भारत में नई परियोजना से कीटनाशकों पर निर्भरता घटने की उम्मीद।

भारत में नई परियोजना से कीटनाशकों पर निर्भरता घटने की उम्मीद।

नई दिल्ली :कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा।

नई दिल्ली, संवाददाता।

भारत में कृषि क्षेत्र में शुरू की जा रही नई परियोजना से किसानों की कीटनाशक दवाओं पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के माध्यम से फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के लिए वैकल्पिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।

परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जैविक नियंत्रण उपायों तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग में कमी आने के साथ-साथ उत्पादन लागत भी घट सकती है।

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी कम करेगा। साथ ही, किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने में मदद मिलेगी।

सरकार और संबंधित संस्थाओं को उम्मीद है कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा देश में सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

सेल्फ-ड्राइविंग कार हर सेकंड जुटाती है लाखों डेटा, वैज्ञानिकों का दावा।

सेल्फ-ड्राइविंग कार हर सेकंड जुटाती है लाखों डेटा, वैज्ञानिकों का दावा।
King's College London के वैज्ञानिकों ने बताया कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें चलते समय कैमरों और सेंसरों की मदद से हर सेकंड लाखों डेटा बिंदुओं का संग्रह करती हैं।

लंदन, संवाददाता।

King's College London के वैज्ञानिकों ने बताया है कि सेल्फ-ड्राइविंग कारें चलते समय कैमरों और सेंसरों की मदद से हर सेकंड लाखों डेटा बिंदुओं का संग्रह करती हैं। यह डेटा सड़क की स्थिति, यातायात, पैदल यात्रियों, ट्रैफिक संकेतों और आसपास मौजूद अन्य वाहनों से संबंधित होता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, अत्याधुनिक कैमरे, रडार और अन्य सेंसर लगातार अपने आसपास के वातावरण की जानकारी जुटाते रहते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित कंप्यूटर सिस्टम इस जानकारी का विश्लेषण कर वाहन को सुरक्षित रूप से चलाने, गति नियंत्रित करने और संभावित खतरों से बचने में सहायता करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा संग्रह और त्वरित विश्लेषण की यह क्षमता सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भविष्य में इस तकनीक के व्यापक उपयोग से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने और यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।


डोनाल्ड डक। करोड़ों दिलों पर राज करने वाला डोनाल्ड डक आज भी लोकप्रिय।

डोनाल्ड डक। करोड़ों दिलों पर राज करने वाला डोनाल्ड डक आज भी लोकप्रिय।

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे लोकप्रिय कार्टून पात्रों में से एक Donald Duck ने दशकों से बच्चों और बड़ों का मनोरंजन करते हुए करोड़ों लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अपनी मजेदार आवाज, चंचल स्वभाव और हास्यपूर्ण कारनामों के कारण डोनाल्ड डक की लोकप्रियता आज भी बरकरार है।

डोनाल्ड डक की कार्टून फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों ने दुनिया भर में दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन किया। खासकर बच्चों के बीच यह किरदार बेहद पसंद किया जाता है। इसके अनोखे अंदाज और रोचक कहानियों ने इसे कार्टून जगत का एक अमर पात्र बना दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड डक की सफलता का राज उसकी सरल, हास्यपूर्ण और भावनात्मक प्रस्तुति में छिपा है, जिससे हर उम्र के लोग खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। यही कारण है कि कई पीढ़ियों से यह किरदार दर्शकों का पसंदीदा बना हुआ है।

कार्टून प्रेमियों का कहना है कि डोनाल्ड डक सिर्फ एक पात्र नहीं, बल्कि बचपन की खूबसूरत यादों का हिस्सा है, जिसने करोड़ों लोगों के दिल जीत लिए हैं।

92 वर्ष पहले आज ही के दिन स्क्रीन पर आया था डोनाल्ड डक

मनोरंजन डेस्क। विश्व के सबसे लोकप्रिय कार्टून किरदारों में शामिल Donald Duck ने 92 वर्ष पहले, 9 जून 1934 को अपनी पहली स्क्रीन उपस्थिति दर्ज कराई थी। डोनाल्ड डक ने पहली बार डिज्नी की लघु एनिमेटेड फिल्म The Wise Little Hen में दर्शकों के सामने कदम रखा था।

