IPL 2027 की नीलामी दिसंबर में गोवा में, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की पुष्टि।

IPL 2027 की नीलामी दिसंबर में गोवा में, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने की पुष्टि।

Devajeet SaikiyaBCCI Secretary.

नई दिल्ली/गोवा। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2027 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी दिसंबर 2026 में गोवा में आयोजित की जाएगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मानद सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।

सैकिया ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में IPL की नीलामी विदेशों में आयोजित की गई थी, लेकिन इस बार इसे भारत में वापस लाया जा रहा है। इससे IPL नीलामी के भारत लौटने का सिलसिला शुरू होगा।

गोवा में इससे पहले भी IPL नीलामी की मेजबानी कर चुका है। रिपोर्टों के अनुसार, 2009 में IPL के दूसरे सीजन के लिए नीलामी गोवा में हुई थी।

BCCI की 18 सितंबर 2026 की AGM में 2027 में IPL के 20वें संस्करण को बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय भी लिया गया था। नीलामी की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है; फिलहाल BCCI की ओर से दिसंबर और गोवा को आयोजन स्थल के रूप में पुष्टि की गई है।

इंडोनेशिया ने चीन को 3-2 से हराया, बैडमिंटन मुकाबले में रोमांचक जीत

इंडोनेशिया ने चीन को 3-2 से हराया, बैडमिंटन मुकाबले में रोमांचक जीत।

इंडोनेशिया बैडमिंटन खिलाड़ी

संवाददाता: अमन कुमार मिश्र

इंडोनेशिया ने रोमांचक मुकाबले में चीन को 3-2 से हराकर बैडमिंटन में शानदार जीत दर्ज की। दोनों टीमों के बीच मुकाबला शुरुआत से ही कांटे का रहा और निर्णायक मुकाबले तक नतीजा स्पष्ट नहीं हो सका।

फाइनल का पूरा परिणाम:-

जोनाथन क्रिस्टी – शी यू ची: 13-21, 18-21
फजार अल्फियन/मुहम्मद शोइबुल फिकरी – लियांग वेई केंग/वांग चांग: 20-22, 21-19, 14-21
अल्वी फरहान – ली शी फेंग: 23-21, 15-21, 21-16
लियो रोली कारनांडो/डेनियल मार्थिन – हे जी टिंग/लियू यी: 23-21, 21-10
मोहम्मद जकी उबैदिल्लाह – वेंग होंगयांग: 23-21, 21-13
इंडोनेशिया के खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। वहीं, चीन की टीम ने भी कड़ी चुनौती पेश की और स्कोर को बराबरी पर बनाए रखा। आखिरकार निर्णायक मैच में इंडोनेशिया ने संयम और आक्रामक खेल का बेहतर तालमेल दिखाते हुए जीत हासिल कर ली
इस जीत के साथ इंडोनेशिया ने टीम स्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत की, जबकि चीन को करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने लंबे रैलियों और शानदार डिफेंस से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया
अंतिम स्कोर: इंडोनेशिया 3-2 चीन

एशियन गेम्स में मनु भाकर का पदक चूका, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं।

एशियन गेम्स में मनु भाकर का पदक चूका, 10 मीटर एयर पिस्टल में पांचवें स्थान पर रहीं।

मनु भाकर महिला अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज।

मनु भाकर ने क्वालीफिकेशन में 579-20x का स्कोर करते हुए तीसरे स्थान पर रहकर आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल की शुरुआत उन्होंने अच्छी की और शुरुआती चरण में पदक की दौड़ में बनी रहीं, लेकिन चौथे एलिमिनेशन चरण के बाद उनका सफर समाप्त हो गया।

इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की चू गा-उन ने 246.3 अंक के एशियाई और एशियन गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की यीआओ शेन ने रजत और चीन की रानशिन जियांग ने कांस्य पदक हासिल किया।

