कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान में मोदी ने जनता के पैसों का दुरुपयोग किया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार अभियान में मोदी ने जनता के पैसों का दुरुपयोग किया।
भारत के प्रधानमंत्री मोदी को विधानसभा के चुनाव प्रचार अभियान में शामिल होना शोभा नहीं देता है। गरिमामय पद का दुरुपयोग किया गया है।
प्रधानमंत्री का पद देश की बहुत बड़ी जिम्मेदारी (गरिमामय पद) होती है,इस गरिमामय पद का दुरूपयोग करना शोभा नहीं देता है।

गरिमामय पद का दुरूपयोग किया जा रहा है।

भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने 25+ जगहों पर सक्रिय प्रचार, 14 बड़े कार्यक्रम (रैली) कई अतिरिक्त रैली,रोड शो,और मल्टीपल-इवेंट दिन। इस चुनाव प्रचार में मोदी ने लगभग 5000 करोड़ रुपए जनता के खर्च किए हैं। यह अतिरिक्त भार पुनः जनता से किसी न किसी रूप में वसूली करेंगे।

नरेंद्र मोदी ने लगभग 14 बड़ी चुनावी रैली/प्रोग्राम करने की योजना के साथ प्रचार किया। 
 प्रमुख रैली और जगह (2026) विधानसभा क्षेत्र:-
🟢 अभियान की शुरुआत: कूच बिहार यहीं से प्रचार की शुरुआत हुई।
🟢9–12 अप्रैल के आसपास:- हल्दिया,आसनसोल,सूरी(बीरभूम)कृष्णनगर,जंगीपुर,उत्तर-दिनाजपुर,दक्षिण दिनाजपुर, सिलीगुड़ी (रोड शो + रैली)।
🟢मिड-कैंपेन:-(अप्रैल) पुरब मेदिनीपुर,आसनसोल क्षेत्र (दोबारा फोकस)“जंगल महल” क्षेत्र (एक दिन में 4 रैलियाँ) एक हफ्ते में 7 रैलियाँ अलग-अलग जिलों में।
🟢 चुनाव के आखिरी चरण: बैरकपुर,जगत दल (फाइनल रैली),भवानीपुर ममता बनर्जी का क्षेत्र, यहाँ भी प्रचार किया।

इसलिए जब बड़ी रैलियाँ होती हैं, तो करोड़ों रुपये का कुल खर्च होना असामान्य नहीं है लेकिन यह पूरा पैसा एक ही स्रोत से नहीं आता, बल्कि कई चैनलों से मिलकर बनता है।


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