वॉशिंगटन/नई दिल्ली/बुधवार/ इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत पर अमेरिका का बढ़ता भरोसा।

इंडो-पैसिफिक रणनीति में भारत पर अमेरिका का बढ़ता भरोसा।

ट्रम्प प्रशासन ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के दिए संकेत।

वॉशिंगटन/नई दिल्ली, बुधवार:

Donald Trump के नेतृत्व में अमेरिका अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए India के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर जोर दे रहा है। 

अमेरिकी नीति विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है।

अमेरिकी प्रशासन रक्षा, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। 

हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा समझौतों और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने अमेरिका को अपने सहयोगी देशों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। 

इसी रणनीति के तहत Quadrilateral Security Dialogue को अधिक सक्रिय बनाने पर भी बल दिया जा रहा है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

अमेरिका भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और सामरिक साझेदार के रूप में देख रहा है। 

रक्षा तकनीक, सेमीकंडक्टर निर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएँ भी तेजी से उभर रही हैं।

भारत अपनी “रणनीतिक स्वायत्तता” बनाए रखना चाहता है।
भारत रूस, अमेरिका और अन्य देशों के साथ संतुलित संबंध रखने की कोशिश करता है।

इसलिए यह साझेदारी पूर्ण सैन्य गठबंधन जैसी नहीं, बल्कि “हित आधारित सहयोग” अधिक है।

हालाँकि भारत अपनी “रणनीतिक स्वायत्तता” की नीति पर कायम है और रूस सहित अन्य देशों के साथ भी संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है। 

विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि भारत किसी औपचारिक सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने के बजाय बहु-ध्रुवीय कूटनीति को प्राथमिकता देता रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत-अमेरिका संबंध इंडो-पैसिफिक की भू-राजनीति में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

ट्रम्प की शैली:

ट्रम्प प्रशासन अक्सर “America First” नीति की बात करता है, लेकिन साथ ही ऐसे साझेदार देशों को मजबूत करने की कोशिश करता है जो चीन के प्रभाव को सीमित करने में मदद करें। भारत इस रणनीति में स्वाभाविक रूप से फिट बैठता है।

चीन को संतुलित करना:
अमेरिका मानता है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की सैन्य और आर्थिक शक्ति तेजी से बढ़ रही है। भारत, अपनी भौगोलिक स्थिति और सैन्य क्षमता के कारण, इस संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

QUAD और रक्षा सहयोग:

Quadrilateral Security Dialogue (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) को अधिक सक्रिय बनाया जा रहा है। रक्षा अभ्यास, तकनीकी सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर जोर बढ़ा है।

सप्लाई चेन और टेक्नोलॉजी:

अमेरिका कई क्षेत्रों में चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है। इसलिए सेमीकंडक्टर, रक्षा निर्माण, AI, और महत्वपूर्ण खनिजों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की बात हो रही है।

रक्षा खरीद और सैन्य साझेदारी:

हाल के वर्षों में भारत-अमेरिका रक्षा संबंध काफी मजबूत हुए हैं ड्रोन, जेट इंजन तकनीक, लॉजिस्टिक्स समझौते और संयुक्त सैन्य अभ्यास इसके उदाहरण हैं।

कोलकाता/पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका,छह विधायकों के BJP में जाने की चर्चा से सियासत गरम।

पश्चिम बंगाल में TMC को बड़ा झटका,छह विधायकों के BJP में जाने की चर्चा से सियासत गरम।
ममता बनर्जी पहले चुनाव हार गई और अब इनके विधायक भी छोड़ कर भाग रहे हैं। अकेले ममता बनर्जी क्या करेगी पार्टी संभालेंगी या बीजेपी से लड़ेंगी।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा उलट फेर देखने को मिल रहा है। 

भूतपूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress (TMC) लगातार अंदरूनी संकट से गुजर रही है। 

राज्य में कई नेताओं और विधायकों के पार्टी से दूरी बनाने के बाद अब छह विधायकों के Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि पार्टी की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे TMC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 

हाल के दिनों में कई विधायक पार्टी कार्यक्रमों से गायब रहे और कुछ नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई है।

Khagendranath Mahato ने टिकट नहीं मिलने के बाद BJP का दामन थाम लिया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 विधानसभा चुनाव के बाद TMC में असंतोष बढ़ा है और BJP लगातार पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।

उधर BJP नेताओं का दावा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े चेहरे पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जबकि TMC इसे केवल अफवाह बता रही है।

मुल्लानपुर/ बुधवार 27 मई 2026 आई पी एल न्यू चंडीगढ़ महराजा यदविन्द्र सिंह इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लानपुर।

Pitch Report. Aman Kumar Mishra.

