न्यू चंडीगढ़ महराजा यदविंदर सिंह इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लांनपुर Maharaja Yadavindra Singh International Cricket Stadium पंजाब।

Qualifier:-2 Friday 29 May 2026

न्यू चंडीगढ़ yadavindra stadium महराजा यदविंदर सिंह इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लांपुर।
चंडीगढ़ महराजा यद विंदर सिंह इंटर नेशनल क्रिकेट स्टेडियम मुल्लानपुर मोहाली
Maharaja Yadavindra Singh International Cricket Stadium पंजाब का नया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम है, जो मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में स्थित है। इसे अक्सर “मुल्लांपुर स्टेडियम” या “न्यू PCA स्टेडियम” भी कहा जाता है।

मुख्य जानकारी:-क्षमता:लगभग 38,000 दर्शक मालिक/संचालक: Punjab Cricket Association।

होम टीम: Punjab Kings (IPL)
स्थान: न्यू चंडीगढ़, मोहाली ज़िला, पंजाब
विशेषता: आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम, बड़ी पार्किंग और इंटरनेशनल स्तर की सुविधाएँ।

यह स्टेडियम IPL मैचों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए इस्तेमाल हो रहा है। 2025–26 में यहाँ भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका T20 और महिला ODI मैच भी आयोजित हुए/निर्धारित हुए।
स्टेडियम का माहौल और आधुनिक डिज़ाइन क्रिकेट फैंस के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। Reddit पर भी फैंस ने इसकी नई सुविधाओं और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा की है।



जयपुर।राजस्थान।64 वां क्रिकेट मैच: जयपुर सवाई मानसिंह स्टेडियम पीच रिपोर्ट 2026।

64 वां क्रिकेट मैच: जयपुर सवाई मानसिंह स्टेडियम पीच रिपोर्ट 2026।
64 वां आई पी एल मैच सवाई मानसिंह स्टेडियम पीच रिपोर्ट।
64 वें IPL मैच में Sawai Mansingh Stadium की पिच आमतौर पर बैलेंस्ड लेकिन चेज़-फ्रेंडली मानी जा रही है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाज़ों को हल्की स्विंग मिल सकती है, जबकि बीच के ओवरों में स्पिनर्स असर डालते हैं। दूसरी पारी में ओस (dew) आने से बल्लेबाज़ी आसान हो जाती है।

पिच रिपोर्ट (Match 64 – Jaipur)
औसत पहली पारी स्कोर: 165–175 रन
कम्पेटिटिव स्कोर: 180+ सुरक्षित माना जा सकता है
पावरप्ले: बल्लेबाज़ खुलकर रन बना सकते हैं
मिडिल ओवर्स: स्पिनर्स को थोड़ी मदद
डेथ ओवर्स: छोटी बाउंड्री और ओस के कारण रन तेजी से आते हैं
टॉस फैक्टर: ज्यादातर टीमें पहले गेंदबाज़ी चुन रही हैं क्योंकि चेज़ करना आसान दिखा है।
बल्लेबाज़ या गेंदबाज़ – किसे फायदा?
नई गेंद से तेज गेंदबाज़ों को शुरुआत में मदद
बाद में बल्लेबाज़ी आसान
स्पिनर्स को ग्रिप कम मिलती है अगर ओस ज्यादा हुई
कुल मिलाकर: Batting-friendly with slight early bowling support

  • टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज़ अच्छे विकल्प
  • डेथ ओवर गेंद बाज़ विकेट ले सकते हैं
  • चेज़ करने वाली टीम के बल्लेबाज़ों को ज्यादा फायदा मिल सकता है।

बरसापारा: गुवाहाटी। बरसापारा स्टेडियम पीच रिपोर्ट।

बरसापारा: गुवाहाटी। बरसापारा स्टेडियम पीच रिपोर्ट।

Barsapara Cricket Stadium की पिच आमतौर पर बैटिंग फ्रेंडली मानी जाती है, खासकर T20 और IPL मैचों में। 
गुवाहाटी बरसापारा स्टेडियम पीच रिपोर्ट। 
यहां की सतह फ्लैट रहती है, गेंद अच्छे से बैट पर आती है और आउटफील्ड तेज है।

पिच की खास बातें::

पहली पारी का औसत स्कोर: लगभग 160–180 रन छोटी स्क्वायर बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण चौके-छक्के ज्यादा लगते हैं

नई गेंद से तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल सकती है मैच आगे बढ़ने पर स्पिनर्स को हल्की मदद मिलती है, 

लेकिन ओस (dew) होने पर पकड़ मुश्किल हो जाती है
रात के मैचों में चेज़ करना फायदेमंद माना जाता है क्योंकि दूसरी पारी में ओस आती है

टॉस फैक्टर:कप्तान अक्सर पहले गेंदबाजी चुनते हैं 180+ स्कोर भी यहां सुरक्षित नहीं माना जाता है।

किसे फायदा:-आक्रामक बल्लेबाज,पावरप्ले में स्ट्रोक प्लेयर्स,डेथ ओवर फिनिशर्स।

बोलर्स के लिए:यॉर्कर और स्लोअर बॉल असरदार स्पिनर्स को सूखी पिच पर मदद, लेकिन ओस में मुश्किल।

बेंगलुरु,एजेंसी। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु पिच रिपोर्ट।

बेंगलुरु,एजेंसी। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु पिच रिपोर्ट।
बल्लेबाज़ों की बल्ले-बल्ले, गेंदबाज़ों के लिए कड़ी परीक्षा.

