भोपाल। मध्यप्रदेश।1033 घोषणाओं में से केवल 185 पूरी, विपक्ष ने सरकार को घेरा।
![]() |
| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा 1033 योजना घोषित हुई। धरातल पर मात्र 185 योजना शुरू कर दी गई है। 848 योजना ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। |
मध्य प्रदेश के दो उपमुख्यमंत्री हैं।
Rajendra Shukla
Jagdish Devda
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अब तक की गई 1033 सार्वजनिक घोषणाओं में से केवल 185 घोषणाएं ही पूरी हो सकी हैं। शेष घोषणाएं विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं, जिससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कई घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है, जबकि कुछ परियोजनाएं प्रशासनिक और वित्तीय कारणों से अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। सरकार का दावा है कि अधिकांश योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में घोषणाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।
वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जनता से किए गए वादों को समय पर पूरा नहीं किया जा रहा है और बड़ी संख्या में घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने सरकार से लंबित परियोजनाओं की स्पष्ट समय सीमा घोषित करने की मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घोषणाओं के क्रियान्वयन की गति आगामी चुनावी माहौल में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। जनता भी यह जानना चाहती है कि घोषित विकास कार्यों और योजनाओं का वास्तविक लाभ उन्हें कब तक मिलेगा।
अब सभी की नजर सरकार की अगली समीक्षा बैठक और उन कदमों पर है, जिनसे लंबित घोषणाओं को तेजी से पूरा किया जा सके।








