इटली: पहली महिला/जॉर्जिया मेलोनी/ ग़रीबी में पलकर प्रधान मंत्री की कुर्सी तक पहुंची।
पढ़ाई छोड़कर राजनीति में उतरे इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत में प्रधानमंत्री ने इनका स्वागत किया।

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| पढ़ाई छोड़कर राजनीति में उतरे इटली के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी भारत में प्रधानमंत्री ने इनका स्वागत किया। |
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| मदर टेरेसा के ‘मदर हाउस’ में की प्रार्थना, बच्चों से भी मिले। |
Uttar Pradesh यूपी (UP) के सभी कॉलेज और यूनिवर्सिटी में लागू होगा ड्रेस कोड।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए निर्देश, नए सत्र से लागू हो सकती है व्यवस्था।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति Anandiben Patel ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए ड्रेस कोड लागू करने के निर्देश दिए हैं। 
उत्तर प्रदेश में ड्रेस कोड लागू।
राजभवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुशासन, समानता और एकरूपता बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म व्यवस्था जरूरी है।
राज्यपाल के निर्देश के बाद अब प्रदेश के विश्वविद्यालय और कॉलेज अपने स्तर पर यूनिफॉर्म का रंग, डिजाइन और नियम तय करेंगे। बताया जा रहा है कि नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
बैठक में राज्यपाल ने शिक्षकों को भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे गुरु की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने समय पर कक्षाएं लेने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कॉलेजों में रोजगारपरक और वोकेशनल कोर्स शुरू करने पर भी जोर दिया गया। इनमें GST, अकाउंटेंसी, ब्यूटीशियन, मेहंदी, बिंदी निर्माण और मिलेट आधारित व्यंजन जैसे कोर्स शामिल किए जाएंगे।
राज्यपाल ने सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष समितियां बनाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि विद्यार्थी बिना डर अपनी शिकायतें रख सकें।
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| 136 साल पुरानी गौरीपुर जामे मस्जिद हटाने की तैयारी। |
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| शुभेंदु अधिकारी ने गौरी पुत्र जामे मस्जिद को हटाने की तैयारी कर रहे हैं। |
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| दस दिनों में तीसरी बार पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़े। |
नई दिल्ली/दुर्गापुर। आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। देशभर में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है। तेल कंपनियों ने 23 मई 2026 को पेट्रोल के दाम में करीब 87 पैसे और डीज़ल में 91 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।
नई कीमतों के बाद राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 प्रति लीटर और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य शहरों, जिनमें दुर्गापुर भी शामिल है, वहां भी ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बताया जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारत में ईंधन महंगा हो रहा है। सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती आयात लागत के चलते कीमतों में संशोधन जरूरी हो गया था।
विशेषज्ञों के अनुसार, मई महीने में अब तक पेट्रोल-डीजल करीब ₹5 प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है। लगातार बढ़ती कीमतों का असर परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
इस बीच विपक्ष ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और बढ़ती महंगाई को लेकर आम जनता पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है।
24 मई। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले 10 दिनों में तीसरी बार दाम बढ़ने के बाद जहां जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर तेल की कालाबाजारी करने वालों की चांदी हो रही है।
ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में कई जगहों पर अधिक दाम पर पेट्रोल-डीजल बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ लोग तेल का स्टॉक जमा कर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ती कीमतों का फायदा उठाकर अवैध कारोबार करने वाले सक्रिय हो गए हैं। खासकर छोटे कस्बों और हाईवे क्षेत्रों में बोतलों और ड्रमों में खुलेआम महंगे दामों पर तेल बेचा जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और घरेलू स्तर पर लगातार मूल्य वृद्धि ने कालाबाजारी को बढ़ावा दिया है। यदि प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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भर्ती विज्ञापन और नियुक्ति तिथि पर टिका है पूरा मामला |
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| Panjab kings won the toss and opt to bowl. |
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| रेल भवन,रेलवे बोर्ड चैयरमेन और पुर्णिया संसद पप्पू यादव रेलवे कुली से संबंधित बातचीत की। |
विषय: BRICS G7
पूरा नाम Brazil, Russia, India, China, South Africa + नए सदस्य Group of Seven.
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| प्रकृति उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह विकसित देशों का समूह. |
स्थापना 2009 1975:
सदस्य देश Brazil, Russia, India, China, South Africa, Egypt, Ethiopia, Iran, United Arab Emirates, Indonesia United States, United Kingdom, Canada, France, Germany, Italy, Japan
मुख्य उद्देश्य आर्थिक सहयोग, वैश्विक शक्ति संतुलन वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक नेतृत्व
विश्व GDP में हिस्सा लगभग 35%+ (PPP आधार पर अधिक) लगभग 29–30%
जनसंख्या दुनिया की लगभग 45%+ आबादी लगभग 10% आबादी
प्रमुख ताकत जनसंख्या, संसाधन, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था तकनीक, वित्त, सैन्य और वैश्विक प्रभाव।
प्रमुख मुद्रा प्रभाव डॉलर निर्भरता कम करने की कोशिश अमेरिकी डॉलर आधारित वैश्विक वित्त व्यवस्था
बैंक New Development Bank कोई अलग बैंक नहीं
राजनीतिक रुख बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था पश्चिमी गठबंधन आधारित व्यवस्था।
भारत के लिए क्या महत्वपूर्ण है?
India दोनों समूहों के साथ संबंध बनाए रखता है,BRICS में भारत विकासशील देशों की आवाज़ मजबूत करता है। G7 देशों के साथ भारत तकनीक, निवेश और रक्षा सहयोग बढ़ाता है।
इसी कारण भारत “Strategic Balance” की नीति अपनाता है।
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बड़ी आबादी और विशाल बाजार. |
चीन और भारत जैसी तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
डॉलर के विकल्प पर काम
सदस्य देशों के बीच राजनीतिक मतभेद
अलग-अलग आर्थिक मॉडल
सैन्य गठबंधन की कमी
चीन का अधिक प्रभाव होने की चिंता
G7 की ताकत
NATO जैसे सैन्य सहयोग
डॉलर और यूरो का वैश्विक प्रभुत्व
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर मजबूत प्रभाव
G7 की चुनौतियाँ:
जनसंख्या कम और वृद्ध होती आबादी
कई अर्थव्यवस्थाओं की धीमी विकास दर
चीन और BRICS का बढ़ता प्रभाव।