नई दिल्ली: राहुल गांधी का बड़ा दावा“एक साल में मोदी सरकार खत्म हो जाएगी”

 आज की बड़ी राजनीतिक खबर:

नई दिल्ली: राहुल गांधी का बड़ा दावा“एक साल में मोदी सरकार खत्म हो जाएगी”

नई दिल्ली: Rahul Gandhi ने केंद्र की Narendra Modi सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए दावा किया कि अगले एक साल के भीतर मोदी सरकार गिर सकती है। 

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की एक बैठक में राहुल गांधी ने आर्थिक संकट, महंगाई और बेरोजगारी को सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष की वजह बताया।

राहुल गांधी ने कहा कि देश में आम लोगों और छोटे व्यापारियों पर “आर्थिक तूफान” आने वाला है, जिससे जनता का गुस्सा बढ़ेगा और राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।

इस बयान के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि राहुल गांधी का बयान “अराजकता फैलाने की साजिश” की ओर इशारा करता है। 

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से जीत नहीं पा रहा, इसलिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है।

राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई है। 

विपक्ष इसे सरकार के खिलाफ बढ़ते जन असंतोष का संकेत बता रहा है, जबकि बीजेपी इसे गैर-जिम्मेदाराना बयान करार दे रही है।

नई दिल्ली। सोमवार।"चाय, झाल मुड़ी और कुली” : प्रतीकात्मक राजनीति, लेकिन ज़मीनी समाधान अब भी अधूरा।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी झाल मुड़ी खाते हुए। सियासी सतरंज का खेल खेलना कोई इनसे सीखें।

"चाय, झाल मुड़ी और कुली” : प्रतीकात्मक राजनीति, लेकिन ज़मीनी समाधान अब भी अधूरा।

संवाददाता  अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट:

नई दिल्ली, सोमवार  प्रधानमंत्री Narendra Modi की आम लोगों से जुड़ने वाली सार्वजनिक छवियाँ एक बार फिर चर्चा में हैं। 

कभी चाय बनाते हुए, कभी झालमुड़ी विक्रेताओं से बातचीत करते हुए और कभी रेलवे कुलियों से मुलाकात के दौरान दिखाई देने वाली उनकी तस्वीरें राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई हैं।

विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह “प्रतीकात्मक राजनीति” तो है, लेकिन इससे जमीनी स्तर पर समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। 

आलोचकों का आरोप है कि रेलवे कुलियों जैसे वर्गों की वास्तविक समस्याएँ आय की कमी, अस्थिर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा अब भी बनी हुई हैं।

रेलवे कुलियों का कहना है कि आधुनिक रेलवे व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के बढ़ने से उनका काम लगातार कम होता जा रहा है। कई कुलियों का यह भी आरोप है कि उनकी समस्याओं पर गंभीर और नियमित संवाद की कमी है, और उन्हें केवल अवसर विशेष पर ही याद किया जाता है।

Indian Railways की ओर से समय-समय पर यह दावा किया जाता है कि असंगठित कामगारों के लिए कई योजनाएँ लागू की गई हैं, जैसे पहचान पत्र, बीमा सुविधा और कुछ स्टेशनों पर वैकल्पिक रोजगार के अवसर।

हालांकि ज़मीनी स्तर पर कई कुलियों का कहना है कि इन योजनाओं का लाभ सभी तक समान रूप से नहीं पहुँचता, और उनकी आय में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस अब केवल प्रतीकात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह इस सवाल पर केंद्रित हो गई है कि क्या जनसंपर्क कार्यक्रम वास्तव में नीतिगत सुधारों में बदल पा रहे हैं या नहीं।


नई दिल्ली:देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों पर निर्भरता घटाने की तैयारी।

नई दिल्ली:देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, पेट्रोल-डीज़ल गाड़ियों पर निर्भरता घटाने की तैयारी।

संवाददाता अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट।

नई दिल्ली, सोमवार।

देश में बढ़ते प्रदूषण और महंगे ईंधन के बीच केंद्र सरकार अब Electric vehicle को तेजी से बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। 

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में Petrol और Diesel से चलने वाले वाहनों पर निर्भरता कम करना है।

सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक दोपहिया, कार और बसों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है। 