अपनी अनोखी आवाज, गुस्सैल लेकिन हास्यपूर्ण स्वभाव और मजेदार हरकतों के कारण डोनाल्ड डक जल्द ही दुनिया भर के बच्चों और बड़ों का पसंदीदा पात्र बन गया। पिछले नौ दशकों से अधिक समय में यह किरदार कार्टून जगत की पहचान बन चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डोनाल्ड डक की लोकप्रियता का मुख्य कारण उसका जीवंत व्यक्तित्व और मनोरंजक कहानियां हैं, जिन्होंने कई पीढ़ियों के दर्शकों का दिल जीता है। आज भी डोनाल्ड डक की फिल्में, कॉमिक्स और टीवी कार्यक्रम दुनिया भर में पसंद किए जाते हैं।

92 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्टून प्रेमी इस ऐतिहासिक दिन को याद कर रहे हैं, जब एक छोटे से एनिमेटेड किरदार ने मनोरंजन की दुनिया में प्रवेश कर इतिहास रच दिया था।


सरकारी जमीन पर बनी अवैध नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर।

सरकारी जमीन पर बनी अवैध नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर।

सरकार को चाहिए कि इस तरह अवैध तरीके से कब्जा किए हुए जमीन अधिग्रहण कर कार्रवाई शुरू।

जयपुर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा के बीच हटाया गया निर्माण।

जयपुर, 8 जून 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर के मालवीय नगर क्षेत्र स्थित नंदपुरी कॉलोनी में सोमवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नूरानी मस्जिद को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण की टीम द्वारा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

प्रशासन के अनुसार, जिस भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था वह सरकारी भूमि थी और लंबे समय से इसे अतिक्रमण की श्रेणी में माना जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्षों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी गई।

प्रशासन का कहना है कि शहर में सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने प्रशासन के फैसले का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इस पर आपत्ति जताई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

8 जून 2026 को मालवीय नगर की नंदपुरी कॉलोनी में कार्रवाई।

प्रशासन ने निर्माण को सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण बताया।

भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई।

अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत उठाया गया कदम।

क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।


बराक, 9 जून।बराक की मेजर अभिलाषा ने बढ़ाया भारत का मान, यूएन के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित।

बराक, 9 जून। बराक की मेजर अभिलाषा ने बढ़ाया भारत का मान, यूएन के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित।

शांति:भारतीय मूल की नारी मेजर अभिलाषा।

बराक, 9 जून। भारतीय सेना की अधिकारी मेजर अभिलाषा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाते हुए वर्ष 2025 के यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित होकर देश का नाम रोशन किया है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रदान किए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए मेजर अभिलाषा का चयन शांति मिशनों में लैंगिक समानता, महिला सशक्तिकरण तथा समावेशी नेतृत्व को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के आधार पर किया गया। 

उनकी उपलब्धि न केवल भारतीय सेना के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

मेजर अभिलाषा के परिवार।

बराक क्षेत्र सहित देशभर में उनकी इस सफलता पर खुशी और उत्साह का माहौल है। 

सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों तथा नागरिकों ने मेजर अभिलाषा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के इस सम्मान से वैश्विक शांति अभियानों में भारत की सक्रिय और सकारात्मक भूमिका को भी नई पहचान मिली है। 

मेजर अभिलाषा की यह उपलब्धि भारतीय सेना की पेशेवर क्षमता, समर्पण और नेतृत्व कौशल का भी प्रमाण है।

मेजर अभिलाषा ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारतीय सेना और देश के सभी उन लोगों का है जो समानता, शांति और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं।

उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर से उन्हें शुभकामनाएं और बधाइयां मिल रही हैं।

भारत में BYD की पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार लॉन्च, ऑटो सेक्टर में बढ़ी हलचल।

भारत में BYD की पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार लॉन्च, ऑटो सेक्टर में बढ़ी हलचल।
नई दिल्ली, 8 जून। चीन की प्रमुख इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी BYD ने भारतीय बाजार में अपनी पहली प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) कार पेश करने की घोषणा की है। 

कंपनी 9 जून को भारत में अपने पहले हाइब्रिड मॉडल का अनावरण करेगी। अब तक BYD भारत में केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करती रही है, लेकिन यह लॉन्च कंपनी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

कंपनी ने संकेत दिए हैं कि नया मॉडल उसकी अत्याधुनिक DM-i सुपर प्लग-इन हाइब्रिड तकनीक से लैस होगा। 

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह वाहन संभवतः Sealion 6 या Atto 2 मॉडल हो सकता है। 

हाइब्रिड तकनीक के कारण वाहन लंबी दूरी तय करने में सक्षम होगा और ईंधन दक्षता भी बेहतर रहेगी।

