नई दिल्ली: ईरान ने अमेरिकी सरकार को पानी पानी कर दिया।
ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को झुकना सिखाया।

पूरे अमेरिकी सैन्य खर्च (War + Army + Bases)
सालाना बजट (2025): ~ $962 अरब प्रति दिन खर्च लगभग $2.5–2.7 अरब प्रतिदिन भारतीय रुपये में:₹20,000 करोड़ – ₹22,000 करोड़ प्रतिदिन खर्च किया जाता है। युद्ध के शुरुआती तेज हमले पहले 6 दिन में खर्च $11.3 अरब (≈ ₹94,000 करोड़)।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जब भी सत्ता पक्ष में आते हैं युद्ध जरूर होता है ऐसा क्यों होता है क्योंकि अमेरिकी सरकार का कहना है कि सभी देशों की सरकार हमारे सामने नतमस्तक होकर रहे । ईरान की सरकार ने अमेरिकी सरकार को झुकना सिखाया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान को पानी पिला दिया लेकिन एक छोटा देश ईरान अमेरिका के सामने कुछ भी नहीं है फिर भी पानी पिला दिया।अब अमेरिका समझौता करने को राजी हो गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिकी सरकार को नुक्सान भोगना पड़ा। अमेरिकी सरकार ने जितना लड़ाई करने में खर्च किया उस खर्चे में भारत के लोगों को बारह साल तक बैठ कर खाना खाने में खर्च करता फिर भी फिर भी 70% रुपए बच जाते।
हाल का उदाहरण (2026 – ईरान युद्ध)।
सक्रिय युद्ध (जैसे ईरान) ₹7,000 – ₹16,000 करोड़।
कुल सैन्य खर्च (हर दिन) ₹20,000 करोड़।
अमेरिकी सरकार युद्ध में खर्च कितना रूपया प्रति दिन ब्योरा :- लगभग $1 अरब से $2 अरब प्रति दिन खर्च किया जाता है।
औसत अनुमान: करीब $1 अरब प्रति दिन (≈ 8,300 करोड़ रुपये) होता है। यानी भारतीय रुपये में ₹7,000 करोड़ – ₹16,000 करोड़ प्रतिदिन खर्च हो रहा है।
अमेरिका का युद्ध खर्च दुनिया में सबसे ज्यादा है
एक बड़े युद्ध में वह हर दिन हजारों करोड़ रुपये खर्च करता है,और पूरे साल में यह खर्च ₹80 लाख करोड़+ तक पहुंच जाता है।
खर्च कहाँ-कहाँ होता है:-
युद्ध में पैसा कई जगह खर्च होता है। लड़ाकू विमान (F-35, B-2 आदि),मिसाइल और बम (एक मिसाइल लाखों डॉलर),सैनिकों की तैनाती और वेतन,ईंधन (fuel बहुत महंगा),जहाज और एयरक्राफ्ट कैरियर,मेडिकल और लॉजिस्टिक्स,हथियारों की मरम्मत/रीप्लेसमेंट।
1 टिप्पणी:
Washington/वाशिंगटन एजेंसी: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को झुकने पर मजबूर कर दिया,ईरान की हुकूमत ने।
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