SRH vs RR IPL 27/05/2026 Mullanpur.

मुल्लानपुर/बुधवार 27 मई 2026 आई पी एल न्यू चंडीगढ़ महराजा यदविन्द्र सिंह इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लानपुर

संवाददाता अमन कुमार मिश्र:

Venue: New Chandigarh Maharaja Yadvendra Singh International Cricket Stediam Mullanpur.

SRH बनाम RR : मुल्लांपुर की पिच पर रन बरसने के आसार

तेज गेंदबाज़ों को शुरुआत में मदद, बाद में बल्लेबाज़ों का दबदबा

मुल्लांपुर में 27 मई को होने वाले IPL 2026 Eliminator मुकाबले में Sunrisers Hyderabad और Rajasthan Royals के बीच हाई-वोल्टेज भिड़ंत देखने को मिलेगी। 

पिच रिपोर्ट के अनुसार यह विकेट बल्लेबाज़ों और तेज गेंदबाज़ों दोनों को मदद देने वाली मानी जा रही है। 

शुरुआती ओवरों में नई गेंद से स्विंग और बाउंस देखने को मिल सकता है, लेकिन मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाज़ी आसान होती जाएगी।

क्रिकेट विशेषज्ञ Aman Kumar Mishra के अनुसार पावरप्ले में तेज गेंदबाज़ मैच का रुख बदल सकते हैं। 

खासकर Pat Cummins और Jofra Archer जैसे गेंदबाज़ शुरुआती विकेट निकालने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। 

वहीं मिडिल ओवर्स में स्पिनरों को हल्की पकड़ मिल सकती है, लेकिन सेट बल्लेबाज़ बड़े शॉट आसानी से खेल पाएंगे।

डेथ ओवर्स में रनगति काफी तेज रहने की उम्मीद है। 

Heinrich Klaasen, Travis Head, Yashasvi Jaiswal और Shimron Hetmyer जैसे आक्रामक बल्लेबाज़ मैच को किसी भी समय पलट सकते हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर 185 से 200 रन के बीच रह सकता है।

रात के समय ओस गिरने की संभावना को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाज़ी करना पसंद कर सकती है। 

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि चेज़ करने वाली टीम को यहां अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।

मुल्लांपुर की पिच इस सीज़न IPL 2026 में बैलेंस्ड लेकिन हाई-स्कोरिंग रही है। शुरुआती 2-3 ओवर में तेज गेंद बाज़ों को स्विंग और बाउंस मिलती है,लेकिन उसके बाद बल्ले बाज़ी आसान हो जाती है।

पिच रिपोर्ट:Aman Kumar Mishra स्टाइल विश्लेषण
पावरप्ले में मदद किसे?


मिडिल ओवर्स

विकेट थोड़ा स्लो होता है, जहाँ spinners grip निकाल सकते हैं। लेकिन अगर बल्लेबाज़ सेट हो गया तो रन तेजी से आते हैं।

डेथ ओवर्स = रन बरसेंगे


टॉस फैक्टर

रात में dew आने की संभावना है, इसलिए toss जीतकर chasing करना बेहतर माना जा रहा है। संभावित पार स्कोर 1st innings: 185-200 अगर शुरुआत अच्छी मिली तो 210+ भी संभव।

किस टीम को फायदा?





