बरौनी-सोकहारा क्षेत्र में आधार सेवाओं को लेकर लोगों में नाराज़गी, घर बैठे मोबाइल से अपडेट की सुविधा बहाल करने की मांग।

बरौनी-सोकहारा क्षेत्र में आधार सेवाओं को लेकर लोगों में नाराज़गी, घर बैठे मोबाइल से अपडेट की सुविधा बहाल करने की मांग।

नाम, पता, जन्म तिथि और जहां तकनीकी एवं सुरक्षा की दृष्टि से संभव हो, फोटो अपडेट जैसी सेवाएं मोबाइल फोन के माध्यम से घर बैठे निःशुल्क उपलब्ध कराई जा सकें। उनका मानना है कि इससे आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिलेगी तथा आधार केंद्रों पर भीड़ भी कम होगी।

बरौनी/सोकहारा, संवाददाता। अमन कुमार मिश्र।

बरौनी और सोकहारा क्षेत्र के लोगों को आधार कार्ड से संबंधित सेवाओं के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि आधार केंद्रों पर घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने के बावजूद कई बार नाम, पता, मोबाइल नंबर या अन्य विवरणों का सुधार सही ढंग से नहीं हो पाता। इसके बाद दोबारा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले कुछ आधार संबंधी कार्य स्वयं अपने मोबाइल फोन से घर बैठे ही किए जा सकते थे। इससे लोगों को आधार केंद्र जाने की आवश्यकता कम पड़ती थी और काफी सुविधा मिलती थी। नागरिकों ने मांग की है कि ऐसी ऑनलाइन सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जाए और जहां संभव हो, लोगों को फिर से अपने मोबाइल के माध्यम से घर बैठे आधार संबंधी कार्य करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

लोगों ने यह भी मांग की है कि आधार केंद्रों पर भीड़ कम करने के लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जाएं, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए तथा सुधार कार्यों का समयबद्ध और त्रुटिरहित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि आधार जैसी आवश्यक सेवा को अधिक सरल, सुलभ और नागरिकों के हित में बनाया जाना चाहिए।

तथ्यात्मक रूप से, आधार की सभी प्रकार की जानकारी मोबाइल से घर बैठे अपडेट नहीं की जा सकती। कुछ सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि बायोमेट्रिक और कई पहचान संबंधी अपडेट के लिए आधार केंद्र जाना आवश्यक होता है। 

ई-रिक्शा सुरक्षा पर केंद्र सरकार सख्त, BAT-BMS समेत कई बैटरी मैनेजमेंट ऐप हटाने के निर्देश।

ई-रिक्शा सुरक्षा पर केंद्र सरकार सख्त, BAT-BMS समेत कई बैटरी मैनेजमेंट ऐप हटाने के निर्देश।

नई दिल्ली।

ई-रिक्शों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं के मद्देनज़र Google और Apple को BAT-BMS सहित कई बैटरी मैनेजमेंट मोबाइल ऐप्स को उनके ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, कुछ बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स के कथित दुरुपयोग की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप था कि इन ऐप्स के माध्यम से कुछ ब्लूटूथ-सक्षम ई-रिक्शों की बैटरी से अनधिकृत रूप से कनेक्ट होकर उन्हें बंद करने की कोशिश की जा रही थी। इससे चालकों की आजीविका पर असर पड़ने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा हुईं। 

मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए ऐप स्टोर संचालकों को ऐसे ऐप्स की उपलब्धता की समीक्षा करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ई-रिक्शों और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाने, मजबूत प्रमाणीकरण (ऑथेंटिकेशन) लागू करने तथा अनधिकृत ब्लूटूथ एक्सेस रोकने जैसे उपायों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। 

चल उड़ जा रे पंछी, देश हुआ बेगाना"विदेश दौरों पर सियासत तेज।40 वर्षों बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा, संबंधों को मिलेगी नई दिशा।

चल उड़ जा रे पंछी, देश हुआ बेगाना"विदेश दौरों पर सियासत तेज।

40 वर्षों बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा, संबंधों को मिलेगी नई दिशा।