कई राज्यों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी छूट दी गई है। इसके साथ ही देशभर में चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाते हैं, तो ईंधन की मांग में कमी आ सकती है। इससे लंबे समय में पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए अभी भी पेट्रोल-डीज़ल वाहनों की जरूरत बनी हुई है। चार्जिंग सुविधा और बैटरी लागत जैसी चुनौतियों के कारण सरकार फिलहाल चरणबद्ध तरीके से बदलाव की नीति अपना रही है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ने से प्रदूषण कम होगा और भारत की विदेशी तेल पर निर्भरता भी घटेगी। वहीं ऑटोमोबाइल उद्योग इसे भविष्य का सबसे बड़ा बदलाव मान रहा है।

भारत के सभी राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक वाहन खरीदने पर छूट दी गई है।

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सब्सिडी

रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन में छूट

चार्जिंग स्टेशन बढ़ाना

बैटरी निर्माण को प्रोत्साहन

सरकारी बसों और दोपहिया में EV अपनाना

तेल आयात पर निर्भरता कम करना

प्रदूषण घटाना

शहरों की हवा बेहतर करना

भविष्य की ऑटो इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना

लेकिन पूरी तरह पेट्रोल-डीज़ल वाहन बंद करना अभी आसान नहीं है, क्योंकि:चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर हर जगह नहीं है,बैटरी महंगी है,लंबी दूरी और भारी वाहनों में चुनौतिपूर्ण हैं,बिजली उत्पादन भी पर्याप्त और स्वच्छ होना चाहिए

Match/मैच/ ईडन गार्डन (eden Garden)कोलकाता vs दिल्ली 24/05/2026.Delhi capital won by 40 Run.

दिल्ली की दमदार जीत, KKR को 40 रनों से हराया।
कोलकाता ईडन गार्डन्स (eden Garden) स्टेडियम ग्राउंड रिपोर्ट 24/5/2026

मैच: कोलकाता vs  दिल्ली 24/05/2026 ईडन गार्डन। (Eden Gardens) भारत के पश्चिम बंगाल राज्य कोलकाता में स्थित है। भारत का सबसे पुराना स्टेडियम है लोग इसे मक्का के नाम से जानते हैं। इसकी स्थापना 1864 में हुई थी।

भारतीय रेलवे कुली समाचार पत्र देश विदेश समाचार 

संवाददाता: अमन कुमार मिश्र रिपोर्ट:

Kolkata knight riders won the toss and opt to Bowl.

कोलकाता नाइटराइडर्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया।

नई दिल्ली।            रोमांचक मुकाबले में दिल्ली की टीम ने शानदार बल्लेबाजी और कसी       हुई गेंदबाजी के दम पर KKR को 40 रनों से मात दे दी। 

पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 203 रन बनाए। टीम के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बटोरे और KKR के सामने 204 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी KKR की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दिल्ली के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। KKR की पूरी टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और मुकाबला 40 रनों से हार गई।

KKR की ओर से गेंदबाजी में अंकुल राय ने 1 विकेट हासिल किया, जबकि सौरभ द्विवेदी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 2 विकेट अपने नाम किए। वहीं अनुभवी स्पिनर सुनील नारायण और वरुण चक्रवर्ती ने भी 1-1 विकेट चटकाया।

दिल्ली की इस जीत से टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है, जबकि KKR को अपनी बल्लेबाजी पर फिर से काम करने की जरूरत महसूस होगी।

DC.                                                  203-5 (20 Ov)
Batter ----------------------------------  R     B   4s    6s

Abhishek porel---------------------  22.  18. 4.      0

KL Rahul (WK) ---------------------60.   30. 5.      4

Sahil parakh ----------------------- 24.   17. 3.      1

Axar patel --------------------------- 39.   25. 3.      2

Devid Millar ------------------------ 28.   19. 0.      3

Ashutosh Sharma --------------- 18----11---2-----1

Tristan Stubbs---------------------0  -----1----0------0

द्वितीय पाली: कोलकाता नाइटराइडर्स  ने 18.4 ओवर में (10) दस विकेट खोकर 103 रन बनाकर सभी आउट हुए।
KKR-----------------------------------R       B.     4s.    6s

