आदिवासी हटेंगे तो जंगल भी घटेंगे” राज्यपाल डी.के. जोशी।

आदिवासी हटेंगे तो जंगल भी घटेंगे”राज्यपाल डी.के. जोशी।
राज्यपाल (उपराज्यपाल) डी.के. जोशी ने आदिवासीसमुदाय और जंगलों के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज जंगलों का प्राकृतिक संरक्षक है।

पोर्ट ब्लेयर, संवाददाता।

राज्यपाल (उपराज्यपाल) डी.के. जोशी ने आदिवासी समुदाय और जंगलों के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज जंगलों का प्राकृतिक संरक्षक है। उन्होंने कहा कि यदि आदिवासियों को उनके पारंपरिक वन क्षेत्रों से हटाया गया, तो जंगलों का संरक्षण भी प्रभावित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

जोशी ने कहा कि आदिवासी समुदाय सदियों से प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीता आया है और उनकी जीवनशैली जंगलों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण की किसी भी नीति में स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान आदिवासी हितों, उनकी संस्कृति और आजीविका की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उनके अनुसार, टिकाऊ विकास का मार्ग वही है जिसमें पर्यावरण और स्थानीय समुदाय दोनों सुरक्षित रहें।

मुख्य बिंदु:-

आदिवासी समुदाय जंगलों के प्राकृतिक संरक्षक हैं।

वन संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी।

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर।

आदिवासी हितों और संस्कृति की रक्षा को प्राथमिकता।

ईरान की ट्रम्प को चेतावनी, परमाणु समझौते में देरी की कीमत चुकानी पड़ेगी।

ईरान की ट्रम्प को चेतावनी, परमाणु समझौते में देरी की कीमत चुकानी पड़ेगी।

तेहरान/वॉशिंगटन, एजेंसी। ईरान ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि परमाणु समझौते के मुद्दे पर अत्यधिक देरी की गई है और इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि अमेरिका की नीतियों और लंबे समय तक चली अनिश्चितता ने दोनों देशों के बीच विश्वास को कमजोर किया है।

ईरान का कहना है कि परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत में लगातार विलंब होने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा है। तेहरान ने दोहराया कि यदि कूटनीतिक प्रयासों को आगे नहीं बढ़ाया गया तो स्थिति और जटिल हो सकती है।

वहीं अमेरिकी पक्ष की ओर से इस बयान पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अब भी बने हुए हैं और किसी नए समझौते के लिए व्यापक वार्ता की आवश्यकता होगी।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, परमाणु समझौते पर प्रगति क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

मुख्य बिंदु:-

ईरान ने परमाणु समझौते में देरी पर अमेरिका की आलोचना की।

ट्रम्प की नीतियों को लेकर तेहरान ने नाराजगी जताई।

दोनों देशों के बीच परमाणु मुद्दे पर मतभेद बरकरार।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने वार्ता और कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया।



पाकिस्तान के हवाई हमले में 13 लोगों की मौत, 11 बच्चे शामिल।

पाकिस्तान के हवाई हमले में 13 लोगों की मौत, 11 बच्चे शामिल।

हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। हमले में 14 अन्य लोग घायल हुए हैं।

काबुल/इस्लामाबाद, संवाददाता। पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान की सीमा से लगे क्षेत्रों में किए गए ताजा हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। हमले में 14 अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हवाई हमले अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में किए गए, जहां कई आवासीय भवन प्रभावित हुए। मृतकों में बड़ी संख्या बच्चों की होने से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। राहत एवं बचाव दल ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया तथा मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी रखी।

अफगान अधिकारियों ने हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों पर किया गया हमला बताया है। वहीं पाकिस्तान की ओर से फिलहाल इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

घटना के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए संयम बरतने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

घटना एक नजर में: हवाई हमलों में 13 लोगों की मौत,मृतकों में 11 बच्चे शामिल,14 लोग घायल, अस्पताल में उपचार जारी,कई मकान क्षतिग्रस्त,क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान जारी।

न्यूयॉर्क 11 जून।अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रोका, दोनों देशों की कूटनीतिक कोशिशों को झटका।

अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव रोका, दोनों देशों की कूटनीतिक कोशिशों को झटका।
आतंकवादी सूची में शामिल कराने के लिए सदस्य देशों को ठोस और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना होगा।

न्यूयॉर्क, 11 जून। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन को उस समय बड़ा कूटनीतिक झटका लगा जब अमेरिका ने दोनों देशों के उस प्रस्ताव को रोक दिया, जिसमें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसकी सहयोगी इकाई मजीद ब्रिगेड को संयुक्त राष्ट्र की 1267 आतंकवाद प्रतिबंध सूची में शामिल करने की मांग की गई थी।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्य BLA को अल-कायदा या आईएसआईएस जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों से जोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत किसी संगठन को सूचीबद्ध करने के लिए ऐसे संबंधों का प्रमाण आवश्यक माना जाता है।

इस फैसले को पाकिस्तान और चीन की संयुक्त कूटनीतिक पहल के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दोनों देश लंबे समय से BLA को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठन घोषित कराने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका के रुख के बाद यह प्रयास फिलहाल सफल नहीं हो सका।

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में इस घटनाक्रम से यह संकेत मिलता है कि किसी संगठन को वैश्विक आतंकवादी सूची में शामिल कराने के लिए सदस्य देशों को ठोस और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना होगा।

नई दिल्ली।वनडे विश्व कप जीतने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल गई : हरमनप्रीत कौर।

नई दिल्ली।वनडे विश्व कप जीतने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल गई : हरमनप्रीत कौर।
Harmanpreet Kaur Women Cricket Teem Captain.

नई दिल्ली, 11 जून। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur ने कहा है कि भारत का पहला महिला वनडे विश्व कप जीतने के बाद उनकी और पूरी टीम की जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय टीम भविष्य में भी ट्रॉफियां जीतने का सिलसिला जारी रखेगी।

हरमनप्रीत ने कहा, “मुझे लगता है कि पहला वनडे विश्व कप जीतने के बाद जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। उम्मीद है कि हम ट्रॉफी जीतने का यह सिलसिला जारी रखेंगे। एक कप्तान के तौर पर मैं यही चाहती हूं और मुझे लगता है कि हमारी टीम का हर खिलाड़ी इसी सपने को लेकर आगे बढ़ रहा है।”

भारतीय कप्तान ने कहा कि विश्व कप जीत ने टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। अब खिलाड़ियों का लक्ष्य केवल अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि हर बड़े टूर्नामेंट में खिताब जीतना है।

गौरतलब है कि भारत ने पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। इस उपलब्धि के बाद महिला क्रिकेट को देशभर में नई पहचान मिली और खिलाड़ियों का मनोबल भी बढ़ा।

अब भारतीय टीम की नजर आगामी टी20 विश्व कप पर है, जहां हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम एक और विश्व खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

नई दिल्ली। क्या इस बार खत्म होगा भारतीय टीम का 17 साल का इंतजार।

नई दिल्ली। क्या इस बार खत्म होगा भारतीय टीम का 17 साल का इंतजार?
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें एक बार फिर टी20 विश्व कप पर टिकी है।

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें एक बार फिर टी20 विश्व कप पर टिकी हैं। 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारत को दूसरा खिताब हासिल करने के लिए 17 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा था। अब सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया एक बार फिर विश्व क्रिकेट पर अपना दबदबा कायम रख पाएगी और खिताब जीतने का सिलसिला जारी रखेगी।

भारतीय टीम पिछले कुछ वर्षों में टी20 क्रिकेट में लगातार मजबूत प्रदर्शन करती रही है। बल्लेबाजी में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन, जबकि गेंदबाजी में तेज और स्पिन आक्रमण की गहराई टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं तो भारत खिताब का प्रबल दावेदार रहेगा।

हालांकि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड,दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी टीमों से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है। ऐसे में भारतीय टीम को हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

टीम इंडिया के समर्थकों को उम्मीद है कि खिलाड़ी दबाव में भी शानदार खेल दिखाएंगे और देश को एक और विश्व कप ट्रॉफी दिलाएंगे। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि मौजूदा टीम में वह क्षमता है जो बड़े मंच पर इतिहास रच सकती है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम मैदान पर अपने प्रदर्शन से उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और क्या वह विश्व कप जीतकर देशवासियों को जश्न मनाने का एक और मौका दे पाती है।

ढाका। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर रचा इतिहास, 21 वर्षों में दूसरी जीत।

ढाका। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर रचा इतिहास, 21 वर्षों में दूसरी जीत।
बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

ढाका एजेंसी। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह पिछले 21 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया पर बांग्लादेश की दूसरी जीत है, जिससे देशभर के क्रिकेट प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। टीम ने दबाव के क्षणों में संयम बनाए रखा और मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम को मात देकर बड़ी उपलब्धि हासिल की।

इससे पहले बांग्लादेश ने वर्ष 2005 में ऑस्ट्रेलिया केखिलाफ अपनी पहली जीत दर्ज की थी। अब दो दशक से अधिक समय बाद मिली यह सफलता बांग्लादेशी क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

जीत के बाद खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन ने इसे सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम बांग्लादेश क्रिकेट के लगातार हो रहे विकास और खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है।

देश भर में प्रशंसकों ने इस जीत का जश्न मनाया और टीम को ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। बांग्लादेश की यह जीत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी बढ़ती ताकत का एक और प्रमाण मानी जा रही है।