भारतीय विमानों से चलें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी न्यूजीलैंड का भ्रमण करने क्या लेकर आएंगे क्या देकर आएंगे। यह जानकारी किसी के पास नहीं है।
चल उड़ जा रे पंछी, देश हुआ बेगाना"विदेश दौरों पर सियासत तेज।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार विदेशी दौरों को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि देश के कई अहम मुद्दों के बीच प्रधानमंत्री विदेश यात्राओं में अधिक समय दे रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि ये यात्राएं भारत के कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक हितों को मजबूत करने के लिए आवश्यक हैं। हाल के दिनों में प्रधानमंत्री के कई देशों के प्रस्तावित और आधिकारिक दौरे चर्चा का विषय बने हुए हैं।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि महंगाई, बेरोजगारी और अन्य घरेलू चुनौतियों पर सरकार को अधिक ध्यान देना चाहिए। वहीं सरकार का दावा है कि इन विदेश यात्राओं से निवेश, व्यापार, रक्षा सहयोग और वैश्विक मंचों पर भारत की स्थिति मजबूत होती है। 
राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा आने वाले समय में भी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने तर्कों के साथ जनता के बीच इस बहस को आगे बढ़ा रहे हैं।

नई दिल्ली। लगभग 40 वर्षों बाद भारत के किसी प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही न्यूजीलैंड की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा, शिक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और विभिन्न समझौतों पर भी बातचीत होने की संभावना है। करीब चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा दोनों देशों के बीच विश्वास, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने वाला माना जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी।

बड़ी राहत! नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए।

बड़ी राहत! नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए।

पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर हुआ सस्ता, उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

नई दिल्ली | 3 जुलाई।

देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। निजी तेल विपणन कंपनी नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर कम करने की घोषणा की है।

कंपनी के इस फैसले से नायरा एनर्जी के आउटलेट्स से ईंधन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बाद यह कदम उठाया गया है।

मुख्य बातें:

✅ पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर सस्ता

✅ डीजल ₹3 प्रति लीटर सस्ता

✅ कटौती केवल नायरा एनर्जी के पेट्रोल पंपों पर लागू

✅ सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल कोई नई कटौती घोषित नहीं की है

आम उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि यदि अन्य तेल कंपनियां भी इसी तरह कीमतें घटाती हैं, तो देशभर में ईंधन की लागत में और राहत मिल सकती है।

नोट: उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीजल की कीमत ₹3 प्रति लीटर घटाई गई है।



महंगा आयात, सस्ता निर्यात? गैस सिलेंडर की कीमतों पर उठे सवाल।

महंगा आयात, सस्ता निर्यात? गैस सिलेंडर की कीमतों पर उठे सवाल।

रिपोर्ट: अमन कुमार मिश्र।

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई नागरिकों का कहना है कि यदि किसी गैस सिलेंडर की खरीद लागत लगभग ₹1600 पड़ती है और उसे उपभोक्ताओं को ₹942 में और  उज्वला योजना वाले को 642 में उपलब्ध कराया जाता है, तो इस मूल्य अंतर की भरपाई कैसे की जाती है और इसका आर्थिक प्रभाव क्या है।

लोगों का मानना है कि यदि सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी या अन्य वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, तो इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी उत्पाद की खरीद और बिक्री कीमत की तुलना करते समय आयात लागत, परिवहन, कर, सब्सिडी, विनिमय दर और सरकारी नीतियों जैसे कई कारकों को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

जनता की मांग है कि संबंधित विभाग गैस सिलेंडर की वास्तविक लागत, सब्सिडी और मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पर स्पष्ट जानकारी जारी करे, जिससे भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।



तेज प्रताप यादव का बीजेपी पर हमला, मुख्यमंत्री को लेकर लगाए गंभीर आरोप।

तेज प्रताप यादव का बीजेपी पर हमला, मुख्यमंत्री को लेकर लगाए गंभीर आरोप।

पटना, संवाददाता। जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने बिहार की भाजपा-नीत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बिहार में "अंगूठाछाप मुख्यमंत्री" बनाया है। साथ ही यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री एक बलात्कार के मामले में आरोपी हैं।
तेज प्रताप यादव ने कहा कि ऐसी सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए। उनके बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।

हालांकि, तेज प्रताप यादव के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आने का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोपों पर सभी पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी

वेनेज़ुएला में भूकंप के बाद भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, आर्थिक सहायता और सैन्य चिकित्सा दल भेजा।