महिलाओं की टीम स्पर्धा में भी भारत पदक से चूक गया था। मनु भाकर, ईशा सिंह और सुरूची इंदर सिंह की भारतीय टीम चौथे स्थान पर रही। भारत और वियतनाम के 1719 अंक बराबर थे, लेकिन अधिक इनर-10 के आधार पर वियतनाम ने कांस्य पदक हासिल किया।
पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीत चुकीं मनु भाकर के लिए एशियन गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल का यह मुकाबला पदक के बिना समाप्त हुआ। हालांकि उनके पास आगे अन्य शूटिंग स्पर्धाओं में पदक के लिए मौका बना हुआ है।


स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 11 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर।

स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, 11 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली पहली महिला क्रिकेटर।

स्मृति मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर 2026.

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान और स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 22 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स के महिला क्रिकेट फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ मंधाना ने 11,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए और यह उपलब्धि हासिल करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गईं।
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उतरने से पहले मंधाना को इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने के लिए सिर्फ 13 रन की जरूरत थी। उन्होंने शुरुआती ओवरों में ही आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए यह मुकाम हासिल कर लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी शानदार पारी को जारी रखते हुए 79 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और सात छक्के शामिल रहे।
मंधाना ने इस उपलब्धि के साथ पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले सितंबर 2026 में ही वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बनी थीं।
मंधाना का अंतरराष्ट्रीय सफर वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ शानदार टाइमिंग और निरंतरता देखने को मिलती है। 11 हजार रन का यह आंकड़ा उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय करियर की निरंतरता को दर्शाता है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि को और खास बना दिया भारतीय टीम की एशियन गेम्स की जीत ने। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह मंधाना के व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी यह दिन यादगार बन गया।
स्मृति मंधाना का 11 हजार रन तक पहुंचना भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है—एक ऐसा अध्याय, जिसमें प्रतिभा, निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन की कहानी दर्ज है।

डोनाल्ड ट्रम्प: शांति दूत या तबाही का सौदागर? दुनिया के सामने बड़ा सवाल।

डोनाल्ड ट्रम्प: शांति दूत या तबाही का सौदागर? दुनिया के सामने बड़ा सवाल। 

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई है। 

डोनाल्ड ट्रम्प खुद को युद्ध खत्म कराने और “शांति के लिए ताकत” का इस्तेमाल करने वाला नेता बताते हैं, जबकि उनके आलोचक अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और कड़े बयानों को दुनिया में तनाव बढ़ाने वाला कदम मानते हैं।

22 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने जहां दूसरे केवल बात करते रहे, वहां कार्रवाई की और उनकी सरकार ने कई संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई। व्हाइट हाउस का दावा है कि ट्रम्प प्रशासन ने आठ बड़े संघर्षों को समाप्त कराने में भूमिका निभाई है।

लेकिन दूसरी तरफ ईरान का मुद्दा ट्रम्प की नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संयुक्त राष्ट्र में ट्रम्प ने कहा कि यदि ईरान के साथ शांति समझौता नहीं होता तो अमेरिका के सामने कठोर विकल्प मौजूद हैं और उन्होंने ईरान को “annihilate” करने तक की चेतावनी दी।

रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने के लिए भी ट्रम्प प्रशासन लगातार बातचीत की कोशिशों का दावा कर रहा है। सितंबर में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को रूस और यूक्रेन के बीच शांति प्रस्ताव पर बातचीत के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई। हालांकि बातचीत में अब तक कई बाधाएं बनी हुई हैं।

यही विरोधाभास ट्रम्प की विदेश नीति को लेकर बहस का केंद्र है—क्या सैन्य दबाव और धमकी के जरिए शांति स्थापित की जा सकती है, या ऐसी रणनीति नए संघर्षों का जोखिम बढ़ाती है?

सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली, जब्त वाहनों को थाने में लंबे समय तक रखने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती।

सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली, जब्त वाहनों को थाने में लंबे समय तक रखने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती।

सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली, जब्त वाहनों को थाने में लंबे समय तक रखने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती।

मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और अंतरिम सुपुर्दगी पर जोर, मालिकों को राहत की उम्मीद।

नई दिल्ली। पुलिस द्वारा किसी मामले में जब्त किए गए वाहनों को लंबे समय तक थाने या खुले परिसर में खड़ा रखने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के तहत शीघ्र कार्रवाई पर जोर दिया है। कोर्ट ने एक मामले में स्पष्ट किया कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक वाहन को पुलिस के कब्जे में रखना हमेशा उचित नहीं है, क्योंकि खुले में खड़े रहने से वाहन खराब होता है और उसकी कीमत लगातार घटती रहती है।
7 जनवरी 2025 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित वाहन को मुकदमे के दौरान अंतरिम रूप से सुपुर्द करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने वाहन की पहचान के लिए फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग तथा आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की व्यवस्था भी बताई।
सुप्रीम कोर्ट के इस दृष्टिकोण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब्त वाहन वर्षों तक थानों में पड़े रहकर कबाड़ न बन जाएं। वाहन मालिकों के लिए इसका महत्व इसलिए भी है कि कई मामलों में वाहन उनकी रोजी-रोटी का साधन होता है।
वहीं, आपराधिक प्रक्रिया के तहत जब्ती की सूचना संबंधित मजिस्ट्रेट को देने का प्रावधान भी मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में इस प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, वाहन की सुपुर्दगी स्वतः या हर मामले में बिना शर्त नहीं होती। संबंधित अदालत मामले के तथ्यों, अपराध की प्रकृति और वाहन की आवश्यकता को देखते हुए शर्तों के साथ अंतरिम सुपुर्दगी का आदेश दे सकती है।
मुख्य बात: जब्त वाहन को लंबे समय तक पुलिस परिसर में रखने के बजाय कानून के अनुसार अदालत के समक्ष पेश कर उसके संरक्षण और अंतरिम सुपुर्दगी पर शीघ्र निर्णय लेना महत्वपूर्ण है।
यह फैसला Bishwajit Dey बनाम State of Assam, Criminal Appeal No. 87 of 2025, जो SLP (Crl.) No. 13370 of 2024 से संबंधित था, में आया। मामले में एक ट्रक को NDPS Act के तहत जब्त किया गया था। ट्रक मालिक को मामले में आरोपी नहीं बनाया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि NDPS Act में जब्त वाहन की अंतरिम वापसी पर कोई विशेष पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। 

अदालत ने CrPC की धारा 451 और 457 के तहत न्यायालय को जब्त संपत्ति की अंतरिम अभिरक्षा देने की शक्ति का उल्लेख किया। 
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पीठ ने व्यापक रूप से कहा कि यदि वाहन के मालिक या उसके एजेंट पर अपराध में संलिप्तता का आरोप नहीं है, तो वाहन को सामान्यतः सुपरदारी पर अंतरिम रूप से छोड़ा जाना चाहिए, हालांकि संबंधित ट्रायल कोर्ट मामले के तथ्यों के आधार पर अलग निर्णय ले सकता है। 
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सुप्रीम कोर्ट ने वाहन छोड़ने से पहले उसकी वीडियोग्राफी और स्टिल फोटोग्राफी, पहचान संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करने का निर्देश दिया। मालिक को वाहन बेचने या स्वामित्व हस्तांतरित करने से रोकने तथा अदालत के निर्देश पर वाहन पेश करने की शर्त भी लगाई जा सकती है। 
अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस की अभिरक्षा में वाहन लंबे समय तक खुले में पड़ा रहने से वह खराब हो सकता है और उसका मूल्य घट सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में उचित शर्तों के साथ अंतरिम सुपुर्दगी वाहन मालिक, वित्तीय संस्था और व्यापक रूप से समाज—तीनों के लिए उपयोगी हो सकती है।
महत्वपूर्ण कानूनी स्थिति: यह फैसला यह नहीं कहता कि हर जब्त वाहन को स्वतः और तुरंत मालिक को वापस करना अनिवार्य है। सुपुर्दगी का निर्णय संबंधित अदालत मामले के तथ्यों, अपराध की प्रकृति और मालिक की भूमिका को देखते हुए शर्तों के साथ करेगी। फैसले में ट्रायल कोर्ट को परिस्थितियों के अनुसार अलग दृष्टिकोण अपनाने की गुंजाइश भी दी गई है।

