वाशिंगटन/चेन्नई।अमेरिकी सरकार में एआई नीति सलाहकार बने श्रीराम कृष्णन।

वॉशिंगटन/चेन्नई। भारतीय मूल के प्रख्यात तकनीकी उद्यमी और निवेशक Sriram Krishnan को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन में सीनियर पॉलिसी एडवाइज़र फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति दिसंबर 2024 में घोषित हुई और उन्होंने जनवरी 2025 से व्हाइट हाउस में कार्यभार संभाला।

कौन हैं श्रीराम कृष्णन:

श्रीराम कृष्णन का जन्म भारत के Chennai में हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अमेरिका जाकर तकनीकी क्षेत्र में तेजी से पहचान बनाई। वे पहले Microsoft, Yahoo!, Meta (फेसबुक), Snap Inc. और X Corp. (Twitter/X) जैसी प्रमुख कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं में कार्य कर चुके हैं। बाद में वे वेंचर कैपिटल फर्म Andreessen Horowitz के जनरल पार्टनर भी बने थे 

क्या थी उनकी जिम्मेदारी:

व्हाइट हाउस में श्रीराम कृष्णन की प्रमुख जिम्मेदारी अमेरिका की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति तैयार करने और उसे लागू करने में सहायता करना थी। उनका कार्य था।

एआई विकास के लिए राष्ट्रीय रणनीति बनाना।

एआई नियमन (Regulation) के लिए नीति ढांचा तैयार करना।

अमेरिका की तकनीकी प्रतिस्पर्धा को मजबूत करना।

चीन समेत अन्य देशों के साथ एआई प्रतिस्पर्धा में अमेरिकी बढ़त सुनिश्चित करना।

उद्योग, सरकार और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना।

नियुक्ति के समय क्यों चर्चा में रहे:

उनकी नियुक्ति के बाद अमेरिकी राजनीति में कुछ विवाद भी हुआ। 

कुछ दक्षिणपंथी समूहों ने उनके पुराने आव्रजन (Immigration) संबंधी विचारों का विरोध किया, जबकि कई प्रमुख तकनीकी नेताओं, जिनमें Elon Musk भी शामिल थे, ने उनका समर्थन किया।

एआई नीति में योगदान:

विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीराम कृष्णन ने ट्रंप प्रशासन की एआई रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर एआई नियमन के एकीकृत ढांचे की वकालत की और अमेरिका को एआई क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में काम किया।

2026 में पद छोड़ने की घोषणा:

जून 2026 में श्रीराम कृष्णन ने घोषणा की कि वे महीने के अंत तक व्हाइट हाउस का पद छोड़ देंगे। 

उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा और भविष्य में भी वे अमेरिका के सामने मौजूद एआई संबंधी बड़ी चुनौतियों पर काम करते रहेंगे।

भारतीय मूल के श्रीराम कृष्णन का अमेरिकी सरकार में एआई नीति सलाहकार बनना भारतीय तकनीकी प्रतिभा की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। 

सिलिकॉन वैली के अनुभव और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका ने उन्हें अमेरिका की एआई रणनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल कर दिया।

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