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि BYD का यह कदम भारतीय प्रीमियम हाइब्रिड वाहन बाजार में प्रतिस्पर्धा को और तेज करेगा। 

कंपनी का लक्ष्य उन ग्राहकों को आकर्षित करना है जो इलेक्ट्रिक वाहन की सुविधाओं के साथ लंबी दूरी की चिंता से मुक्त विकल्प चाहते हैं। 

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि यह हाइब्रिड SUV एक बार फुल चार्ज और फ्यूल टैंक भरने पर 1,000 किलोमीटर से अधिक की संयुक्त रेंज दे सकती है।

भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की बढ़ती मांग के बीच BYD की यह एंट्री बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

कंपनी पहले से ही भारतीय बाजार में अपने कई इलेक्ट्रिक मॉडल बेच रही है और अब हाइब्रिड सेगमेंट में भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रही है।

(संवाददाता) अमन कुमार मिश्र ।



भारत में BYD की पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार, कीमत 50 लाख रुपये तक होने की संभावना।

भारत में BYD की पहली प्लग-इन हाइब्रिड कार, कीमत 50 लाख रुपये तक होने की संभावना।

नई दिल्ली, 8 जून। चीन की अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी BYD ने भारतीय बाजार में अपनी पहली प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) कार लॉन्च करने की तैयारी पूरी कर ली है। 

कंपनी 9 जून को अपने नए हाइब्रिड मॉडल से पर्दा उठाएगी, जिससे भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है।

कंपनी द्वारा जारी टीज़र के अनुसार, नई कार अत्याधुनिक DM-i हाइब्रिड तकनीक से लैस होगी। 

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल संभवतः BYD Sealion 6 DM-i हो सकता है, जो इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों तकनीकों का संयोजन प्रदान करेगा।

बाजार रिपोर्टों के मुताबिक, इस वाहन की संभावित एक्स-शोरूम कीमत 45 लाख से 50 लाख रुपये के बीच हो सकती है। 

हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक कीमत की घोषणा नहीं की है। लॉन्च के बाद इसकी वास्तविक कीमत और फीचर्स का खुलासा किया जाएगा।

नई हाइब्रिड SUV की सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबी ड्राइविंग रेंज मानी जा रही है। 

दावा किया जा रहा है कि फुल चार्ज बैटरी और भरे हुए फ्यूल टैंक के साथ यह वाहन 1,000 किलोमीटर से अधिक की संयुक्त रेंज देने में सक्षम हो सकता है। 

इससे उन ग्राहकों को फायदा मिलेगा जो इलेक्ट्रिक वाहन की कम लागत और पेट्रोल इंजन की लंबी दूरी दोनों का लाभ चाहते हैं।

ऑटो उद्योग के जानकारों का कहना है कि BYD की यह एंट्री भारत के प्रीमियम SUV और हाइब्रिड सेगमेंट में नई चुनौती पेश करेगी। 

कंपनी पहले से भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कर रही है और अब हाइब्रिड तकनीक के जरिए अपने ग्राहक आधार को और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।


50 लाख रुपये की कार आम लोगों की पहुंच से दूर, BYD की नई SUV पर उठे सवाल।

50 लाख रुपये की कार आम लोगों की पहुंच से दूर, BYD की नई SUV पर उठे सवाल।

यह कार मध्यम वर्ग के लिए नहीं है और न ही गरीबों के लिए है। भारत में  9 जून को लांच करने से क्या फायदा। गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवार जिसे खरीद नहीं कर सकता है


नई दिल्ली, 8 जून। चीन की वाहन निर्माता कंपनी BYD द्वारा भारत में करीब 50 लाख रुपये कीमत वाली नई हाइब्रिड SUV लॉन्च किए जाने की खबर के बीच इसकी कीमत को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आम लोगों और उपभोक्ताओं का कहना है कि इतनी महंगी कार देश के अधिकांश परिवारों की पहुंच से बाहर है।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बड़ी आबादी मध्यम और निम्न आय वर्ग से जुड़ी है। ऐसे में 45 से 50 लाख रुपये कीमत वाली कार खरीदना अधिकांश लोगों के लिए संभव नहीं है। वाहन खरीदने के साथ बीमा, रखरखाव, ईंधन और अन्य खर्च भी जुड़ जाते हैं, जिससे कुल लागत और बढ़ जाती है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस श्रेणी की गाड़ियां मुख्य रूप से उच्च आय वर्ग, बड़े कारोबारियों और प्रीमियम वाहन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लॉन्च की जाती हैं। वहीं आम उपभोक्ता आमतौर पर 5 लाख से 15 लाख रुपये के बजट वाली कारों को प्राथमिकता देते हैं।