हिमाचल प्रदेश/गुजरात/धर्मशाला/RCB vs GT/गुजरात टाइटन्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी किया,रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने गुजरात टाइटन्स को 92 रन से हराया।।

हिमाचल प्रदेश/गुजरात/धर्मशाला/RCB vs GT/गुजरात टाइटन्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी किया।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने गुजरात टाइटन्स को 92 रन से हराया।

हिमाचल प्रदेश धर्मशाला स्टेडियम 25/05/2026,आई पी एल मैच क्वालीफाई 1 से फाइनल मुकाबला।

स्थान: हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम धर्मशाला।

Venue: Himachal Pradesh Cricket Association Dharmshala.

प्रथम पाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर:

आर सी बी ने 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 254 रन बनाए।

RCB scored 254 runs for the loss of 5 wickets in 20 overs.

RCB -----------------------------R-------B--------4s------6s

Venkatesh Iyer-----------19.       07.       03      01

Virat Kohli ----------------43.        25.      05.     01

Devdutt Padikkal------30         19       05       00

Rajat Patidar (c)-------93         33      05        09

Krunal Pandya ---------43.          28.    05.     02

Tim Devid -----------------04-----------05----00-----00

Jitesh Sharma -----------15----------05----01-----01

द्वितीय पाली गुजरात टाइटन्स:19.3 ओवर में 10 विकेट खोकर 162 रन बनाए।

GT.                                 R.            B.       4s.      6s

Sai sudarshan.         14.          9.       03       00  

Shubhman Gill.         02.          07.    00.        00

Josh Butler.                 29.         11.     4.         02

Nishant Sindhu.        05.         03.     01.       00

Washington Sundar 08.         08       01       00

Jason Holder.            00.          03.     00.      00

Rahul Tewatiya.       68.           43.    80.       40

Rashid Khan.            08.           09.     00.       01

Kagiso Rabada         09.           05.     02.      00

MD.Shiraj.                  05.            13.     01.     00

Prashidh Krishna.   06.             07.    01.     00

कजीशो रवाडा ने 2 विकेट पर 54 रन आर सी बी को दिया। जैसन होल्डर 2 विकेट पर 39 रन, प्रसिद्ध कृषणा एक विकेट 54 रन दिए।

जी टी:जकॉब डफी 3 विकेट पर 39 रन दिए। भुवनेश्वर कुमार 4 विकेट पर 28 रन बनाए। जोश हैजलवुड 1 विकेट 39 रन दिए। रसिक सलाम दर 2 विकेट पर 24 रन दिए।करूणाल पांड्या 2 विकेट पर 16 रन दिए।





नई दिल्ली:द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह 2026 के पहले चरण में 66 हस्तियों को पद्म सम्मान प्रदान किए।

नई दिल्ली:द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह 2026 के पहले चरण में 66 हस्तियों को पद्म सम्मान प्रदान किए।
भारत के प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया।

 
इस समारोह में 2 पद्म विभूषण, 6 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री पुरस्कार दिए गए।

समारोह में सम्मानित प्रमुख नामों में शामिल थे:

1. पद्म विभूषण


2.N. Rajam

2. पद्म भूषण:

1.Bhagat Singh Koshyari

2.R. Ganesh

3.Uday Kotak

4.Kallipatti Ramasamy Palaniswamy

5.Piyush Pandey

6.Alka Yagnik

3. पद्म श्री पाने वाले चर्चित नाम:

1.Prosenjit Chatterjee

2.Harmanpreet Kaur

3.Satish Shah

4.Taga Ram Bheel

5.Shafi Shauq

6.Mangla Kapoor

7.Shyam Sundar etc.

नई दिल्ली, मंगलवार।

राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में देश की 66 प्रतिष्ठित हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किए। समारोह में कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक सेवा तथा फिल्म जगत से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि पद्म पुरस्कार देश के उन लोगों को समर्पित हैं जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी है। समारोह में विभिन्न राज्यों से आए पुरस्कार विजेताओं और उनके परिजनों ने भाग लिया।

फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता Dharmendra को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान अभिनेत्री Hema Malini ने ग्रहण किया। कई अन्य कलाकारों और खिलाड़ियों को भी पद्म श्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन का वातावरण गौरव और सम्मान से भर उठा। पुरस्कार पाने वाली हस्तियों ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। सरकार ने कहा कि ये सम्मान देश की विविध प्रतिभाओं और सेवा भावना का प्रतीक हैं।


