भारत में नई परियोजना से कीटनाशकों पर निर्भरता घटने की उम्मीद।
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| नई दिल्ली :कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। |
नई दिल्ली, संवाददाता।
भारत में कृषि क्षेत्र में शुरू की जा रही नई परियोजना से किसानों की कीटनाशक दवाओं पर निर्भरता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल के माध्यम से फसलों को कीटों और रोगों से बचाने के लिए वैकल्पिक एवं पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना के तहत किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जैविक नियंत्रण उपायों तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग में कमी आने के साथ-साथ उत्पादन लागत भी घट सकती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, कीटनाशकों का सीमित उपयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को भी कम करेगा। साथ ही, किसानों को टिकाऊ खेती अपनाने में मदद मिलेगी।
सरकार और संबंधित संस्थाओं को उम्मीद है कि परियोजना के सफल क्रियान्वयन से कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा देश में सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। किसानों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे कृषि क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम बताया है।











