पटना: बिहार चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को सिद्धीदात्री एवं रामनवमी का दिन दो प्रमुख धार्मिक महत्व से जुड़े हुए हैं।

सिध्दीदात्री माता 

चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तिथि को सिद्धीदात्री एवं रामनवमी का दिन दो प्रमुख धार्मिक महत्व से जुड़े हुए हैं।

।।रामनवमी और मां सिद्धिदात्री की पूजा।।

मां सिद्धिदात्री की पूजा क्यों की जाती है? चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना होती है। ये देवी दुर्गा का नौवां स्वरूप हैं।

पूजा का उद्देश्य:- सिद्धियों (अलौकिक शक्तियों) और ज्ञान की प्राप्ति,जीवन के कष्टों और बाधाओं का नाश,मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति सफलता और आत्मबल की प्राप्ति मां सिद्धिदात्री भक्तों को बुद्धि, शक्ति और सिद्धि प्रदान करती हैं।


यह दिन आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस दिन पूजा, व्रत, पाठ और दान का विशेष फल मिलता है।

रामनवमी क्यों मनाते हैं:- इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए इसे रामनवमी के रूप में मनाया जाता है।

पुजा का उद्देश्य:-

धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेना जीवन में मर्यादा, आदर्श और कर्तव्य पालन सीखना घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करना पापों से मुक्ति और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करना,भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है, इसलिए उनकी पूजा से जीवन में अनुशासन और नैतिकता आती है।

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