भोपाल। मध्यप्रदेश।1033 घोषणाओं में से केवल 185 पूरी, विपक्ष ने सरकार को घेरा।

भोपाल। मध्यप्रदेश।1033 घोषणाओं में से केवल 185 पूरी, विपक्ष ने सरकार को घेरा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 1033 योजना घोषित हुई। धरातल पर मात्र 185 योजना शुरू कर दी गई है। 848 योजना ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है।
मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हैं Mohan Yadav उन्होंने भोपाल। 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हैं।

मध्य प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्री हैं।

Rajendra Shukla

Jagdish Devda

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अब तक की गई 1033 सार्वजनिक घोषणाओं में से केवल 185 घोषणाएं ही पूरी हो सकी हैं। शेष घोषणाएं विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है, जबकि कुछ परियोजनाएं प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। सरकार का दावा है कि अधिकांश योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में घोषणाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता से किए गए वादों को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है और बड़ी संख्या में घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने सरकार से लंबित परियोजनाओं की स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घोषणाओं के क्रियान्वयन की गति आगामी चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। जनता भी यह जानना चाहती है कि घोषित विकास कार्यों और योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें कब तक मिलेगा।

अब सभी की नजर सरकार की अगली समीक्षा बैठक और उन कदमों पर है, जिनसे लंबित घोषणाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।

पेरिस/बर्लिन। राफेल का नया उत्तराधिकारी! यूरोप का महागठबंधन टूटा, अब अकेले छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा फ्रांस।

पेरिस/बर्लिन। राफेल का नया उत्तराधिकारी! यूरोप का महागठबंधन टूटा, अब अकेले छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा फ्रांस।

पेरिस/बर्लिन। यूरोप की सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा परियोजनाओं में से एक, Future Combat Air System (FCAS), आखिरकार बिखर गई है। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन मिलकर जिस छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को विकसित करने वाले थे, वह परियोजना गंभीर मतभेदों के कारण टूट गई

रक्षा सूत्रों के अनुसार, FCAS का मुख्य उद्देश्य फ्रांस के Dassault Rafale और जर्मनी-स्पेन के Eurofighter Typhoon का भविष्य का उत्तराधिकारी तैयार करना था। लेकिन तकनीकी नियंत्रण, बौद्धिक संपदा अधिकार (IP) और नेतृत्व को लेकर फ्रांसीसी कंपनी Dassault Aviation तथा Airbus Defence and Space के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि परियोजना समाप्त हो गई।

फ्रांस ने संकेत दिए हैं कि वह अब राफेल के उत्तराधिकारी छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान को अपने दम पर विकसित कर सकता है। फ्रांसीसी रक्षा उद्योग का मानना है कि राफेल की तरह अगली पीढ़ी का विमान भी राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा सकता है।

उधर जर्मनी भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। बर्लिन ने "Team Gen 6" नामक नए औद्योगिक गठबंधन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई है, जिसमें एयरबस और कई प्रमुख रक्षा कंपनियां शामिल हैं। जर्मनी अब या तो अपना नया कार्यक्रम शुरू कर सकता है या फिर ब्रिटेन, इटली और जापान के Global Combat Air Programme (GCAP) जैसे किसी अन्य यूरोपीय प्रयास में शामिल हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि FCAS का टूटना यूरोपीय रक्षा एकता के लिए बड़ा झटका है। ऐसे समय में जब रूस-यूक्रेन संघर्ष और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं, यूरोप की संयुक्त लड़ाकू विमान परियोजना का विफल होना महाद्वीप की सामरिक महत्वाकांक्षाओं पर सवाल खड़े करता है।

मुख्य बात:

राफेल का उत्तराधिकारी बनने वाला यूरोपीय महागठबंधन बिखर चुका है। अब फ्रांस और जर्मनी अलग-अलग रास्तों पर चलते हुए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं।

मास्को/इस्लामाबाद/भारत के दुश्मन पाकिस्तान को रूस दे रहा है ‘मृतसंजीवनी’? बढ़ती दोस्ती से नई दिल्ली में चिंता।

मास्को/इस्लामाबाद/भारत के दुश्मन पाकिस्तान को रूस दे रहा है ‘मृतसंजीवनी’? बढ़ती दोस्ती से नई दिल्ली में चिंता।

रूस से पाकिस्तान मृतसंजीवनी विद्या दे रहे हैं।

मॉस्को/इस्लामाबाद। एक समय पाकिस्तान से दूरी बनाकर रखने वाला रूस अब उसके साथ आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग तेजी से बढ़ा रहा है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए हैं, जिससे दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, रूस और पाकिस्तान ने 2030 तक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी हाल में पाकिस्तान के साथ संबंधों को “पारस्परिक रूप से लाभकारी” बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।