रियाद/Saudi Arabia/सऊदी अरब में कुर्बानी के नए नियम लागू बिना परमिट हज और गैर-लाइसेंसी कुर्बानी पर सख्ती।

रियाद/Saudi Arabia/सऊदी अरब में कुर्बानी के नए नियम लागू बिना परमिट हज और गैर-लाइसेंसी कुर्बानी पर सख्ती।

रियाद, विशेष संवाददाता:

Saudi Arabia सरकार ने हज 2026 और ईद-उल-अज़हा को लेकर कुर्बानी (अदाही) के नए नियम लागू कर दिए हैं। 


नए नियमों के तहत अब हज के दौरान कुर्बानी केवल सरकारी मान्यता प्राप्त सिस्टम और लाइसेंस प्राप्त स्लॉटर हाउस के माध्यम से ही की जा सकेगी।

सरकार ने साफ किया है कि बिना आधिकारिक हज परमिट के मक्का में प्रवेश करने या हज करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 



सऊदी प्रशासन ने घोषणा की है कि हदी/अदाही/कुर्बानी की बुकिंग अब केवल आधिकारिक “Nusuk Masar Portal” के जरिए ही मान्य होगी। 

सभी हज यात्रियों को ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से पहले से भुगतान और रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

सड़क किनारे ज़बह पर रोक:

नगर प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खुले स्थानों, सड़कों और गैर-लाइसेंसी जगहों पर जानवर ज़बह करने की अनुमति नहीं होगी। 



भारत सहित कई देशों के यात्रियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 


धार्मिक मामलों के जानकारों का कहना है कि शरई नियमों के अनुसार कुर्बानी के लिए स्वस्थ और तय उम्र वाले जानवर ही मान्य होंगे, जबकि समय 10 से 12 ज़िल हिज्जा तक रहेगा।

दुबई/इस्लामाबाद/25मई2026/यूएई से हजारों पाकिस्तानी श्रमिकों की वापसी, परिवारों पर संकट।

दुबई/इस्लामाबाद/25 मई 2026/ यूएई से हजारों पाकिस्तानी श्रमिकों की वापसी, परिवारों पर संकट।





पाकिस्तानी शिया संगठन “मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन” के अनुसार फरवरी 2026 से अब तक करीब 7,500 से अधिक लोगों को U A E से निकाला गया है। 

हालांकि वास्तविक संख्या इससे अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।

इस मामले को लेकर पाकिस्तान सरकार और UAE प्रशासन ने धार्मिक भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। 

पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा कि कार्रवाई केवल वीज़ा और इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन के मामलों में की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बाद Gulf देशों में सुरक्षा सख्त हुई है, जिसका असर प्रवासी कामगारों पर भी पड़ा है।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था काफी हद तक Gulf देशों से आने वाली remittance पर निर्भर है। 

U A E में लगभग 18 लाख पाकिस्तानी कामगार रहते हैं, इसलिए इस घटनाक्रम को पाकिस्तान के लिए बड़ा आर्थिक और सामाजिक झटका माना जा रहा है।

आर सी बी vs जी टी RCB vs GT Qualifier One (1) 26/05/2026 IPL Match Today Pitch Report पीच रिपोर्ट।

आर सी बी vs जी टी RCB vs GT Qualifier One (1) 26/05/2026 IPL Match Pitch Report Today Pitch Report पीच रिपोर्ट।
Royal Challengers Bengaluru vs Gujarat Titans IPL Qualifier 1 Today आज.

संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।

आज काफी बड़ा मुकाबला है। विजेता सीधे फाइनल में पहुंचेगा, जबकि हारने वाली टीम को Qualifier 2 खेलने का मौका मिलेगा।

मैच: RCB vs GT

Qualifier 1, IPL 2026:

Venue: Himachal Pradesh Cricket Association Stadium

Time: 7:30 PM IST

मुख्य खिलाड़ी: RCB: Virat Kohli, Rajat Patidar, GT: Shubman Gill, Sai Sudharsan.

