टोक्यो एजेंसी: जापान में रेलवे निजीकरण सफल हुआ।

टोक्यो एजेंसी: जापान में रेलवे को निजीकरण करना सफल हुआ।
टोक्यो एजेंसी: जापान में रेलवे निजीकरण सफल हुआ।
जापान में रेलवे को निजीकरण करना काफी हद तक सफल माना गया। एक अप्रैल 1987 में जापान नेशनल रेलवे को तोड़कर निजी कंपनियों जे आर ग्रुप में बाँटा गया।

क्यों सफल: बहुत उच्च दक्षता ट्रेनें सेकंड समय निष्ठ लाभ+सेवा दोनों मजबूत संतुलन मेनेजमेंट और टेक्नोलॉजी।

लेकिन ध्यान दें: जापान छोटा, अमीर और कम जनसंख्या वाला देश है। भारत से काफी अलग है।

युनाइटेड किंगडम: 1990 ई० में ब्रिटिश Rail का  निजीकरण हुआ।

युनाइटेड किंगडम: 1990 ई० में ब्रिटिश Rail का निजीकरण हुआ।

क्या अच्छा हुआ:- प्रतिस्पर्धा बढ़ी कुछ मार्ग पर सेवा बेहतर। लेकिन मिली-जुली सफलता प्राप्त हुई।

किराया बहुत महंगा:-सरकार को अभी भी सब्सिडी देनी पड़ती है। इसलिए युनाइटेड किंगडम को “आंशिक सफलता” माना जाता है।

जहाँ मॉडल “मिश्रित” है (सबसे संतुलित):- फ्रांस S N C F सरकारी है, लेकिन प्रतियोगिता की अनुमति दी गई है।

जर्मनी :- डॉयचे बान सरकारी नियंत्रण में, लेकिन वाणिज्य तरीके से चलती है।

उत्तर : अच्छी सेवा समाजिक जिम्मेदारी भी बनी रहती है। यही नमूना भारत के सबसे करीब माना जाता है।



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