नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को 2006-2007 में पोर्टर (कुलियों) को ग्रुप डी में समायोजित करने का आदेश जारी किया था।

नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार को 2006-2007 में पोर्टर (कुलियों) को ग्रुप डी में समायोजित करने का आदेश जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट निर्णय 2006-2007

सुप्रीम कोर्ट का मुख्य निर्णय रेलवे कुलियों का स्थायीकरण (Regularisation) और अनुबंध श्रमिकों के रूप में उनके अधिकारों से संबंधित था। जैसे कि नेशनल फेडरेशन ऑफ रेलवे पोर्ट्स बनाम भारत संघ (1995/2006) या इसी तरह के मामलों में। कोर्ट ने अनुबंध पर कार्यरत पात्र पार्सल कुलियों को,उनकी निरंतरता और कार्य अवधि के आधार पर नियमित पार्सल रेलवे कुली के रूप में अवशोषित करने का निर्देश दिया।

निर्णय नियमितीकरण का मुख्य विंदुओं:-

अनुबंध श्रमिकों को नियमित पार्सल कुली के रूप में अवशोषित किया जाए। विशेष रूप से उन जगहों पर जहां लम्बे अवधि से कार्यरत कुली योगदान दे रहे हैं। 

योग्यता परीक्षण:-अस्थाई श्रमिकों का चिकित्सा परीक्षण(Medical Fitness) अनिवार्य था।












1 टिप्पणी:

बेनामी ने कहा…

Jhutha news hai

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