पिच रिपोर्ट:

धर्मशाला की पिच पर तेज गेंदबाजों को bounce और swing मिल सकती है, लेकिन बल्लेबाज़ी भी अच्छी रहती है। Toss जीतकर पहले bowling करने का विकल्प मजबूत माना जा रहा है।

Royal Challengers Bengaluru vs Gujarat Titans मैच की पिच रिपोर्ट (धर्मशाला – HPCA Stadium):

धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों के लिए काफी मददगार मानी जा रही है। नई गेंद से swing और extra bounce देखने को मिल सकता है।

शुरुआती 4–6 ओवर बल्लेबाज़ों के लिए थोड़े मुश्किल हो सकते हैं, लेकिन एक बार सेट होने के बाद बड़े शॉट आसानी से लगते हैं।

इस सीजन HPCA Stadium में खेले गए लगभग सभी मैच हाई-स्कोरिंग रहे हैं, कई बार 200+ स्कोर बना है।

शाम के मैच में ओस (dew) आने की संभावना है, इसलिए toss जीतकर पहले bowling चुनना फायदेमंद हो सकता है।

स्पिनरों को ज्यादा मदद नहीं मिलेगी; fast bowlers मैच में ज्यादा असर डाल सकते हैं।

संभावित पहली पारी का स्कोर: 190–220 रन अच्छा टोटल माना जा सकता है।

किन खिलाड़ियों को फायदा: RCB: Bhuvneshwar Kumar, Josh Hazlewood

GT: Mohammed Siraj, Kagiso Rabada

बल्लेबाजों में: Virat Kohli, Shubman Gill, Sai Sudharsan बड़े रन बना सकते हैं।

नई दिल्ली/गवर्नर/रुपये पर R B I गवर्नर का बड़ा बयान।

रुपये पर R B I गवर्नर का बड़ा बयान

नई दिल्ली/गवर्नर/रुपये पर R B I गवर्नर का बड़ा बयान।
रुपया फिलहाल कम मूल्यवान, बैंकिंग में बचत जरूरी”

Sanjay Malhotra द्वारा “रुपया कम मूल्यवान है” जैसी बात का अर्थ आमतौर पर यह होता है कि भारतीय मुद्रा की क्रय शक्ति या अंतरराष्ट्रीय मूल्य दबाव में है। 

ऐसे समय में Reserve Bank of India और बैंकिंग व्यवस्था लोगों को नकद घर में रखने के बजाय बैंक में जमा करने के लिए प्रोत्साहित करती है, क्योंकि:

बैंक जमा पर ब्याज मिलता है। पैसा औपचारिक अर्थव्यवस्था में आता है।

बैंक उसी धन से उद्योग, घर, खेती और व्यवसायों को ऋण देते हैं। इससे निवेश और आर्थिक गतिविधि बढ़ती है।

लेकिन “सिर्फ बैंक में पैसा जमा करना ही लोगों की भलाई है” यह पूरी तस्वीर नहीं है। आम नागरिक के लिए संतुलन ज़रूरी होता है।

कुछ पैसा बचत खाते/FD में,कुछ आपातकालीन फंड,और लंबी अवधि के लिए निवेश (जैसे म्यूचुअल फंड, PF, आदि)।

अगर महंगाई ब्याज दर से ज्यादा बढ़ती है, तो केवल बचत खाते में पैसा रखने से वास्तविक संपत्ति की वृद्धि सीमित हो सकती है। 

इसलिए वित्तीय योजना व्यक्ति की आय, जोखिम और जरूरतों पर निर्भर करती है।

नई दिल्ली: Sanjay Malhotra ने भारतीय रुपये को लेकर बड़ा बयान दिया है। 

उन्होंने कहा कि हाल की गिरावट के बाद रुपया फिलहाल “अंडर वैल्यूड” यानी कम मूल्यवान दिखाई दे रहा है। 

साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि देश की आर्थिक मजबूती के लिए लोगों का पैसा बैंकिंग व्यवस्था में आना जरूरी है।

Reserve Bank of India के गवर्नर ने कहा कि R B I विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए “जो भी जरूरी होगा” वह कदम उठाएगा। 

उन्होंने बताया कि R B I के पास लगभग 700 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार है, जिससे अत्यधिक उतार-चढ़ाव और सट्टेबाजी पर नियंत्रण किया जा सकता है।



हालांकि आर्थिक जानकार यह भी कहते हैं कि केवल बचत खाते में पैसा रखना पर्याप्त नहीं है। 

लोगों को अपनी जरूरत और जोखिम के अनुसार F D, P F, म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए।

हाल के दिनों में रुपये में आई कमजोरी के पीछे पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता को प्रमुख कारण माना जा रहा है। 

R B I का कहना है कि हालात सामान्य होने पर रुपये में फिर मजबूती आ सकती है।

कोलकाता/शुभेंदु अधिकारी/अवैध प्रवासियों पर सख्ती: बंगाल में बनेंगे ‘होल्डिंग सेंटर’, विपक्ष ने उठाए सवाल।

कोलकाता/शुभेंदु अधिकारी/अवैध प्रवासियों पर सख्ती: बंगाल में बनेंगे ‘होल्डिंग सेंटर’, विपक्ष ने उठाए सवाल।
हम केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश से होल्डिंग् सेंटर बना रहे हैं।
कोलकाता, 25 मई। पश्चिम बंगाल में कथित अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीति तेज हो गई है। 

राज्य सरकार द्वारा जिलों में “होल्डिंग सेंटर” बनाए जाने के निर्देश के बाद विपक्षी दलों ने इसे “डिटेंशन सेंटर” करार देते हुए मानवाधिकार और कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।

नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने कहा कि जिन विदेशी नागरिकों की पहचान अवैध रूप से रह रहे लोगों के रूप में होगी, उन्हें अस्थायी रूप से इन केंद्रों में रखा जाएगा और बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत बांग्लादेश भेजा जाएगा।

सरकार का दावा है कि यह कदम केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है।

वहीं विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठनों ने आरोप लगाया कि इन केंद्रों का इस्तेमाल विशेष समुदाय को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। 

उनका कहना है कि दस्तावेज़ों की कमी या पहचान संबंधी त्रुटियों के कारण भारतीय नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल के दिनों में सीमा पार घुसपैठ और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर राज्य में बयानबाज़ी तेज हुई है। 

भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बता रही है, जबकि विपक्ष इसे सामाजिक ध्रुवीकरण की राजनीति करार दे रहा है।

विपक्षी दलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने इन “होल्डिंग सेंटरों” को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि व्यवहार में ये “डिटेंशन सेंटर” की तरह काम कर सकते हैं, जहाँ लोगों को लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है।

मुख्य आपत्तियाँ इस प्रकार हैं:

पहचान की प्रक्रिया में गलती की आशंका आलोचकों का कहना है कि केवल भाषा, दस्तावेज़ या धार्मिक पहचान के आधार पर किसी को “अवैध प्रवासी” मान लेना गलत हो सकता है।

कानूनी प्रक्रिया (due process) कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि पकड़े गए लोगों को अदालत में पेश करने के बजाय सीधे BSF को सौंपने की बात की गई, जिस पर कानूनी बहस शुरू हुई है।

मानवाधिकार और नागरिक स्वतंत्रता विपक्ष का आरोप है कि इससे डर और असुरक्षा का माहौल बन सकता है, खासकर सीमावर्ती इलाकों और गरीब समुदायों में।

धार्मिक भेदभाव का आरोप क्योंकि राजनीतिक बयानबाज़ी में “C A A के तहत पात्र” और “अवैध बांग्लादेशी” जैसे शब्द आए हैं, इसलिए विपक्ष ने आरोप लगाया कि नीति का असर मुख्यतः मुस्लिम समुदाय पर पड़ सकता है।

वहीं सरकार और BJP का पक्ष यह है कि:

ये केंद्र केवल अस्थायी “ट्रांजिट” या “होल्डिंग” सुविधा हैं।

इनका उद्देश्य उन विदेशी नागरिकों को रखना है जिनकी निर्वासन प्रक्रिया चल रही है,और यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुसार की जा रही है।