Ajinkya Rahane:                63.     39.    4.       4

Finn Allan: .                       20.      13.    3.        1

Manish Pandey:                25.      16.    2.        2

Camren Green:                  2.         3.      0.      0

Rovman powell:              29.         21.   3        1

Rinku Singh:                    00.         01     0.       0

Tejaswi Dahia:               01.          3.      0.       0

Ankur Roy:                      09.         8.       1.      0 

Kartik Tyagi.                  00.          1.      0.        0

Varun Chakraborty.     05.        5.       1.        0

Saurbh Dubey.                04.        2.      1.         0

दिल्ली की गेंदबाज़ी का कहर, विरोधी टीम ऑल आउट

नई दिल्ली। शानदार गेंदबाज़ी के दम पर टीम ने विरोधी बल्लेबाज़ों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। तेज़ गेंदबाज़ Mitchell Starc ने घातक स्पेल डालते हुए 2 विकेट झटके, जबकि Lungi Ngidi ने 3 बल्लेबाज़ों को पवेलियन भेजकर मैच का रुख बदल दिया।

स्पिन विभाग में Axar Patel ने 1 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया, वहीं Kuldeep Yadav की फिरकी के सामने बल्लेबाज़ टिक नहीं सके और उन्होंने 3 विकेट अपने नाम किए।

इन गेंदबाज़ों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत पूरी विरोधी टीम ऑलआउट हो गई। मैदान पर दर्शकों ने खिलाड़ियों की बेहतरीन गेंदबाज़ी का जमकर आनंद लिया।




दुर्गापुर/नई दिल्ली/“वोट के लिए व्यापक प्रचार, लेकिन रोजगार मेलों की जानकारी सीमित”

रोजगार मेलों के प्रचार पर उठे सवाल
“वोट के लिए व्यापक प्रचार, लेकिन रोजगार मेलों की जानकारी सीमित”भारत के रेलवे कुली 2008 से नौकरी मांग रहे,2026 हो गया लेकिन नौकरी नहीं दी गई ऐसा क्यों मोदी जी रेलवे कुली आपसे पुंछ रहा है।

दुर्गापुर/नई दिल्ली। देश में आयोजित किए जा रहेरोजगार मेलों के प्रचार-प्रसार को लेकर युवाओं और सामाजिक वर्गों के बीच सवाल उठने लगे हैं। 

लोगों का कहना है कि जिस प्रकार चुनाव के समय राजनीतिक दलों और सरकारों द्वारा मीडिया में बड़े स्तर पर प्रचार अभियान चलाए जाते हैं, उसी प्रकार रोजगार मेलों और भर्ती अभियानों का भी व्यापक प्रचार होना चाहिए।

बताया जा रहा है कि कई बार रोजगार मेलों के अंतर्गत नियुक्ति पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वितरित किए जाते हैं, लेकिन इसकी जानकारी बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं तक समय पर नहीं पहुंच पाती। इससे कई पात्र अभ्यर्थी अवसरों से वंचित रह जाते हैं।

युवाओं का कहना है कि यदि रोजगार मेलों की जानकारीटीवी, अखबार, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार प्रसारित की जाए तो अधिक से अधिक लोग आवेदन कर सकेंगे और रोजगार के अवसरों का लाभ उठा पाएंगे।

सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि रोजगार मेलों के लिए विशेष प्रचार अभियान चलाया जाए, ताकि गांवों और छोटे शहरों के युवाओं तक भी सही जानकारी पहुंच सके। 

उनका मानना है कि रोजगार संबंधी योजनाओं का प्रचार केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जन-जागरूकता अभियान का रूप दिया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शिता और व्यापक सूचना प्रसार से रोजगार योजनाओं की प्रभाव शीलता बढ़ेगी और बेरोजगार युवाओं में विश्वास भी मजबूत होगा।

इटली: जॉर्जिया मेलोनी ग़रीबी में पलकर प्रधान मंत्री की कुर्सी तक पहुंची।

इटली: पहली महिला/जॉर्जिया मेलोनी/ ग़रीबी में पलकर प्रधान मंत्री की कुर्सी तक पहुंची।
पढ़ाई छोड़कर राजनीति में उतरे इटली के  प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत में प्रधानमंत्री ने इनका स्वागत किया।