भारत की चिंता का एक बड़ा कारण रूस की वह पहल है जिसमें पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) से जोड़ने की संभावना पर चर्चा हो रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह योजना आगे बढ़ती है तो पाकिस्तान को आर्थिक और सामरिक लाभ मिल सकता है।

हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। रूस ने समानांतर रूप से भारत के साथ भी रक्षा सहयोग जारी रखा है और उन्नत लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में सहयोग की इच्छा जताई है।

रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि रूस आज “भारत या पाकिस्तान” में से किसी एक को चुनने की नीति पर नहीं चल रहा, बल्कि दोनों देशों के साथ अपने-अपने हितों के अनुसार संबंध बढ़ा रहा है। फिर भी पाकिस्तान के साथ बढ़ती निकटता को भारत में कई रणनीतिक विश्लेषक पाकिस्तान के लिए “मृतसंजीवनी” के रूप में देख रहे हैं।

निष्कर्ष: रूस-पाकिस्तान संबंधों में बढ़ोतरी एक वास्तविक कूटनीतिक और आर्थिक प्रवृत्ति है, लेकिन इसे “मृतसंजीवनी विद्या” कहना राजनीतिक या संपादकीय शैली की अभिव्यक्ति होगी, तथ्यात्मक नहीं। रूस अभी भी भारत के साथ अपने पारंपरिक रणनीतिक संबंध बनाए हुए है।

नई दिल्ली।आर्थिक संवाददाता। फिच ने भारत की GDP ग्रोथ घटाई, कारण क्या हैं।

नई दिल्ली।आर्थिक संवाददाता। फिच ने भारत की GDP ग्रोथ घटाई, कारण क्या हैं।

नई दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Fitch Ratings ने भारत की आर्थिक वृद्धि (GDP Growth) का अनुमान घटा दिया है। एजेंसी के अनुसार अब वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान है, जो पहले लगभग 6.7% था।

क्यों घटाया गया अनुमान।

Fitch ने इस कटौती के पीछे मुख्य तौर पर ये कारण बताए हैं:

1. पश्चिम एशिया (Middle East) में तनाव

ईरान–इज़राइल और क्षेत्रीय तनाव के कारण कच्चे तेल (crude oil) की कीमतें बढ़ने का खतरा है। भारत बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है, इसलिए इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

2. महंगाई बढ़ने का दबाव

तेल और गैस महंगी होने से ट्रांसपोर्ट, उत्पादन और रोज़मर्रा की चीज़ों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई (inflation) बढ़ती है।

3. आम लोगों की खरीद क्षमता कम होना।

महंगाई बढ़ने पर लोगों की जेब पर दबाव पड़ता है, जिससे बाजार में खर्च (consumer demand) कम हो सकता है।

4. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

दुनिया भर में धीमी ग्रोथ और व्यापार में अनिश्चितता का असर भारत के निर्यात और निवेश पर भी पड़ सकता है।

3. आम लोगों की खरीद क्षमता कम होना।

महंगाई बढ़ने पर लोगों की जेब पर दबाव पड़ता है, जिससेबाजार में खर्च (consumer demand) कम हो सकता है।

4. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

दुनिया भर में धीमी ग्रोथ और व्यापार में अनिश्चितता का असर भारत के निर्यात और निवेश पर भी पड़ सकता है।

📊 निष्कर्ष

Fitch का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत है, लेकिन वैश्विक तनाव और महंगाई के कारण ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है।

लाहौर।गद्दाफी स्टेडियम की पिच पर उठे सवाल, ICC ने बताया असंतोषजनक।

लाहौर।गद्दाफी स्टेडियम की पिच पर उठे सवाल, ICC ने बताया असंतोषजनक।
लाहौर, संवाददाता। पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे एक दिवसीय मुकाबले के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पिच की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 

ICC ने इस पिच को "असंतोषजनक" करार देते हुए स्टेडियम को एक डिमेरिट अंक प्रदान किया है।

मैच रेफरी ग्राहम ला ब्रॉय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिच बेहद धीमी और नीची थी, जिसके कारण बल्लेबाजों के लिए रन बनाना काफी कठिन हो गया।पिच ने शुरुआती ओवरों से ही स्पिन गेंदबाजों को मदद प्रदान की और पूरे मैच के दौरान परिस्थितियां लगभग एक जैसी बनी रहीं।

विशेषज्ञों का मानना है कि एकदिवसीय क्रिकेट में बल्लेबाज और गेंदबाज के बीच संतुलन होना चाहिए, लेकिन इस मुकाबले में पिच पूरी तरह गेंदबाजों के पक्ष में दिखाई दी। इसके कारण मैच में अपेक्षित प्रतिस्पर्धा देखने को नहीं मिली।

