नई दिल्ली:- आज केन्द्रीय केविनेट की बैठक में रेलवे कुली का कोई नतीजा नहीं निकला।

नई दिल्ली:- आज केन्द्रीय केविनेट की बैठक में रेलवे कुली का कोई नतीजा नहीं निकला।

रेल मंत्री एवं प्रधानमंत्री इंसाफ करो के नारे गूंज रही थी।

रेल भवन 20/01/2026 रेलवे बोर्ड की बैठक में रेलवे कुली का कोई नतीजा नहीं निकला।

आज दिनांक:-22/01/2026 को केन्द्रीय मंत्री एवं प्रधानमंत्री ने केविनेट की बैठक में रेलवे कुली को सरकारी नौकरी देने से इंकार किया और उन्होंने कहा जो सुविधाएं मिल रही है उस ज्यादा कुछ नहीं दिया जायेगा। इस बातों से भारतीय रेलवे कुली में उदासीनता का वातावरण बना हुआ है। भारत सरकार के रेल मंत्री एवं वित्त मंत्री जल्द रेलवे कुली के लिए अपनी राय को बदलकर सरकारी नौकरी देने का प्रावधान बनावें अगर ऐसा नहीं करते हैं तो रेलवे कुली ने कहा है कि हम सभी रेलवे कुली उग्र प्रदर्शन करेंगे। रेलवे कुली ने कहा कि हम लोग अपनी समस्या को 2008 से उठा रहे हैं लेकिन हमारी मांगों को सरकार अनदेखा कर दिया है। अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। वित्त मंत्री को 01 फरवरी के बजट में सरकारी नौकरी देना पड़ेगा। हम सभी रेलवे कुली साथी अपने परिवार बच्चों सहित भुख हड़ताल करेंगे जिसका जिम्मेदार भारत सरकार होगा। हमें रेल मंत्री एवं प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि 01 फरवरी के बजट में सभी रेलवे कुली को सरकारी नौकरी में समायोजित किया जाएगा लेकिन सरकार हमारे साथ इंसाफ नहीं कर रहा है।

धनबाद डिवीजन :- प्रधानमंत्री जी को भारतीय रेलवे कुली ने ग्रुप डी के लिए ट्वीटर के माध्यम से अपनी समस्या को ट्वीट किया।

भारत के प्रधानमंत्री एवं भारतीय रेलवे कुली

भारतीय रेलवे कुली ने प्रधानमंत्री से अपनी वास्तविक समस्या से रूबरू करवाया।े

भारतीय रेलवे कुली ने ग्रुप डी की मांग के लिए ट्वीटर पर ट्वीट कर प्रधानमंत्री को जानकारी दी । और इन्होंने 1 फरवरी के बजट में रेलवे कुली को सरकारी नौकरी में शामिल करने के लिए लिखा।