हालांकि ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि नई तकनीक, बेहतर सुरक्षा फीचर्स और लंबी रेंज जैसी सुविधाओं के कारण प्रीमियम वाहनों की कीमत अधिक होती है। इसके बावजूद कई उपभोक्ताओं का मानना है कि भारतीय बाजार में सस्ती और किफायती कारों की मांग अभी भी सबसे ज्यादा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि 50 लाख रुपये की कार को "गरीबों की कार" नहीं कहा जा सकता। यह वाहन मुख्य रूप से उन ग्राहकों के लिए है जिनकी आय और क्रय क्षमता अपेक्षाकृत अधिक है। ऐसे में BYD की नई SUV तकनीकी रूप से भले ही उन्नत हो, लेकिन इसकी कीमत आम और गरीब परिवारों की पहुंच से काफी दूर नजर आती है।

संवाददाता अमन कुमार मिश्र 

रूस-भारत की दोस्ती बरकरार, रणनीतिक साझेदारी और मजबूत।

रूस-भारत की दोस्ती बरकरार, रणनीतिक साझेदारी और मजबूत।

ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण

नई दिल्ली, संवाददाता। वैश्विक राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच भारत और रूस के संबंध मजबूत बने हुए हैं। 

दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस की साझेदारी केवल आर्थिक हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दशकों पुराने विश्वास और रणनीतिक सहयोग पर आधारित है।

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ऊर्जा क्षेत्र में रूस भारत के प्रमुख साझेदारों में शामिल है, जबकि रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ जारी हैं। दोनों सरकारें भविष्य में आर्थिक और तकनीकी सहयोग को और विस्तार देने पर जोर दे रही हैं।

विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि रूस विभिन्न देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है, लेकिन इससे भारत के साथ उसकी पारंपरिक मित्रता पर कोई असर नहीं पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देश कई मुद्दों पर संवाद और सहयोग बनाए हुए हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत और रूस के रिश्ते स्थिर और भरोसेमंद बने हुए हैं। यही कारण है कि दोनों देशों को आज भी एक-दूसरे का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार माना जाता है।

मुख्य बिंदु:

भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी मित्रता कायम।

रक्षा, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्रों में सहयोग जारी।

दोनों देश रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर केंद्रित।

विशेषज्ञों के अनुसार, रूस-भारत संबंधों में फिलहाल किसी कमजोरी के संकेत नहीं

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए गठबंधनों और समझौतों के बावजूद भारत और रूस की दोस्ती मजबूत बनी हुई है और दोनों देश भविष्य में भी सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

रूस और पाकिस्तान समझौते पर चर्चा तेज, क्या रूस भारत का दुश्मन बन रहा है?

रूस और पाकिस्तान समझौते पर चर्चा तेज, क्या रूस भारत का दुश्मन बन रहा है?
दोनों देशों ने गैस पाइपलाइन, तेल व्यापार और रेलवे सहयोग जैसे कई समझौतों पर काम किया है। 
नई दिल्ली। रूस और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा, व्यापार और परिवहन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। 


दोनों देशों ने गैस पाइपलाइन, तेल व्यापार और रेलवे सहयोग जैसे कई समझौतों पर काम किया है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अपनी वैश्विक रणनीति के तहत पाकिस्तान के साथ भी रिश्ते मजबूत कर रहा है।

हालांकि, रूस के पाकिस्तान से बढ़ते संबंधों को भारत के खिलाफ कदम मानना जल्दबाजी होगी। 

हाल के वर्षों में भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। 

दोनों देशों ने 2030 तक आर्थिक सहयोग बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया है और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग जारी है।

रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भारत के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाने और उन्नत सैन्य तकनीक पर साथ काम करने की इच्छा भी जताई है। 

हाल की रिपोर्टों में रूस द्वारा भारत को उन्नत लड़ाकू विमान परियोजनाओं में सहयोग की पेशकश का उल्लेख किया गया है।

विश्लेषकों का कहना है कि रूस आज "बहु-स्तरीय विदेश नीति" अपना रहा है। 

इसलिए वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संबंध बनाए रखना चाहता है। 

लेकिन आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक दृष्टि से भारत अभी भी रूस का कहीं अधिक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है।

निष्कर्ष: रूस और पाकिस्तान के बीच समझौते हुए हैं, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि रूस भारत का दुश्मन बन गया है। 

रूस और भारत के संबंध अभी भी मजबूत रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं।