान परियोजनाओं में सहयोग की पेशकश का उल्लेख किया गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि रूस आज "बहु-स्तरीय विदेश नीति" अपना रहा है। 

इसलिए वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है। 

लेकिन आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भारत अभी भी रूस का कहीं अधिक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।

निष्कर्ष: रूस और पाकिस्तान के बीच समझौते हुए हैं, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि रूस भारत का दुश्मन बन गया है। 

रूस और भारत के संबंध अभी भी मजबूत रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।

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