भारतीय रेलवे कुली ने प्रधानमंत्री से अपनी वास्तविक समस्या से अवगत करवाया।

भारतीय रेलवे कुली ने प्रधानमंत्री से अपनी वास्तविक समस्या से अवगत करवाया।

21/01/2026

रेलवे कुली ने हमें जो भारत सरकार से चाहिए वह नहीं मिल रहा है लेकिन हमारे वर्दी पर लोगों का चित्र लगाकर दिया जा रहा है क्या वर्दी पर लोगो लगाकर स्टेशन पर घुमने से हमारे बच्चे का पेट भर जायेगा । भारतीय जनता पार्टी के सरकार के रेल मंत्री ने वेट रेलवे कुली का नाम सहायक करने की घोषणा कर दी। अश्विनी वैष्णव जी वर्दी पर रेलवे का लोगो लगाकर रेलवे कुली दिखा रहे हैं कि हम आप लोगों का काम कर रहे हैं जब भारत के प्रधानमंत्री जी अपनी बातों से अडिग नहीं रह सकते हैं तो रेलमंत्री, वित्त मंत्री का क्या वजूद है। गरीब रेलवे कुली मर रहे हैं इन्हें अडानी, अंबानी की चिंता है क्योंकि चुनाव के सारे खर्चो का वहन कौन करेगा। राज्य का चुनाव प्रचार या केन्द्र का चुनाव प्रचार हो ।  एक दिन का प्रचार प्रसार करने जब प्रधानमंत्री जी जनता के बीच जाते हैं दो करोड़ का खर्च होता है। ये सब कहां से आता है ये सभी खर्चे अडानी अंबानी जैसे अमीर लोग करते हैं और चुनाव के बाद में गरीब जनता से सामानों के दामों में वृद्धि कर वसूली करते हैं महंगाई की देश की जनता झेलती है और विधायक, सांसद महोदय एसी रूम में आराम फरमाते हैं जनता की समस्या कोई मतलब नहीं है।



भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने रेलवे कुली के हित में कोई कार्य नहीं किया है।

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने रेलवे कुली के हित में कोई कार्य नहीं किया है।

राष्ट्रीय रेलवे कुली संघ के अध्यक्ष मंगत राम सैनी ने कहा है रेलवे कुली के बैनर तले प्रधानमंत्री मोदी जी को अवश्य लेकर आएंगे। तारीख बहुत जल्द मिलेगी।
तलवार से ज्यादा कलम में ताक़त है
भारतीय रेलवे कुली का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आज तक रेलवे कुली के हितों में कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया है कि रेलवे कुली का भविष्य बन सके। श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार जब बनी थी उसी समय पेंशन बंद कर दिया गया। मोदी जी की सरकार बनी है तब से अभी तक 75% रेलवे को उधोगपति के हाथों बेच दिया मोदी बनियों की सरकार है इसलिए इस सरकार से कोई भी उम्मीद करना बेवकुफी है 

भारत देश के प्रधानमंत्री को रेलवे कुली से मिलने का समय नहीं है लेकिन विदेश जाने का समय मिलता है। ऐसा क्यों।

भारत देश के प्रधानमंत्री को रेलवे कुली से मिलने का समय नहीं है लेकिन विदेश जाने का समय मिलता है  ऐसा क्यों।
भारत देश के प्रधानमंत्री को रेलवे कुली से मिलने का समय नहीं है लेकिन विदेश जाने का समय मिलता है।

बिहार विधानसभा के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रचार प्रसार में अरबों रुपए खर्च किए। इतना  रूपया खर्चा करने के लिए कहां से आया इसका जवाब जनता को दें। यह देश की जनता का पैसा है। मोदी से पहले भी कई प्रधानमंत्री बने लेकिन इतना बढ़ चढ़कर हिस्सा कोई प्रधानमंत्री नहीं लिया। हमारे देश के नेता पांच साल में अरबों की सम्पत्ति अर्जित कर लेते हैं लेकिन रेल कर्मचारी, बैंक कर्मचारी अरबपति नहीं बनते हैं। जितना रूपया चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री जी बिहार विधानसभा चुनाव में खर्च किए हैं उस पैसे के ब्याज से रेलवे कुली को प्रत्येक माह वेतन मिलता रहता मोदीजी जनता की भलाई नहीं करते हुए अपनी पार्टी और सरकार बनाने में खर्च कर देते हैं।
भारत देश के प्रधानमंत्री को रेलवे कुली से मिलने का समय नहीं है लेकिन विदेश जाने का समय मिलता है।

इनकम टैक्स, सीबीआई डिपार्टमेंट इन नेताओं के घर में छापा नहीं मारते हैं क्योंकि ये सभी लोग सांसद सदस्य केन्द्रीय मंत्री है। इन नेताओं से भय बना रहता है कि हमें नौकरी करने में कोई बाधा उत्पन्न न कर दे। मोदी जी चुनाव प्रचार में जनता को कहते थे मैं देश की जनता के एक-एक रूपया का हिसाब दूंगा किस कारण से रेलवे को निजीकरण किया जा रहा है 70% रेलवे को निजीकरण कर बड़े बड़े उद्योगपति के हाथों बेच दिया गया है ऐसा क्यों हुआ जनता हिसाब मांग रही है जबाब दें।






