बिहार/बेगुसराय/बरौनी:कुलियों की मुख्य मांगें:स्थायी नौकरी (Regularization)कुली चाहते हैं कि उन्हें ठेका/लाइसेंस सिस्टम से हटाकर रेलवे कर्मचारी बनाया जाए।
भारतीय रेलवे कुली का कहना है कि पेंशन, वेतन और नौकरी की सुरक्षा मिले।
सामाजिक सुरक्षा मांग है कि उन्हें:-पेंशन,ESI/बीमा,PF (भविष्य निधि) जैसी सुविधाएं दी जाएं।अभी अधिकांश कुली इन सुविधाओं से वंचित हैं।
न्यूनतम तय किराया (Fix Rate System): यात्रियों से मिलने वाले पैसे पर निर्भरता कम करने के लिए।सरकार से तय फिक्स रेट/डिजिटल पेमेंट सिस्टम की मांग।
स्टेशन प्राइवेटाइजेशन से सुरक्षा: स्टेशन निजी हाथों में जाने पर कुलियों को रोजगार खोने का डर इसलिए वे रोजगार सुरक्षा कानून/नीति चाहते हैं।
वैकल्पिक रोजगार / स्किल डेवलपमेंट/बुजुर्ग कुलियों या कम काम मिलने वालों के लिए ट्रेनिंग देकर दूसरी नौकरी देने की मांग।
सरकार क्या कर सकती है (संभावित कदम): “पोर्टर वेलफेयर स्कीम” शुरू करना एक अलग योजना जिसमें:-बीमा,हेल्थ कार्ड,आर्थिक सहायता शामिल हो।डिजिटल बुकिंग सिस्टम ऐप या स्टेशन काउंटर से कुली बुकिंग तय रेट पारदर्शिता बढ़ेगी,कमाई स्थिर होगी।
रेलवे में समायोजन (Absorption)
कुछ कुलियों को:-हेल्पर,सफाई कर्मचारी,लॉजिस्टिक्स स्टाफ के रूप में नौकरी देना।
प्राइवेटाइजेशन में सुरक्षा नियम: अगर स्टेशन निजी कंपनी को दिया जाए। शर्त हो कि मौजूदा कुलियों को रोजगार देना जरूरी हो।
स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम:- कुलियों को ट्रेनिंग देकर,पार्सल हैंडलिंग,वेयरहाउस,टिकटिंग सहायता जैसे कामों में लगाया जा सकता है।
कुल:मिलाकर:-कुलियों की सबसे बड़ी समस्या है:अनिश्चित आय + कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं,और समाधान का रास्ता है,उन्हें सिस्टम में शामिल करना या कम से कम मजबूत सुरक्षा देना।




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