भारत के रेलवे कुलियों से भारत के प्रधानमंत्री 2025 में होली का तोहफा नहीं दिया।

भारत के रेलवे कुलियों से भारत के प्रधानमंत्री ने 2025 में होली का तोहफा नहीं दिया क्या 2026 में देंगे।
आशा में जी रहे हैं भारतीय रेलवे कुली

2025 में रेलवे कुली से किए हुए वादे को 2026 में भारत के प्रधानमंत्री क्या निभाएंगे देख रहे हैं,भारत के रेलवे कुली।

देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी 2025 में रेलवे कुली को आश्वासन दिए थे कि होली के उपलक्ष्य में आप लोगों को रेलवे में समायोजित किया जाएगा, लेकिन झुनझुना थमा दिए अब 2026 के होली के उपलक्ष्य में कौन-कौन से झुनझुना थमाएंगे। रेलवे कुली 2026 के होली के तोहफा का इंतजार करेंगे। रेलवे कुली ने कहा भारत के जितने संसद सदस्य एवं प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति तक को वेतनमान दिया जाता है और इनके रहने खाने पीने बाडीगार्ड सुरक्षा के लिए दिया जाता है जिसमें करोड़ों रुपए का खर्चा वहन किया जाता है जो देश की आम जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा खर्च किया जाता है यह सांसद और प्रधानमंत्री मात्र पांच सालों के लिए कुर्सी पर विराजमान होते हैं इनको सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है इन लोगों को पद से हटने पर पेंशन योजना का भी लाभ मिलता है लेकिन रेलवे कुली वर्षों वर्ष से काम करते आ रहे हैं उनके लिए रेलवे समायोजित करने का व्यवस्था नहीं है ऐसा क्यों, कुलियों ने कहा जो रेलवे कर्मचारी या रेलवे कुली 40 वर्ष 30 वर्ष रेलवे का सेवक के रूप में योगदान दिया उसे पेंशन योजना का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है भारत सरकार इसका जवाब दें।
एक्सलेटर की मार को झेल रहे भारतीय रेलवे कुली

भारतीय रेलवे कुली मायुस बैठे यात्री का बोझ उठाने के लिए,सुबह से हो गई शाम तुझको अल्लाह रक्खे। दे दाता के राम तुझको अल्लाह रक्खे।यह शिलशिला लाकडाउन शुरू होने से पहले से शुरू हो गया था लाकडाउन होने के बाद सब समाप्त हो गया,कुलियों ने कर्ज लेना शुरू किया मोदी जी ने एसी में बैठ कर रेलवे कुलियों का मजा लेना शुरू कर दिया जो अभी तक ले रहे हैं। इन्हीं को कहते भारत के बहरे प्रधानमंत्री की सरकार है।

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