।।भारतीय रेलवे कुली के लिए तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद ने शीतकालीन सत्र में आवाज उठाई।।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

।।भारतीय रेलवे कुली के लिए तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद ने शीतकालीन सत्र में आवाज उठाई।।
लोकसभा में तेलगु देशम पार्टी के महिला सांसद डॉ वाय रेडडी शबरी ने शीतकालीन सत्र में रेलवे कुली के लिए अपनी आवाज से संसद भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को हक्का बक्का कर दिया।
लोकसभा सभा सदस्या वाय रेडडी शबरी ने पीठासीन कृष्ण प्रसाद के समक्ष भारतीय रेलवे कुली की समस्या से अवगत कराया । अवगत कराने के वाबजूद अभी तक कारवाई नहीं हुई।
पीठासीन: कृष्ण प्रसाद द्विवेदी

भारत वर्ष के सबसे बड़े मंदिर जिसमें न्याय और अन्याय का फैसला किया जाता है दुसरा सुप्रीम कोर्ट है इस मंदिर में नये-नये कानून बनाये जाते हैं इसी कानून को दायरे में सुप्रीम कोर्ट फैसला किया करते हैं। वाय रेडडी शबरी तेलगु देशम पार्टी की महिला सांसद सदस्या ने भारत वर्ष के सभी रेलवे कुली के लिए पीठासीन कृष्ण प्रसाद द्विवेदी जी के समक्ष वास्तविक रूप से रूबरू कराया फिर भी रेल मंत्री एवं प्रधानमंत्री जी कोई कड़ा निर्णय अभी तक नहीं लिए भारत वर्ष के रेलवे कुली ने बहुतों सांसद से मिले और कुली के बातों को गंभीरता सुना भी रेलवे कुली की बातों को आगे बढ़ाया कोई फर्क नहीं पड़ा। एक पुरानी कहावत है कि भैंस के आगे बीन बजाय भैंस रहे पगुराय ऐसे है हमारे देश के प्रधानमंत्री एवं रेल मंत्री जो अपने मन की बातों को सुनते हैं गरीबों को सुनने वाला गरीबों का मसीहा सिर्फ लालू प्रसाद यादव थे आज भी रेलवे कुली याद करते हैं।
सांसद भवन

लोकसभा सभा अध्यक्ष श्री कृष्ण प्रसाद द्विवेदी एवं प्रधानमंत्री का समकक्ष अधिकार है।
लोकसभा अध्यक्ष निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि भारत में ब्रिटिश शासन की सरकार है। जैसे ब्रिटिश सरकार अपने फायदे के लिए सोचते थे उसी तरह मोदी सरकार बिजनेस मैन की सरकार है पहले लाकडाउन लगाकर गरीबों भिख मांगने पर मजबूर कर दिया अब महंगाई बढ़ाकर गरीबों को समाप्त करने का संकल्प लिया है। मोदी का निर्णय सर्वोपरि माना जाता है यह स्वयं बजट को तैयार करता है वित्त मंत्री हो या रेलमंत्री हो ये सारे कठपुतली बनकर नाचते हैं।

भारत वर्ष के सभी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली को 2026 के बजट में आंशिक रूप से कुछ मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

भारत वर्ष के सभी रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली को 2026 के बजट में आंशिक रूप से कुछ मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

भारत सरकार रेल मंत्रालय रेल भवन द्वारा जानकारी के अनुसार यह संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि रेलवे कुली (सहायक) को 2026 के बजट में आंशिक सहायता मिलने की संभावना व्यक्त किया है। पुर्ण जानकारी 20 जनवरी के बाद मिलने की संभावना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कुलियों के प्रति जागरूक नहीं दिखाई दिए। नेशनल चैनल के मिडिया प्रभारी कुली के बिषय में कोई जानकारी नहीं लिया। 
भारत के सभी रेलवे कुली का कहना है कि हमें भारत सरकार रेलवे में नौकरी दे । लेकिन रेलमंत्री एवं प्रधानमंत्री नौकरी नहीं देना चाहते हैं। विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गांधी जी सांसद भवन में रेलवे कुली के लिए अपनी आवाज बुलंद नहीं किए। राहुल गांधी जी भी नहीं चाहते हैं कि रेलवे कुली को नौकरी मिले। राहुल गांधी जी 2026 के बजट में आवाज उठाते हैं तो रेलवे स्टेशन पर कार्यरत रेलवे कुली को सरकारी नौकरी मिलने की संभावना है।

2008 के बजट में भुत पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेलवे कुली को गैंगमैन के पद पर रेलवे कुली को सरकारी नौकरी में समायोजित कर दिया था। यह सरकार बनियों की सरकार है यह सरकार गरीबों को जड़ से उखाड़ कर फेंक देने का संकल्प लिया है और अमीरों अमीर बनाने का संकल्प लिया है इस सरकार से उम्मीद नहीं कर सकते हैं।


भारतीय रेलवे कुली ने अपनी वास्तविक जीवन को भारत सरकार के सामने इस तस्वीर के माध्यम से दर्शाया है।

Indian Railway Coolie

भारतीय रेलवे कुली ने अपनी वास्तविक जीवन को भारत सरकार के सामने इस तस्वीर के माध्यम से दर्शाया है।

भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी एवं भारतीय प्रधानमंत्री जी ने अभी तक रेलवे कुलीयों की बातों को गंभीरता से नहीं समझ पाते जिसके कारण रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली ने तस्वीर के माध्यम से भारत सरकार के मंत्री, सभी सांसद, प्रधानमंत्री जी को स्थति से अवगत कराने का प्रयास किया है।
वर्तमान समय में रेलवे स्टेशन पर कार्यरत कुली की स्थिति प्राईवेट कंपनी में काम करने वाले मजदूर से बद्तर है।2026 के रेल बजट से रेलवे कुली को वित मंत्री, रेल मंत्री एवं भारत के प्रधानमंत्री से आशा है कि इस बजट में कुलियों को सरकारी नौकरी मिलेगी। आप पार्टी के सांसद संजय जी सरकार से मांग कर रहे हैं कि 2026 में रेलवे कुली को सरकारी नौकरी दिया जाय। रेलवे कुली के अध्यक्ष मंगत राम सैनी जी ने पेंशन एवं रेलवे कुली को सरकारी नौकरी देने के लिए रेलवे बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा। इन्होंने कई केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद से मिलकर अपनी वास्तविक समस्या को 2026 बजट में पास करवाने के लिए अपनी बातों को रखा। 
भारतीय रेलवे कुली का कहना है कि भारत वर्ष के सभी लोग अपने-अपने क्षेत्र से एक योग्य प्रतिनिधि चुनकर भेजते हैं कि हम अपने क्षेत्र की समस्या को प्रतिनिधि के माध्यम से सरकार को अवगत करा सकूं। लेकिन हमारे क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि जब हमारी समस्या को दूर करने के लिए जब सरकार के सामने सांसद प्रतिनिधि रखते हैं तो उस काम को नहीं किया जाता है। जिससे जनता में गुस्सा देखा गया। 40 वर्ष नौकरी करने के बावजूद पेंशन नहीं मिल रहा है। लेकिन सांसद लोग एक दिन संसद भवन में प्रवेश हो जाने पर पेंशन चालु हो जाता है एक बार विधायक बना पेंशन चालु हो जाता है। सांसद एवं विधायक दोनों का पेंशन लाभ आजीवन मिलता रहता है। लेकिन सरकारी नौकरी करने वाले को कर्मचारी को इस लाभ से वंचित कर दिया गया।

(जयपुर) भारतीय रेलवे कुली ठगी का शिकार

जयपुर) भारतीय रेलवे कुली ठगी का शिकार 


DRM Jaipur
मंडल रेल प्रबंधक (जयपुर) ने इंजिनियर विभाग का वर्दी पहनाकर कर रेलवे कुली का मजाक उड़ाया है। जैसे हमारे देश का नेता भोली भाली जनता को  चुनाव प्रचार में लालच देकर ठगने का काम करते हैं उसी तरह रेलवे कुली को सरकारी विभाग का वर्दी पहनाकर गुमराह कर रहे हैं। आज हमने रेल पदाधिकारी से बातचीत कर मामलों की गहराई तक जाकर देखा और समझा इससे स्पष्ट रूपेण समझा । इस सरकार से कोई उम्मीद न के बराबर करें क्योंकि रेलवे कुली में एकता नाम का कोई शब्द नहीं है। रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने कहा प्रत्येक मंडल से रेलवे कुली को एक ही मांग करना चाहिए था रेलवे सरकारी नौकरी दिया जाय लेकिन इन लोगों ने पहला मांग साल भर का पास , दुसरा मेडिकल व्यवस्था,तिसरा नौकरी इन सभी कारणों के कारण अभी तक नौकरी नहीं मिल पाया।











राजस्थान/जयपुर मंडल रेल प्रबंधक ने रेलवे कुली को इंजिनियर विभाग का कपड़ा पहनाया।

राजस्थान/जयपुर मंडल रेल प्रबंधक ने रेलवे कुली को इंजिनियर विभाग का कपड़ा पहनाया।
जयपुर मंडल रेल प्रबंधक

जयपुर रेलवे स्टेशन पर भारतीय रेलवे कुली को इंजिनियरिंग विभाग का ड्रेस एवं पाग पहनाया गया। इससे भारत वर्ष के सभी स्टेशन पर कार्यरत रेलवे कुली ने खुशी जताई। वास्तविक रूप क्या है इसकी जानकारी भारतीय रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से लिया जा रहा है। सेंट्रल रेलवे बोर्ड नई दिल्ली से कोई पत्र अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।

रायगढ़ के रेलवे कुली रेलवे बोर्ड से इंसाफ करने की मांग पर अड़े।

रायगढ़ के रेलवे कुली रेलवे बोर्ड से इंसाफ करने की मांग पर अड़े।
Raipur Railway Station

भारतीय रेलवे कुली संगठन के मुखिया मंगत राम सैनी जी ने रेलवे कुली के लिए रेलवे बोर्ड में दहाड़ लगाई और इन्होंने रेलवे बोर्ड से मांग किया कि भारतवर्ष के सभी रेलवे कुली को 2008 की तरह रेलवे कुली को सरकारी नौकरी दिया जाय। जिससे रेलवे कुली अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। राजद के सांसद मनोज कुमार जी रेलवे कुली के लिए सांसद भवन में आवाज आवाज उठाई लेकिन इनके आवाज को दबा दिया गया। रेलवे कुली के आवाज को गंभीरतापूर्वक रेलमंत्री ने विचार नहीं किया जिसके आज रायपुर के रेलवे कुली अपने स्टेशन पर परिवार सहित धरना प्रदर्शन करने पर विवश हो गये। मोदी जी दिल्ली के रेलवे कुली को 2025 में होली के अवसर पर खुशी देने वाले थे लेकिन दुर्गा पूजा समाप्त हो गया। रेलवे कर्मचारी को बोनस दिया गया किन्तु रेलवे कुली को ढेंगा दिखा दिया अब बिहार में चुनाव प्रचार अभियान में रेलवे कुली अपना जलवा दिखायगा । चुनाव प्रचार के समय रेलवे कुली भी अपना प्रदर्शन कर NDA सरकार को अपना ताकत दिखायेगा।