पठानकोट: भारत के रेल राज्य मंत्री ने रेलवे कुलियों की बातों को ध्यान पूर्वक सुना।
भुतो न भविष्यति वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। हमारे देश में रेलवे कुली का महत्व लाकडाउन शुरू होते ही खत्म होने लगा। लाकडाउन का मतलब बंद करके छोड़ दो। आम बजट वित्त मंत्री ने पेश की लेकिन रेलवे कुली के लिए कुछ भी नहीं बोली। भारत के रेल मंत्री घुम-घुम कर डंके की चोट पर बोल रहे हैं कि मैं देश के हितों में काम कर रहा हूं लेकिन हकीकत कुछ और ब्यान कर रहे हैं। मैं जानता हूं कि हमारे देश के तमाम सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री पढ़ रहे हैं, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी इस न्यूज को पढ़ते हैं। लेकिन रेलवे कुली पर कोई विचार नहीं कर रहे हैं।भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाथ धोकर रेलवे कुली के पीछे पड़े हुए हैं, और हमारे देश के तमाम रेलवे कुली मोदी जी के पीछे पड़े हुए हैं। मोदी जी कब रेलवे कुली से पिछां छुड़ाएंगे ये कहना मुश्किल है, फिर भी रेलवे कुली जिंदा बाद के नारे लगाते रहते हैं।


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