M. Chinnaswamy Stadium की पिच एक बार फिर हाई-स्कोरिंग मुकाबले का संकेत दे रही है। छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण यहां बल्लेबाज़ खुलकर रन बनाते हैं। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाज़ों को हल्की स्विंग मिल सकती है, लेकिन मैच आगे बढ़ने के साथ बल्लेबाज़ी आसान हो जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार:-

पहली पारी का औसत स्कोर: 180-200 रन

दूसरी पारी में ओस का असर महत्वपूर्ण

स्पिनरों को बीच के ओवरों में थोड़ी मदद

टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाज़ी चुन सकती है

हाल के मुकाबलों में इस मैदान पर चौकों-छक्कों की बारिश देखने को मिली है। Royal Challengers Bengaluru के घरेलू मैदान होने के कारण यहां दर्शकों का उत्साह भी चरम पर रहता है।

मौसम का हाल:-

बेंगलुरु में शाम के समय मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे पूरा मैच बिना रुकावट होने की उम्मीद है।

खिलाड़ियों पर नजर:-

बल्लेबाज़ों के लिए यह मैदान बेहद अनुकूल माना जाता है, इसलिए फैंस को एक रोमांचक और रन-भरा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

Is a famous cricket stadium in Bengaluru, Karnataka.

Key facts:

  • Home ground of
  • Capacity: around 40,000 spectators
  • Located near MG Road and Cubbon Park
  • Known for high-scoring IPL matches because of its short boundaries
  • One of the world’s notable solar-powered cricket stadiums
  • The stadium hosts:
IPL matches
International Test, ODI, and T20 matches
Domestic cricket events

नई दिल्ली में ₹155 करोड़ घोटाले में आप पार्टी A A P के नेता गिरफ्तार, B J P पर लगाए गंभीर आरोप।

नई दिल्ली में ₹155 करोड़ घोटाले में आप पार्टी A A P के नेता गिरफ्तार, B J P पर लगाए गंभीर आरोप।
दीपक सिंगला को कथित ₹155 करोड़ बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार।
नई दिल्ली, 19 मई।

दिल्ली की राजनीति में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब प्रवर्तन निदेशालय (E D) ने आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला को कथित ₹155 करोड़ बैंक घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। E D के अनुसार यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही आर्थिक अनियमितताओं की जांच के आधार पर की गई है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि घोटाले से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कई फर्जी कंपनियों और संदिग्ध लेन-देन के जरिए किया गया। मामले में कई दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं।

इधर, अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए दावा किया कि दीपक सिंगला पर B J P में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि B J P में शामिल नहीं होने के कारण ही E D की कार्रवाई की गई।

हालाकि प्रवर्तन निदेशालय ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। B J P नेताओं ने भी A A P के आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि जांच एजेंसियां कानून के अनुसार काम कर रही हैं।

फिलहाल मामला अदालत में है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है

पटना: बिहार। आनंद मोहन का बयान: “बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है,इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय दे दिया गया”

पटना: बिहार। आनंद मोहन का बयान: “बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है,इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय दे दिया गया”
भुत पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुते हुए स्वास्थ्य मंत्री।
पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व सांसद Anand Mohan Singh ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar और उनके परिवार पर तंज कसते हुए विवादित टिप्पणी की है।

आनंद मोहन ने कहा कि “बाप-बेटे को डॉक्टर की जरूरत है, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय दे दिया गया।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर सरकार और मंत्रालय के बंटवारे पर राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है।

यह टिप्पणी बिहार में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम और मंत्रिमंडल से जुड़े फैसलों के संदर्भ में सामने आई है। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और विपक्षी दलों ने भी इस पर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया

नॉर्वे, एजेंसी। 43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री, रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत।

नॉर्वे, एजेंसी। 43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री, रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत।
मंगलवार: भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नार्वे यात्रा।

नरेंद्र मोदी Narendra Modi ने मंगलवार को नार्वे Norway की ऐतिहासिक यात्रा की। यह 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा मानी जा रही है। इस दौरे को भारत-नॉर्वे संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों देशों ने हरित ऊर्जा, समुद्री सहयोग, ब्लू इकोनॉमी, आर्कटिक क्षेत्र में शोध और नई तकनीकों पर साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।

बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में भारत और नॉर्वे ने अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” का नाम दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता आने वाले वर्षों में व्यापार और पर्यावरणीय सहयोग को नई दिशा देगा।

दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “Grand Cross of the Royal Norwegian Order of Merit” से भी सम्मानित किया गया। नॉर्वे सरकार ने भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक सहयोग में योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया।