मैक्सिको। तिजुआना में ईरानी प्रशंसकों को झटका, विश्व कप टिकट आवंटन रद्द।

मैक्सिको। तिजुआना में ईरानी प्रशंसकों को झटका, विश्व कप टिकट आवंटन रद्द।
फुटबॉल।11 जून। फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले ईरान के फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है।

तिजुआना (मैक्सिको), 11 जून। फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले ईरान के फुटबॉल प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। ईरान फुटबॉल महासंघ ने दावा किया है कि फीफा ने अमेरिकी शहरों में होने वाले ईरान के समूह चरण मैचों के लिए ईरानी समर्थकों को आवंटित टिकटों का कोटा रद्द कर दिया है। इससे हजारों प्रशंसकों की विश्व कप देखने की योजना प्रभावित हो सकती है।

ईरानी महासंघ के अनुसार, विश्व कप में भाग लेने वाली प्रत्येक टीम को अपने समर्थकों के लिए स्टेडियम क्षमता का एक निर्धारित हिस्सा मिलता है, लेकिन अब ईरान को यह सुविधा नहीं मिल रही है। महासंघ ने कहा कि कई प्रशंसकों ने पहले ही यात्रा और रहने की व्यवस्था कर ली थी, इसलिए यह फैसला उनके लिए निराशाजनक है।

ईरानी टीम इन दिनों मैक्सिको के शहर Tijuana में अपना प्रशिक्षण शिविर चला रही है। अमेरिका के साथ जारी राजनीतिक तनाव और वीजा संबंधी समस्याओं के कारण टीम ने अपना बेस अमेरिका के बजाय मैक्सिको में बनाया है।

ईरान फुटबॉल महासंघ ने इस कदम को खेल में राजनीतिक हस्तक्षेप करार देते हुए फीफा से निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों का पालन करने की अपील की है। वहीं, फीफा ने कहा है कि वह मामले का समाधान तलाशने के लिए संबंधित पक्षों के साथ काम कर रहा है।

विश्व कप 2026 में ईरान अपने शुरुआती मुकाबले अमेरिका में खेलेगा, जबकि टीम का प्रशिक्षण और ठहराव मैक्सिको में जारी रहेगा।

मियामी से बड़ी खबर:अमेरिका ने प्रवेश से रोका। सोमालियाई रेफरी उमर विश्व कप से बाहर।

मियामी से बड़ी खबर:अमेरिका ने प्रवेश से रोका। सोमालियाई रेफरी उमर विश्व कप से बाहर।

रेफरी उमर विश्व कप से बाहर। अमेरिका ने खेलने से रोका
मियामी, 11 जून। फीफा विश्व कप 2026 से पहले बड़ा विवाद सामने आया है। सोमालिया के अंतरराष्ट्रीय रेफरी Omar Abdulkadir Artan अब विश्व कप में मैचों का संचालन नहीं कर पाएंगे। अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है।

34 वर्षीय उमर आर्टन मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद अमेरिकी अधिकारियों द्वारा रोके गए थे। जांच के बाद उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और वापस लौटना पड़ा। इसके बाद फीफा ने पुष्टि की कि वह विश्व कप में रेफरी की भूमिका नहीं निभा सकेंगे।

उमर आर्टन को 2025 में अफ्रीका का सर्वश्रेष्ठ रेफरी चुना गया था और वह पुरुष फुटबॉल विश्व कप में रेफरी बनने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे। उनके बाहर होने से अफ्रीकी फुटबॉल जगत में निराशा है।

इस घटना ने विश्व कप आयोजन और अमेरिका की वीजा एवं प्रवेश नीतियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


मैथ्यू हेडन बने ग्लासगो कॉस्मिक के सह-मालिक और मुख्य कोच।

मैथ्यू हेडन बने ग्लासगो कॉस्मिक के सह-मालिक और मुख्य कोच।
Cheef Coach Maithu Hedan

ग्लासगो, 10 जून। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज Matthew Hayden को यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) की फ्रेंचाइजी Glasgow Cosmic का सह-मालिक और मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति लीग के पहले सत्र से पहले टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

विश्व कप विजेता रहे हेडन ने कहा कि ग्लासगो कॉस्मिक की दूरदर्शी सोच और महत्वाकांक्षी योजना ने उन्हें इस परियोजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने टीम के साथ मिलकर मजबूत संस्कृति विकसित करने और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का लक्ष्य जताया।

लीग को आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के क्रिकेट बोर्डों का समर्थन प्राप्त है।

हेडन ने यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग को क्रिकेट के वैश्विक विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया। उनका मानना है कि यह प्रतियोगिता उभरते खिलाड़ियों को अवसर देने के साथ-साथ यूरोप में क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग का पहला संस्करण अगस्त-सितंबर 2026 में खेला जाएगा, जिसमें छह शहर आधारित टीमें हिस्सा लेंगी।