ICC के नियमों के अनुसार डिमेरिट अंक पांच वर्षों तक रिकॉर्ड में रहता है। यदि किसी मैदान को निर्धारित अवधि में कई डिमेरिट अंक मिलते हैं तो उसे अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी से वंचित भी किया जा सकता है।

आईसीसी ने Gaddafi Stadium की पिच को "Unsatisfactory" (असंतोषजनक) करार दिया है। यह फैसला पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे वनडे मैच के बाद लिया गया, जिसके चलते स्टेडियम को एक डिमेरिट पॉइंट (Demerit Point) भी मिला है।

मैच रेफरी Graeme La Brooy की रिपोर्ट के अनुसार:

पिच काफी धीमी (slow) और नीची उछाल (low bounce) वाली थी।

रन बनाना बेहद मुश्किल हो गया था।

वनडे क्रिकेट के लिए उपयुक्त संतुलन नहीं था।

स्पिन गेंदबाजों को मैच की शुरुआत से ही अत्यधिक मदद मिल रही थी।

आईसीसी के नियमों के तहत "Unsatisfactory" रेटिंग मिलने पर किसी मैदान को 1 डिमेरिट पॉइंट दिया जाता है। ये अंक 5 वर्षों तक रिकॉर्ड में रहते हैं। यदि कोई मैदान 6 डिमेरिट पॉइंट तक पहुंच जाता है, तो उसे 12 महीनों के लिए अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी से निलंबित किया जा सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि इसी समय Lord's Cricket Ground की पिच को भी आईसीसी ने "Unsatisfactory" रेटिंग दी और उसे भी 1 डिमेरिट पॉइंट मिला।

इस मामले में ICC की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि संबंधित क्रिकेट बोर्डों को फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है।



तंजानिया के वैज्ञानिकों ने बनाया ‘स्टार होम’, मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से मिलेगी सुरक्षा।

तंजानिया के वैज्ञानिकों ने बनाया ‘स्टार होम’, मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों से मिलेगी सुरक्षा।

Tanzania Star Home 

दार एस सलाम (तंजानिया)। मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए तंजानिया के वैज्ञानिकों ने एक अनोखा आवासीय मॉडल ‘स्टार होम’ विकसित किया है। 

शोध के अनुसार, यह विशेष डिजाइन वाला घर मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों की घर में प्रवेश करने की संभावना को काफी हद तक कम कर देता है।

वैज्ञानिकों द्वारा ग्रामीण तंजानिया के 59 गांवों में किए गए अध्ययन में पाया गया कि स्टार होम में रहने वाले परिवारों के घरों में पारंपरिक घरों की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत कम मच्छर पहुंचे। 

इसके कारण मलेरिया संक्रमण का जोखिम भी उल्लेखनीय रूप से घट गया।

स्टार होम की खासियत यह है कि इसमें दूसरी मंजिल पर शयनकक्ष बनाए गए हैं, खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगी है, स्वयं बंद होने वाले दरवाजे हैं तथा बेहतर वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई है। 

इन विशेषताओं के कारण मच्छरों का प्रवेश कठिन हो जाता है और घर के अंदर का वातावरण भी अपेक्षाकृत ठंडा रहता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के घर न केवल मलेरिया बल्कि बच्चों में दस्त और श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों को भी कम करने में सहायक साबित हुए हैं। 

उनका मानना है कि अफ्रीका में भविष्य में बनने वाले नए घरों में इस डिजाइन की महत्वपूर्ण विशेषताओं को अपनाया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर आवासीय डिजाइन सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार का एक प्रभावी साधन बन सकता है और मलेरिया नियंत्रण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संवाददाता अमन कुमार मिश्र।

भारत में नई परियोजना से कीटनाशकों पर निर्भरता घटने की उम्मीद।

भारत में नई परियोजना से कीटनाशकों पर निर्भरता घटने की उम्मीद।

नई दिल्ली :कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा।

नई दिल्ली, संवाददाता।

भारत में कृषि क्षेत्र में शुरू की जा रही नई परियोजना से किसानों की कीटनाशक दवाओं पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के माध्यम से फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के लिए वैकल्पिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जैविक नियंत्रण उपायों तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग में कमी आने के साथ-साथ उत्पादन लागत भी घट सकती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी कम करेगा। साथ ही, किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने में मदद मिलेगी।

सरकार और संबंधित संस्थाओं को उम्मीद है कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा देश में सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

सेल्फ-ड्राइविंग कार हर सेकंड जुटाती है लाखों डेटा, वैज्ञानिकों का दावा।

सेल्फ-ड्राइविंग कार हर सेकंड जुटाती है लाखों डेटा, वैज्ञानिकों का दावा।
King's College London के वैज्ञानिकों ने बताया कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें चलते समय कैमरों और सेंसरों की मदद से हर सेकंड लाखों डेटा बिंदुओं का संग्रह करती हैं।

लंदन, संवाददाता।

King's College London के वैज्ञानिकों ने बताया है कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें चलते समय कैमरों और सेंसरों की मदद से हर सेकंड लाखों डेटा बिंदुओं का संग्रह करती हैं। यह डेटा सड़क की स्थिति, यातायात, पैदल यात्रियों, ट्रैफिक संकेतों और आसपास मौजूद अन्य वाहनों से संबंधित होता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अत्याधुनिक कैमरे, रडार और अन्य सेंसर लगातार अपने आसपास के वातावरण की जानकारी जुटाते रहते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कंप्यूटर सिस्टम इस जानकारी का विश्लेषण कर वाहन को सुरक्षित रूप से चलाने, गति नियंत्रित करने और संभावित खतरों से बचने में सहायता करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा संग्रह और त्वरित विश्लेषण की यह क्षमता सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भविष्य में इस तकनीक के व्यापक उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।


डोनाल्ड डक। करोड़ों दिलों पर राज करने वाला डोनाल्ड डक आज भी लोकप्रिय।

डोनाल्ड डक। करोड़ों दिलों पर राज करने वाला डोनाल्ड डक आज भी लोकप्रिय।

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे लोकप्रिय कार्टून पात्रों में से एक Donald Duck ने दशकों से बच्चों और बड़ों का मनोरंजन करते हुए करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अपनी मजेदार आवाज, चंचल स्वभाव और हास्यपूर्ण कारनामों के कारण डोनाल्ड डक की लोकप्रियता आज भी बरकरार है।

डोनाल्ड डक की कार्टून फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों ने दुनिया भर में दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन किया। खासकर बच्चों के बीच यह किरदार बेहद पसंद किया जाता है। इसके अनोखे अंदाज और रोचक कहानियों ने इसे कार्टून जगत का एक अमर पात्र बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड डक की सफलता का राज उसकी सरल, हास्यपूर्ण और भावनात्मक प्रस्तुति में छिपा है, जिससे हर उम्र के लोग खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। यही कारण है कि कई पीढ़ियों से यह किरदार दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है।

कार्टून प्रेमियों का कहना है कि डोनाल्ड डक सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि बचपन की खूबसूरत यादों का हिस्सा है, जिसने करोड़ों लोगों के दिल जीत लिए हैं।

92 वर्ष पहले आज ही के दिन स्क्रीन पर आया था डोनाल्ड डक

मनोरंजन डेस्क। विश्व के सबसे लोकप्रिय कार्टून किरदारों में शामिल Donald Duck ने 92 वर्ष पहले, 9 जून 1934 को अपनी पहली स्क्रीन उपस्थिति दर्ज कराई थी। डोनाल्ड डक ने पहली बार डिज्नी की लघु एनिमेटेड फिल्म The Wise Little Hen में दर्शकों के सामने कदम रखा था।

अपनी अनोखी आवाज, गुस्सैल लेकिन हास्यपूर्ण स्वभाव और मजेदार हरकतों के कारण डोनाल्ड डक जल्द ही दुनिया भर के बच्चों और बड़ों का पसंदीदा पात्र बन गया। पिछले नौ दशकों से अधिक समय में यह किरदार कार्टून जगत की पहचान बन चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डोनाल्ड डक की लोकप्रियता का मुख्य कारण उसका जीवंत व्यक्तित्व और मनोरंजक कहानियां हैं, जिन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों का दिल जीता है। आज भी डोनाल्ड डक की फिल्में, कॉमिक्स और टीवी कार्यक्रम दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं।

92 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्टून प्रेमी इस ऐतिहासिक दिन को याद कर रहे हैं, जब एक छोटे से एनिमेटेड किरदार ने मनोरंजन की दुनिया में प्रवेश कर इतिहास रच दिया था।


सरकारी जमीन पर बनी अवैध नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर।

सरकारी जमीन पर बनी अवैध नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर।

सरकार को चाहिए कि इस तरह अवैध तरीके से कब्जा किए हुए जमीन अधिग्रहण कर कार्रवाई शुरू।

जयपुर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा के बीच हटाया गया निर्माण।

जयपुर, 8 जून 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र स्थित नंदपुरी कॉलोनी में सोमवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नूरानी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

प्रशासन के अनुसार, जिस भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था वह सरकारी भूमि थी और लंबे समय से इसे अतिक्रमण की श्रेणी में माना जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्षों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी गई।

प्रशासन का कहना है कि शहर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने प्रशासन के फैसले का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इस पर आपत्ति जताई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

8 जून 2026 को मालवीय नगर की नंदपुरी कॉलोनी में कार्रवाई।

प्रशासन ने निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण बताया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई।

अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत उठाया गया कदम।

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।