Supreme Court of India के हालिया आदेशों में जब्त वाहनों को लंबे समय तक थाने में खड़ा रखने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के तहत उनके निस्तारण/अंतरिम सुपुर्दगी पर जोर दिया गया है। हालांकि, आपके बताए शब्दों में “हर जब्त गाड़ी को अविलंब मजिस्ट्रेट के सामने प्रस्तुत कर मालिक को वाहन उपलब्ध कराया जाए” जैसा कोई सार्वभौमिक नया आदेश मुझे आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं मिला। 7 जनवरी 2025 के एक फैसले में कोर्ट ने कहा था कि वाहन को मुकदमे के अंत तक पुलिस के कब्जे में रखना उपयोगी नहीं है और वाहन को अंतरिम रूप से सुपुर्द किया जा सकता है।

रिलीज से पहले ‘राका’ ने रचा इतिहास, 37 कलाकारों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।

रिलीज से पहले ‘राका’ ने रचा इतिहास, 37 कलाकारों के साथ बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, ‘Most People Motion-Captured in Real-Time’ का रिकॉर्ड 15 सितंबर 2026 को मुंबई में सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड और वी. अरुणकुमार (एटली) ने फिल्म ‘राका’ के लिए बनाया। इस उपलब्धि का रिकॉर्डेड आंकड़ा 37 लोग है।

मुंबई, 24 सितंबर 2026। अभिनेता अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली की आगामी फिल्म ‘राका’ ने रिलीज से पहले ही गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा लिया है। फिल्म के लिए एक साथ 37 कलाकारों का रियल-टाइम मोशन कैप्चर किया गया, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक रूप से मान्यता दी है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, ‘Most People Motion-Captured in Real-Time’ का रिकॉर्ड 15 सितंबर 2026 को मुंबई में सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड और वी. अरुणकुमार (एटली) ने फिल्म ‘राका’ के लिए बनाया। इस उपलब्धि का रिकॉर्डेड आंकड़ा 37 लोग है।

इस रिकॉर्ड के लिए चार साल के बच्चे से लेकर 70 वर्ष तक की उम्र के कलाकारों को एक ही कैप्चर वॉल्यूम में रियल टाइम में ट्रैक किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, तकनीकी सेटअप में 92 ऑप्टिकल मोशन-कैप्चर कैमरों और रियल-टाइम विजुअलाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया।

रिकॉर्ड बनने के बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र अल्लू अर्जुन और एटली को सौंपा गया। फिल्म की टीम ने इस उपलब्धि को भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि बताया है। 

शीर्षक विकल्प:

“37 कलाकारों का एक साथ मोशन कैप्चर, ‘राका’ के नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड"


खास खबर: कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की तैयारी, VIP रोड पर ट्रैफिक चुनौती।

खास खबर: कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने की तैयारी, VIP रोड पर ट्रैफिक चुनौती।

कोलकाता, 24 सितंबर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए इन दिनों कई स्तरों पर काम चल रहा है।

कोलकाता, 24 सितंबर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए इन दिनों कई स्तरों पर काम चल रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन ने 17 सितंबर से 10 अक्टूबर तक 24 दिवसीय ‘यात्री सेवा अभियान 2026’ शुरू किया है। अभियान में साफ-सफाई, पार्किंग, यातायात, बैठने की व्यवस्था, दिव्यांग एवं वरिष्ठ यात्रियों की सुविधाओं, पेयजल और बैगेज व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