वेनेज़ुएला में भूकंप के बाद भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, आर्थिक सहायता और सैन्य चिकित्सा दल भेजा।
नई दिल्ली। वेनेज़ुएला में आए भीषण भूकंप से हुई जान-माल की क्षति के बाद भारत सरकार ने मानवीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है। 

सरकार ने प्रभावित लोगों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ सैन्य चिकित्सा (फील्ड मेडिकल) दल भी रवाना किया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय चिकित्सा दल प्रभावित क्षेत्रों में घायलों का उपचार, आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति तथा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में स्थानीय प्रशासन की सहायता करेगा। 

भारत सरकार ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय मानवीय सहयोग उसकी विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और संकट की इस घड़ी में भारत वेनेज़ुएला के लोगों के साथ खड़ा है। 

इसके अलावा राहत सामग्री और आवश्यक उपकरण भी भेजे गए हैं, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके।

राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय जारी है।

तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर नवजात को मिलेगी 1 ग्राम सोने की अंगूठी।

तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले हर नवजात को मिलेगी 1 ग्राम सोने की अंगूठी।

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने मातृ एवं शिशु कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। 

सरकार ने फैसला किया है कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले प्रत्येक नवजात शिशु को 1 ग्राम सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप दी जाएगी। 

इस योजना के लिए सरकार ने लगभग ₹755 करोड़ का वार्षिक बजट निर्धारित किया है। 

सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और नवजात के जन्म को सम्मानजनक तरीके से चिह्नित करना है। 

यह योजना सरकार के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल थी। 

योजना के तहत पात्र परिवारों के नवजात बच्चों को जन्म के बाद 1 ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी। 

सरकार ने संकेत दिया है कि योजना के विस्तृत दिशा-निर्देश और क्रियान्वयन की प्रक्रिया अलग से जारी की जाएगी।

गुजरात। गांधीनगर। अमित शाह ने लॉन्च की 'भारत टैक्सी', दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार का लक्ष्य।

अमित शाह ने लॉन्च की 'भारत टैक्सी', दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार का लक्ष्य।

गांधीनगर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह सेवा यात्रियों को किफायती और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ टैक्सी चालकों को मालिकाना हक और बेहतर आय का अवसर देगी। अमित शाह ने घोषणा की कि भारत टैक्सी का विस्तार अगले दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों तक किया जाएगा। फिलहाल इसकी शुरुआत गुजरात के चुनिंदा शहरों से की गई है और बाद में इसे देशभर में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।







रूस-यूक्रेन युद्ध कब होगा समाप्त? दुनिया की नजर दोनों देशों के फैसले पर।

रूस-यूक्रेन युद्ध कब होगा समाप्त? दुनिया की नजर दोनों देशों के फैसले पर।
अंतरराष्ट्रीय डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब भी इसके समाप्त होने की कोई निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है। दुनिया भर के आम लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह संघर्ष कब खत्म होगा और दोनों देशों में शांति कब लौटेगी।
हाल के दिनों में रूस ने एक बार फिर कहा है कि शांति समझौते के लिए उसकी पहले से तय शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, यूक्रेन का कहना है कि उसने कई बार शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है, लेकिन उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के खत्म होने को लेकर पूरी दुनिया की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी है। लगातार चार वर्षों से जारी संघर्ष के बीच शांति वार्ता की चर्चाएं फिर तेज हुई हैं, लेकिन अभी तक किसी स्थायी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं। हाल के दिनों में रूस ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए कहा है कि उसकी शांति की शर्तों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि यूक्रेन ने युद्धविराम और बातचीत की इच्छा जताई है।

कूटनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि दोनों देश युद्धविराम, कैदियों की अदला-बदली और सीमित समझौतों जैसे भरोसा बढ़ाने वाले कदमों पर सहमत होते हैं, तभी व्यापक शांति समझौते की संभावना मजबूत हो सकती है। फिलहाल दुनिया की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में मॉस्को और कीव कौन-सा फैसला लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध कब समाप्त होगा, इसका सीधा जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। इसकी दिशा दोनों देशों की राजनीतिक इच्छाशक्ति, सैन्य स्थिति और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर निर्भर करेगी। तुर्किये सहित कई देश एक बार फिर दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। 

इस बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट किया है कि रूस अपने घोषित सैन्य लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा। वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने और रूस पर दबाव बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच हमले भी जारी हैं, जिससे शांति की राह अभी कठिन दिखाई दे रही है।