भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग।(महाराष्ट्र)। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, दर्शन को लेकर बढ़ा उत्साह।

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भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, दर्शन को लेकर बढ़ा उत्साह।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग दर्शन करने का महत्व।

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

महादेव के दरबार में भक्तों की भीड़, भीमाशंकर बना आस्था का केंद्र।

सह्याद्रि की वादियों में गूंजा हर-हर महादेव, भीमाशंकर में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या।

भीमाशंकर (महाराष्ट्र), संवाददाता।

सह्याद्रि पर्वतमाला की गोद में स्थित Bhimashankar Jyotirlinga में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। 

भगवान शिव के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में शामिल यह तीर्थस्थल देशभर से आने वाले भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव ने दैत्य भीम का संहार कर इसी स्थान पर ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होकर भक्तों को दर्शन दिए थे। यही कारण है कि इस पवित्र धाम को "भीमाशंकर" के नाम से जाना जाता है।

श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख, 

शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। विशेष रूप से श्रावण मास, सोमवार और 

महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

मंदिर परिसर प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है। 

घने जंगलों और वन्यजीव अभयारण्य के बीच स्थित यह तीर्थ धार्मिक महत्व के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों को भी आकर्षित करता है। 

यहां से निकलने वाली भीमा नदी क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण नदी मानी जाती है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि भीमाशंकर धाम में पहुंचते ही एक अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है। 

मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और धार्मिक वातावरण भक्तों को शिवभक्ति में लीन कर देता है।


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