Giorgia Meloni (जॉर्जिया मेलोनी) इटली की प्रमुख दक्षिणपंथी राजनीतिज्ञ हैं और 2022 से इटली की प्रधानमंत्री हैं। वे इटली के इतिहास में इस पद पर पहुँचने वाली पहली महिला बनीं।

प्रारंभिक जीवन: जन्म: 15 जनवरी 1977,जन्मस्थान: Rome बचपन से ही राजनीति में रुचि थी। उन्होंने किशोरावस्था में ही दक्षिणपंथी छात्र संगठनों से जुड़कर राजनीतिक गतिविधियाँ शुरू कर दी थीं।

राजनीतिक करियर: मेलोनी ने युवावस्था में ही इटली की दक्षिणपंथी पार्टी Italian Social Movement से जुड़ाव बनाया। बाद में वे National Alliance पार्टी में सक्रिय हुईं।

2008 में, केवल 31 वर्ष की आयु में, वे Silvio Berlusconi की सरकार में युवा मामलों की मंत्री बनीं।

ब्रदर्स ऑफ इटली पार्टी: 2012 में उन्होंने Brothers of Italy (Fratelli d’Italia) पार्टी की सह-स्थापना की।

यह पार्टी राष्ट्रवाद, पारंपरिक मूल्यों और सख्त आव्रजन नीति के लिए जानी जाती है।

प्रधानमंत्री बनना: 2022 के आम चुनाव में उनकी पार्टी को बड़ी सफलता मिली और वे इटली की प्रधानमंत्री बनीं।

उनकी सरकार ने: अवैध प्रवासन पर सख्ती,यूरोपीय संघ के साथ संतुलित संबंध,परिवार और पारंपरिक मूल्यों पर जोर,जैसी नीतियों को प्राथमिकता दी।

व्यक्तिगत जीवन: मेलोनी का एक साथी पत्रकार Andrea Giambruno रहे हैं। उनकी एक बेटी भी है।
वे खुद को “ईसाई और राष्ट्रवादी” मूल्यों से प्रेरित बताती हैं।

वैश्विक पहचान: मेलोनी को यूरोप की प्रभावशाली महिला नेताओं में गिना जाता है। उनकी राजनीति को कई लोग राष्ट्रवादी और रूढ़िवादी मानते हैं, जबकि समर्थक उन्हें मजबूत नेतृत्व का प्रतीक मानते हैं।


कोलकाता में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी पहुँचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।

कोलकाता में मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी पहुँचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो।
मदर टेरेसा के ‘मदर हाउस’ में की प्रार्थना, बच्चों से भी मिले।

संवाददाता की रिपोर्ट:

कोलकाता, 24।   मई:  अमेरिकी विदेश     मंत्री  Marco Rubio ने अपने चार दिवसीय  भारत दौरे    की शुरुआत कोलकाता से की। 

शहर पहुंचते ही उन्होंने Missionaries of Charity के मुख्यालय “मदर हाउस” का दौरा किया, जहाँ उन्होंने मदर टेरेसा की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

रुबियो अपनी पत्नी जीनेट रुबियो और अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ मदर हाउस पहुँचे। 

इस दौरान उन्होंने संस्था की ननों और अधिकारियों से मुलाकात कर सेवा कार्यों की जानकारी ली। 

बाद में वे “निर्मला शिशु भवन” भी गए, जहाँ अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की देखभाल की जाती है।

यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है। लगभग 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने कोलकाता का दौरा किया है। 

इससे पहले वर्ष 2012 में अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन शहर आई थीं।

सूत्रों के अनुसार, रुबियो की भारत यात्रा में नई दिल्ली, आगरा और जयपुर भी शामिल हैं। 

नई दिल्ली में वे प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे तथा Quad देशों की बैठक में हिस्सा लेंगे।

नई दिल्ली में अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात करेंगे। 

इस दौरान भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी, रक्षा सहयोग, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और व्यापार संबंधों पर चर्चा होने की संभावना है।

इसके साथ ही रुबियो Quad देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की बैठक में भी हिस्सा लेंगे। 

Quad समूह का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा मजबूत करना और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखना माना जाता है।

अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अपनी भारत यात्रा के दौरान Quad देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। 

नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, समुद्री सहयोग, साइबर सुरक्षा, नई तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar करेंगे। माना जा रहा है।

कि Quad देशों के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

Uttar Pradesh यूपी (UP) के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में लागू होगा ड्रेस कोड।

Uttar Pradesh यूपी (UP) के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में लागू होगा ड्रेस कोड।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए निर्देश, नए सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था।

उत्तर प्रदेश में ड्रेस कोड लागू।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति Anandiben Patel ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। 

राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, समानता और एकरूपता बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था जरूरी है।

राज्यपाल के निर्देश के बाद अब प्रदेश के विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने स्तर पर यूनिफॉर्म का रंग, डिजाइन और नियम तय करेंगे। बताया जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।

बैठक में राज्यपाल ने शिक्षकों को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने समय पर कक्षाएं लेने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कॉलेजों में रोजगारपरक और वोकेशनल कोर्स शुरू करने पर भी जोर दिया गया। इनमें GST, अकाउंटेंसी, ब्यूटीशियन, मेहंदी, बिंदी निर्माण और मिलेट आधारित व्यंजन जैसे कोर्स शामिल किए जाएंगे।

राज्यपाल ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि विद्यार्थी बिना डर अपनी शिकायतें रख सकें।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल। एयरपोर्ट के सामने 136 साल पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद हटाने की तैयारी, राजनीतिक बयानबाज़ी तेज।

कोलकाता।पश्चिम बंगाल।एयरपोर्ट के सामने 136 साल पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद हटाने की तैयारी, राजनीतिक बयानबाज़ी तेज।
136 साल पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद हटाने की तैयारी।

कोलकाता, संवाददाता:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक और प्रशासनिक मुद्दे को लेकर हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari ने दावा किया है कि नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सामने स्थित 136 साल पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
शुभेंदु अधिकारी ने गौरी पुत्र जामे मस्जिद को हटाने की तैयारी कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट सुरक्षा और रनवे संचालन को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में मस्जिद के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया गया। सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट अथॉरिटी ने सुरक्षा मानकों का हवाला देते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा की है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

मस्जिद कमेटी ने इस मामले में कहा है कि धार्मिक स्थल ऐतिहासिक महत्व रखता है और किसी भी फैसले से पहले समुदाय की सहमति आवश्यक होगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि मस्जिद एयरपोर्ट बनने से पहले से मौजूद है और वर्षों से यहां नियमित नमाज़ अदा की जाती रही है।

राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया है, जबकि सत्तारूढ़ दल ने कहा कि मामला पूरी तरह प्रशासनिक और सुरक्षा से जुड़ा है।

सूत्रों के मुताबिक, ईद-उज़-जुहा के बाद प्रशासन, एयरपोर्ट प्रबंधन और मस्जिद कमेटी के बीच अगली बैठक हो सकती है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हैं।

नई दिल्ली/दुर्गापुर/पश्चिम बंगाल/पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी।

नईदिल्ली/दुर्गापुर/पश्चिमबंगाल/पेट्रोल-डीज़ल फिर महंगा, 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी।
दस दिनों में तीसरी बार पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़े।

आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, दुर्गापुर समेत पूरे देश में असर।

नई दिल्ली/दुर्गापुर। आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने 23 मई 2026 को पेट्रोल के दाम में करीब 87 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

नई कीमतों के बाद राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों, जिनमें दुर्गापुर भी शामिल है, वहां भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती आयात लागत के चलते कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।

विशेषज्ञों के अनुसार, मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल करीब ₹5 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

इस बीच विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और बढ़ती महंगाई को लेकर आम जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है।

24 मई। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 10 दिनों में तीसरी बार दाम बढ़ने के बाद जहां जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर तेल की कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो रही है।

ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में कई जगहों पर अधिक दाम पर पेट्रोल-डीजल बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ लोग तेल का स्टॉक जमा कर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों का फायदा उठाकर अवैध कारोबार करने वाले सक्रिय हो गए हैं। खासकर छोटे कस्बों और हाईवे क्षेत्रों में बोतलों और ड्रमों में खुलेआम महंगे दामों पर तेल बेचा जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू स्तर पर लगातार मूल्य वृद्धि ने कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है। यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।