हालांकि यात्रा के दौरान प्रेस स्वतंत्रता को लेकर पूछे गए एक सवाल ने भी चर्चा बटोरी। ओस्लो में आयोजित प्रेस कार्यक्रम में एक नॉर्वेजियन पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने जवाब देते हुए भारत को “गर्वित लोकतंत्र” बताया।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल कूटनीतिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि यह भारत के यूरोप और नॉर्डिक देशों के साथ बढ़ते रणनीतिक संबंधों का संकेत भी है।


तेहरान/वॉशिंगटन।ट्रम्प और नेतन्याहू पर कथित इनाम की खबरों से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय तनाव।

 ईरानी संसद में विवादित प्रस्ताव पर हलचल।

ट्रम्प और नेतन्याहू पर कथित इनाम की खबरों से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय तनाव।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू को मारने पर ईरान की संसद ने 560 करोड़ का ईनाम रखा है।
तेहरान/वॉशिंगटन:

कुछ अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है कि डोनाल्ड ट्रम्प और बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले को इनाम देने संबंधी एक प्रस्ताव ईरान की संसद में चर्चा के लिए लाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित राशि लगभग 50 मिलियन यूरो (करीब 560 करोड़ रुपये) बताई जा रही है।

यह कोई लागू हो चुका आधिकारिक कानून नहीं माना गया है, न ही ईरानी सरकार की ओर से अंतिम कानूनी मंजूरी की पुष्टि हुई है,और कई रिपोर्टें “प्रस्ताव”, “ड्राफ्ट बिल” या “संसद में समीक्षा” जैसे शब्द इस्तेमाल कर रही हैं।

ईरान की संसद में एक विवादित प्रस्ताव को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले को भारी इनाम देने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है।
ईरान की संसद: बेंजामिन नेतन्याहू को मारने वाले को 560 करोड़ रुपए ईनाम दिया  जाएगा।

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि प्रस्तावित इनाम लगभग 50 मिलियन यूरो यानी करीब 560 करोड़ रुपये हो सकता है। हालांकि अभी तक ईरानी सरकार या संसद की ओर से इसे आधिकारिक कानून के रूप में लागू किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला पहले से ही तनावपूर्ण मध्य-पूर्व की राजनीति को और भड़का सकता है। अमेरिका और इज़राइल की ओर से इस तरह की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, संसद में किसी प्रस्ताव पर चर्चा होना और उसका कानून बन जाना अलग-अलग प्रक्रिया हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रस्ताव आगे बढ़ेगा या नहीं।

इस बीच सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर तीखी बहस जारी है और दुनिया भर की निगाहें अब Iran की अगली राजनीतिक चाल पर टिकी हैं।

जानकारी के अनुसार यह एक विवादास्पद प्रस्ताव/बिल की चर्चा है, जिसकी विश्वसनीयता और अंतिम स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस चल रही है।

नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई और वैश्विक दबाव से अर्थव्यवस्था पर असर।

नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई और वैश्विक दबाव से अर्थव्यवस्था पर असर।

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की कीमत गिरकर लगभग 96 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गई, जिससे आर्थिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। 

नई दिल्ली, मंगलवार:

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। 

विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की कीमत गिरकर लगभग 96 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुंच गई, जिससे आर्थिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली इस गिरावट के प्रमुख कारण हैं।

अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। 

तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ती है, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ता है। 

इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालकर अमेरिकी बाजार की ओर रुख कर रहे हैं।


रुपये में गिरावट का असर आम जनता की जेब पर भी दिखाई दे सकता है। 

पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन और विदेश से आने वाले अन्य सामान महंगे हो सकते हैं। 

विदेश में पढ़ाई और यात्रा का खर्च भी बढ़ने की संभावना है।

हालांकि निर्यात कारोबार से जुड़े उद्योगों को इससे कुछ राहत मिल सकती है। 

कमजोर रुपये के कारण विदेशों से मिलने वाले डॉलर के बदले भारतीय कंपनियों को अधिक रुपये प्राप्त होंगे, जिससे निर्यातकों को फायदा हो सकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां रुपये की दिशा तय करेंगी।


नई दिल्ली: मंगलवार। पेट्रोल, मोबाइल और विदेश यात्रा हो सकती है महंगी।

नई दिल्ली: पेट्रोल, मोबाइल और विदेश यात्रा हो सकती है महंगी।
नई दिल्ली, मंगलवार।

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में लगातार दबाव देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में लगातार दबाव देखा जा रहा है।

वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार रुपया 96 रुपये प्रति डॉलर के करीब पहुँच गया, जिसे भारतीय मुद्रा के इतिहास की बड़ी गिरावट माना जा रहा है।

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकालने, अमेरिका में ब्याज दरें ऊँची रहने तथा वैश्विक तनाव बढ़ने से डॉलर की मांग तेजी से बढ़ी है। 

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए डॉलर महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

इस गिरावट का असर आम जनता की जेब पर भी पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। 

साथ ही मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, लैपटॉप और अन्य आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। विदेश में पढ़ाई और यात्रा करने वालों का खर्च भी बढ़ सकता है।

हालांकि, निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों को इससे कुछ राहत मिल सकती है क्योंकि उन्हें विदेशों से मिलने वाले डॉलर के बदले अधिक रुपये प्राप्त होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव और बढ़ सकता है।