इस बीच एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए VIP रोड पर यातायात एक बड़ी चुनौती बन गया है। न्यू गरिया-एयरपोर्ट ऑरेंज लाइन मेट्रो कॉरिडोर के अंतिम दो पिलर के निर्माण के कारण सड़क पर लेन डायवर्जन और बैरिकेडिंग की गई है, जिससे एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहनों की गति प्रभावित हो रही है।

एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए नए लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट भी लगाए गए हैं। इन्हें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जांच क्षेत्र में प्रमुख बोर्डिंग गेट तथा कुछ बैठने वाले स्थानों के पास लगाया गया है।

यात्रियों के लिए अहम सवाल:-

त्योहारी मौसम और आने वाले विंटर फ्लाइट शेड्यूल में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना के बीच एयरपोर्ट प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि यात्री सुविधा, सड़क यातायात और एयरपोर्ट संचालन—तीनों के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए। एयरपोर्ट प्रशासन के 24 दिवसीय अभियान का अंतिम आकलन 10 अक्टूबर को किया जाना है।

बरौनी शोकहारा फुलवरिया की शिक्षा यात्रा में राधा कृष्ण चमड़िया हाईस्कूल की अहम भूमिका।

बरौनी शोकहारा फुलवरिया की शिक्षा यात्रा में राधा कृष्ण चमड़िया हाईस्कूल की अहम भूमिका।

बरौनी के इस विद्यालय से जुड़ी है क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा और भविष्य की उम्मीदें।

फुलवरिया/बरौनी, बेगूसराय।

संवाददाता: अमन कुमार मिश्र।

बेगूसराय जिले के बरौनी प्रखंड के फुलवरिया क्षेत्र में स्थित राधा कृष्ण चमड़िया हाईस्कूल स्थानीय शिक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्षों से विद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को माध्यमिक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाता आ रहा है।

विद्यालय में आसपास के क्षेत्रों से विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। स्थानीय अभिभावकों के लिए यह विद्यालय बच्चों को घर के आसपास शिक्षा उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। विद्यालय से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

बदलते दौर में नई चुनौतियां:-

समय के साथ शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेलकूद और विद्यार्थियों के लिए बेहतर आधारभूत सुविधाएं शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायक हो सकती हैं।

अभिभावकों की उम्मीद:-

अभिभावकों की सबसे बड़ी अपेक्षा है कि विद्यालय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों को मजबूत करने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सकता है।

क्षेत्र के लिए सिर्फ स्कूल नहीं:-

राधा कृष्ण चमड़िया हाईस्कूल फुलवरिया क्षेत्र में केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि स्थानीय विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी संस्था के रूप में देखा जाता है। विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को बेहतर बनाना क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

एक नजर में:-

विद्यालय: राधा कृष्ण चमड़िया हाईस्कूल

स्थान: फुलवरिया, बरौनी, बेगूसराय, बिहार

भूमिका: स्थानीय विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा उपलब्ध कराना

स्थानीय अपेक्षाएं: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, डिजिटल शिक्षा और खेलकूद की बेहतर व्यवस्था।

शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास, महिला टी20 इंटरनेशनल में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड।

शेफाली वर्मा ने रचा इतिहास, महिला टी20 इंटरनेशनल में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड।

शेफाली वर्मा


भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ एशियाई खेलों के फाइनल में इतिहास रच दिया। शेफाली एक कैलेंडर वर्ष में महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं।
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में शेफाली ने 29 गेंदों पर 48 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें तीन चौके और तीन छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उनके 2026 में महिला टी20 इंटरनेशनल में 863 रन हो गए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट का 824 रन का पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
शेफाली ने इस साल 24 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 863 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 162 से अधिक रहा है। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 49 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाकर भी शानदार रिकॉर्ड कायम किए थे।
श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में शेफाली और स्मृति मंधाना ने मिलकर 99 रन की ओपनिंग साझेदारी की। भारत ने इस मुकाबले में 216/3 का बड़ा स्कोर बनाया और बाद में श्रीलंका को 69 रन पर समेटकर 147 रन से जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।